{"_id":"5d5028c18ebc3e6ce212b65a","slug":"police-arrested-wanted-criminal-rajkumar-babariya-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नाम बदलकर आगरा में छिपा था बाबरिया, पुलिस ने किया गिरफ्तार, ऐसे करता था वारदात","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नाम बदलकर आगरा में छिपा था बाबरिया, पुलिस ने किया गिरफ्तार, ऐसे करता था वारदात
Mon, 12 Aug 2019 12:27 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 12 Aug 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
कुख्यात बदमाश राजकुमार बाबरिया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा रेंज साइबर क्राइम यूनिट ने रविवार को बाबरिया गिरोह के सरगना राजकुमार बाबरिया को बोदला-वायु विहार रोड से गिरफ्तार किया है। उसके पास से सोने और चांदी के जेवरात, नशीला पाउडर, मोबाइल फोन और घटनाओं में प्रयुक्त सामान बरामद किया है। वो पहचान छिपाकर शहर में रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, राजकुमार बाबरिया उर्फ राजकुमार लोधी मूलरूप से ग्राम आजाद नगर, थाना चिकसाना, भरतपुर (राजस्थान) का रहने वाला है। वो शारदा विहार कालोनी, गांव दहतोरा, सिकंदरा में रह रहा था। उसने अपने साथियों के नाम पूनम पुत्र भूप सिंह बाबरिया, नरेश, कल्लू और सोनू बताए। हैं। पूनम और कल्लू राजकुमार के चचेरे भाई हैं।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो ऐसे घरों को निशाना बनाते हैं, जिसमें घरवालों की उपस्थिति होती है। वारदात के दौरान लोगों पर बेहोशी का पाउडर डाल देते हैं, जिससे वो अचेत हो जाएं। जेवरात भरतपुर और पलवल के सुनारों को बेचते हैं। इसके अतिरिक्त सोने और चांदी के जेवरात राजस्थान और हरियाणा में गोल्ड लोन लेने में भी प्रयोग किए जाने की जानकारी भी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, राजकुमार बाबरिया उर्फ राजकुमार लोधी मूलरूप से ग्राम आजाद नगर, थाना चिकसाना, भरतपुर (राजस्थान) का रहने वाला है। वो शारदा विहार कालोनी, गांव दहतोरा, सिकंदरा में रह रहा था। उसने अपने साथियों के नाम पूनम पुत्र भूप सिंह बाबरिया, नरेश, कल्लू और सोनू बताए। हैं। पूनम और कल्लू राजकुमार के चचेरे भाई हैं।
विज्ञापन
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो ऐसे घरों को निशाना बनाते हैं, जिसमें घरवालों की उपस्थिति होती है। वारदात के दौरान लोगों पर बेहोशी का पाउडर डाल देते हैं, जिससे वो अचेत हो जाएं। जेवरात भरतपुर और पलवल के सुनारों को बेचते हैं। इसके अतिरिक्त सोने और चांदी के जेवरात राजस्थान और हरियाणा में गोल्ड लोन लेने में भी प्रयोग किए जाने की जानकारी भी दी।
विज्ञापन
ये सामान हुआ बरामद
पुलिस इसकी जांच कर रही है। आरोपी से सोने, चांदी के जेवरात, एक किलोग्राम नशीला पाउडर, चोरी और लूट के मोबाइल फोन, बाबरिया अपराधियों की फोटोग्राफ बरामद की हैं। दो साल पहले अलबतिया में डकैती के दौरान राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। मगर, उसने अपना नाम और पता गलत बताया। इसका फायदा उठाकर फर्जी तरीके से जमानत पर बाहर आ गया था। तब से वारदात कर रहा था।
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे पिता और भाई
अभियुक्त राजकुमार बाबरिया के पिता शैतान सिंह उर्फ नत्थीलाल बाबरिया की 25 वर्ष पहले थाना मलपुरा क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। भाई राकेश उर्फ बाबू थाना रकाबगंज क्षेत्र में बार एसोसियेशन के पदाधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या सहित डकैती में सम्मिलित था।
राकेश उर्फ बाबू हरियाणा में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। राजकुमार के तीन सगे चाचा पन्नेलाल, मुन्ना और भूप सिंह बाबरिया ग्वालियर में डकैती की वारदातों में वांछित हैं। पन्नेलाल आगरा से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था, जिसकी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे पिता और भाई
अभियुक्त राजकुमार बाबरिया के पिता शैतान सिंह उर्फ नत्थीलाल बाबरिया की 25 वर्ष पहले थाना मलपुरा क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। भाई राकेश उर्फ बाबू थाना रकाबगंज क्षेत्र में बार एसोसियेशन के पदाधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या सहित डकैती में सम्मिलित था।
राकेश उर्फ बाबू हरियाणा में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। राजकुमार के तीन सगे चाचा पन्नेलाल, मुन्ना और भूप सिंह बाबरिया ग्वालियर में डकैती की वारदातों में वांछित हैं। पन्नेलाल आगरा से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था, जिसकी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।