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पंचायत का फरमान : दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद

Fri, 24 Jul 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Fri, 24 Jul 2015 01:52 AM IST
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 Panchayat Boycott two families in jaingara
थाना कागारौल के गांव जैंगारा में पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया। मकान पर कब्जे का विरोध करने वाले दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर दिया। आटा-दूध से लेकर बच्चों के स्कूल जाने तक पर पाबंदी लगा दी। मदद करने गांव का कोई व्यक्ति आएगा तो उसे भी 1100 रुपयेे के जुर्माने से दंडित करने का फरमान सुनाया गया। दबंगों की दहशत के आगे कोई बोलने को तैयार नहीं है। पीड़ित पांच दिन से घर में कैद रहने को मजबूर हैं। गुरुवार को दोनों परिवार की महिलाएं और अन्य लोग एसएसपी आफिस पहुंचे और कार्रवाई की गुहार लगाई।
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गांव के शिव सिंह और भरत सिंह रिश्तेदार हैं। दोनों ने गांव के बल्देव (परिवर्तित नाम) से सन 1998 में मकान का बैनामा कराया था। दोनों ने आधा-आधा हिस्सा अपने नाम कराया था। बल्देव ने मकान खाली नहीं किया। इस पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद सन 2001 में पुलिस ने मकान पर कब्जा दिलाया। नवंबर 2014 में बल्देव के बेटे की मौत हो गई। शिव सिंह की पत्नी तुलसा देवी का आरोप है कि बल्देव ने बेटे की मौत की बात कहते मकान में कुछ दिन फिर रहने का आग्रह किया था। उन्होंने मकान में रहने दिया। इसके बाद से वह मकान को खाली नहीं कर रहा है। जून में बल्देव पक्ष से मकान खाली करने को बोला तो उन्होंने दबंगई शुरू कर दी। दो जुलाई को मामले की शिकायत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से की। एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने लेखपाल से जांच कराई। अवैध कब्जे की बात सामने आने पर अधिकारी मकान खाली कराने पहुंचे, लेकिन आरोपी पक्ष ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस पर टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद दबंग ने मकान के एक हिस्से में खाली जमीन पर दीवार खड़ी करवाना शुरू कर दिया। पुलिस से निर्माण रुकवाया जा सका। इससे बौखलाकर दबंग परिवार के कहने पर पांच दिन पहले गांव के लोगों ने पंचायत बुलाई। इसमें तुलसा देवी पक्ष की सुनवाई नहीं हुई। उल्टा तुगलकी फरमान सुना दिया गया।
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जुर्माने के डर से पूरे गांव ने किसान परिवार से नाता तोड़ा
आगरा। गांव जैंगारा में पंचायत के फरमान के बाद किसान शिव सिंह और भरत सिंह का परिवार दहशत में है। उन्हें डर है कि दबंग परिवार उन पर हमला बोल सकता है। घर से निकलने पर पाबंदी लगा रखी है। अगर, खेतों में शौच के लिए जाते हैं तो ग्रामीण भगा देते हैं। ऐसे में उन्हें घर में कैद होकर रहना पड़ रहा है।
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पंचायत में फरमान सुनाया गया कि दोनों परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया जाए। दुकान से खाद्य सामग्री न दी जाए। नल और कुएं से पानी न भरने दें। बच्चों को किसी स्कूल में नहीं पढ़ने दें। खेतों को ट्यूबवेल से पानी नहीं दिया जाए। अगर, कोई मदद करता है तो उस पर 1100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पूरे गांव ने उन्हें अलग कर दिया है। किसी से मदद मांगते हैं तो डर के कारण कोई भी आगे नहीं आता है। शिव सिंह की पत्नी तुलसा देवी ने बताया कि अगर गांव से बाहर चले जाएंगे तो परिवार कहां रहेगा। उनके पास रोजीरोटी का भी कोई साधन नहीं, जिससे गुजारा कर सकें। खेतों पर भी पानी नहीं लगाने दे रहे हैं। इस कारण फसल भी बर्बाद होने के कगार पर है। पुलिस ने अगर कार्रवाई नहीं की तो कोई बड़ी घटना उनके साथ हो सकती है। उन्होंने सुरक्षा की मांग की है।


एसओ कागारौल को सौंपी जांच
गुरुवार की तड़के छुपकर पीड़ित परिवार के लोग गांव से बाहर निकल आए। इसके बाद एसएसपी आफिस पहुंचे। शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएसपी ने एसओ कागारौल को जांच के आदेश किए हैं। एसओ ने बताया कि मकान में वृद्ध दंपति रहते हैं। जमीन के मामले में पुलिस सीधे दखल नहीं दे सकती। मामले में तहसील की टीम से जांच कराई जाएगी।
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