फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   nipper on charged officer about shalindra

दागी अफसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी

Fri, 12 Jun 2015 02:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Fri, 12 Jun 2015 02:38 AM IST
विज्ञापन
nipper on charged officer about shalindra

विज्ञापन
शासन तक में हड़कंप मचा देने वाले इस सनसनीखेज मामले की जांच के लिए डीजीपी एके जैन ने आगरा रेंज की डीआईजी लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। इससे पहले पुुलिस केस डायरी में पर्चे तक नहीं काट रही थी। साक्ष्य भी जांच में शामिल नहीं किए गए थे।
एसआईटी ने दो दिन में चार पर्चे काटे हैं। पहले सिर्फ शैलेंद्र की जालसाजी की जांच हो रही थी। अब इसमें अधिकारियों की भूमिका की जांच भी शामिल कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ मिले साक्ष्य केस डायरी में लिखे जाएंगे। इन सुबूतों को इसके साथ नत्थी करके कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें सात-आठ दिन से ज्यादा का समय नहीं लगेगा। शासन भी इस जांच पर अपनी नजर बनाए हैं।
इसके बाद अदालत के निर्देश पर पुलिस आगे बढ़ेगी। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि कोर्ट के सामने साक्ष्य रखने के दो फायदे होंगे। एक तो इनसे छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। दूसरा साक्ष्यों के आधार पर अदालत जो निर्देश देगी, उसके अनुसार कार्रवाई करना आसान होगा। इससे पहले शैलेंद्र अग्रवाल को एक बार फिर रिमांड पर लेकर इन साक्ष्यों के बाबत पूछताछ की जाएगी।
किसके खिलाफ क्या साक्ष्य ?
--। एसएमएस - दो पूर्व डीजीपी ने शैलेंद्र को एसएमएस किए हैं। एक ने दारोगा पोस्टिंग का रेट सात लाख फिक्स किया तो दूसरे ने प्रमोशन का 20 लाख। ये एसएमएस सीबीआई की टेक्निल विंग ने डिकोड कर पुलिस को दिए हैं।
--। कैश ट्रांजिक्शन -  एक पूर्व डीजीपी और आगरा में डीएम रहे एक आईएएस को शैलेंद्र अग्रवाल ने अपने मथुरा के बैंक एकाउंट से पैसा ट्रांसफर कर रखा है।  इसका रिकार्ड पुलिस ने शैलेंद्र के बैंक खातों की जांच से निकाला है।
--। कॉल डिटेल   - जालसाज की कॉल डिटेल में तीन पूर्व डीजीपी, एक वर्तमान आईजी, दो आईएएस के नंबर हैं। (यह रिकार्ड भी पुलिस को सीबीआई की टेक्निल विंग की मदद से मिल पाया है)
--। इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट - शैलेंद्र से हुई पूछताछ में रेप की जांच ट्रांसफर कराने के लिए एक तत्कालीन डीजीपी को 22 लाख और आगरा के तत्कालीनआईजी को आठ लाख देने की बात सामने आई है।
--। डायरी - जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल की डायरी में कई अधिकारियों के साथ पैसे के लेन देने का ब्योरा है। इसमें अधिकारियों को 36 फीसदी ब्याज देने की बात भी लिखी हुई है।



विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed