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एनएच-2 पर कदम कदम पर ‘मौत के कट’
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:04 AM IST
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तीन किलोमीटर के भीतर एक दर्जन से अधिक कट
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल हाईवे-2 पर तीन किलोमीटर के रास्ते में एक दर्जन से अधिक कट हादसों का सबब बने हुए हैं। कटों के कारण हाईवे पर वाहन फंसते हैं, जाम लगता है। स्कूली वाहनों के साथ ही दिल्ली की ओर से आने वाले पर्यटकों के वाहन भी फंसे रहते हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस ओर से आंखें मूंद रखी हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों पर तो आसपास के लोगों ने अपनी सुविधा के लिए कट खोल दिए हैं। हाईवे की मोबाइल टीम भी नदारद रहती है।
कदम कदम पर बने हैं मौत के कट
सिकंदरा चौराहे पर अकबर टूम स्मारक के सामने ही अवैध कट बना रखा है। इस कट से वाहन तेजी से यू टर्न लेते हैं। इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। सिकंदरा थाने के सामने बने कट पर हमेशा जाम लगा रहता है। इसी तरह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सामने कट बना हुआ। इसके चंद कदम की दूरी पर जयराम मार्बल्स के सामने कट, 300 मीटर की दूरी पर ट्रांसपोर्ट नगर का कट, लायर्स कालोनी का कट, भगवान टाकीज से आगे अबू उलाह की दरगाह के पास कट हादसों का सबब बन गया है। यहां सर्विस रोड से आने वाले वाहन हाईवे से उतरने वाले वाहनों से टकराते हैं। कटों के कारण ही हाईवे पर पूरे दिन जाम लगता है। एनएचएआई के अफसरों का ध्यान इस ओर नहीं है।
तीन साल से बदहाल है हाईवे
तकरीबन तीन साल पहले एनएचएआई ने हाईवे-2 पर रुनकता चौराहा, खंदारी, सुल्तानगंज की पुलिया, वाटर वर्क्स चौराहे पर फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य शुरू करवाया था। तभी से एनएच-2 का सफर खतरनाक हो गया। डायवर्जन प्वाइंट के नाम पर हाईवे पर जगह-जगह कट बनाकर रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए गए। रही सही कसर सिक्सलेन प्रोजेक्ट के काम ने पूरी कर दी। सिक्सलेन के कारण हाईवे के दोनों ओर मिट्टी के ढेर लगा दिए हैं। यहां पूरे दिन धूल के गुबार उड़ते हैं। जरा सी बारिश होने पर हाईवे पर फिसलन हो जाती है। चिकनी मिट्टी पूरी सड़क पर बिखर जाती है। रुनकता से लेकर वाटर वर्क्स चौराहे तक कहीं भी ऐसा नहीं लगता है कि ये नेशनल हाईवे है।
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स्पीड ब्रेकर और होर्डिंग की भरमार
सड़क परिवहन मंत्रालय के साफ निर्देश हैं कि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को बाधित करने वाले स्पीड ब्रेकर नहीं होने चाहिए। इसके बाद भी हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बना रखे हैं। ब्रेकर भी मानकों के अनुरूप नहीं है। ऊंचे नीचे और ऊबड़ खाबड़ अवरोधकों के कारण गाड़ियां खराब हो रही हैं। दोपहिया वाहन चालकों को कमर में दर्द की शिकायत हो रही है। इसी तरह हाईवे पर जगह-जगह होर्डिंग भी लगे हुए हैं।
हाईवे-2 पर कई पुलों के साथ ही सिक्सलेन का काम भी तेजी से चल रहा है। निर्माण की स्थिति में होने के कारण हाईवे के तकरीबन चार किलोमीटर के रास्ते में दिक्कतें हैं। सिक्सलेन प्रोजेक्ट का काम पूरा होने पर सभी कट बंद कर दिए जाएंगे। कहीं भी रफ्तार में बाधा नहीं आएगी। जो अवैध कट लोगों ने बना लिए हैं, उन्हें जल्द बंद कराया जाएगा।
-मोहम्मद शफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, फरीदाबाद।
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कदम कदम पर बने हैं मौत के कट
सिकंदरा चौराहे पर अकबर टूम स्मारक के सामने ही अवैध कट बना रखा है। इस कट से वाहन तेजी से यू टर्न लेते हैं। इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। सिकंदरा थाने के सामने बने कट पर हमेशा जाम लगा रहता है। इसी तरह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सामने कट बना हुआ। इसके चंद कदम की दूरी पर जयराम मार्बल्स के सामने कट, 300 मीटर की दूरी पर ट्रांसपोर्ट नगर का कट, लायर्स कालोनी का कट, भगवान टाकीज से आगे अबू उलाह की दरगाह के पास कट हादसों का सबब बन गया है। यहां सर्विस रोड से आने वाले वाहन हाईवे से उतरने वाले वाहनों से टकराते हैं। कटों के कारण ही हाईवे पर पूरे दिन जाम लगता है। एनएचएआई के अफसरों का ध्यान इस ओर नहीं है।
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तीन साल से बदहाल है हाईवे
तकरीबन तीन साल पहले एनएचएआई ने हाईवे-2 पर रुनकता चौराहा, खंदारी, सुल्तानगंज की पुलिया, वाटर वर्क्स चौराहे पर फ्लाईओवरों का निर्माण कार्य शुरू करवाया था। तभी से एनएच-2 का सफर खतरनाक हो गया। डायवर्जन प्वाइंट के नाम पर हाईवे पर जगह-जगह कट बनाकर रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए गए। रही सही कसर सिक्सलेन प्रोजेक्ट के काम ने पूरी कर दी। सिक्सलेन के कारण हाईवे के दोनों ओर मिट्टी के ढेर लगा दिए हैं। यहां पूरे दिन धूल के गुबार उड़ते हैं। जरा सी बारिश होने पर हाईवे पर फिसलन हो जाती है। चिकनी मिट्टी पूरी सड़क पर बिखर जाती है। रुनकता से लेकर वाटर वर्क्स चौराहे तक कहीं भी ऐसा नहीं लगता है कि ये नेशनल हाईवे है।
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स्पीड ब्रेकर और होर्डिंग की भरमार
सड़क परिवहन मंत्रालय के साफ निर्देश हैं कि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार को बाधित करने वाले स्पीड ब्रेकर नहीं होने चाहिए। इसके बाद भी हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बना रखे हैं। ब्रेकर भी मानकों के अनुरूप नहीं है। ऊंचे नीचे और ऊबड़ खाबड़ अवरोधकों के कारण गाड़ियां खराब हो रही हैं। दोपहिया वाहन चालकों को कमर में दर्द की शिकायत हो रही है। इसी तरह हाईवे पर जगह-जगह होर्डिंग भी लगे हुए हैं।
हाईवे-2 पर कई पुलों के साथ ही सिक्सलेन का काम भी तेजी से चल रहा है। निर्माण की स्थिति में होने के कारण हाईवे के तकरीबन चार किलोमीटर के रास्ते में दिक्कतें हैं। सिक्सलेन प्रोजेक्ट का काम पूरा होने पर सभी कट बंद कर दिए जाएंगे। कहीं भी रफ्तार में बाधा नहीं आएगी। जो अवैध कट लोगों ने बना लिए हैं, उन्हें जल्द बंद कराया जाएगा।
-मोहम्मद शफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, फरीदाबाद।