विज्ञापन
विज्ञापन

लेबोरेट्री में सुलझेगी गोलीकांड की गुत्थी

अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Thu, 23 Jun 2016 01:54 AM IST
10 दिन में उठ जाएगा राजकुमार की मौत के रहस्य से पर्दा
10 दिन में उठ जाएगा राजकुमार की मौत के रहस्य से पर्दा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ख़बर सुनें
भरतपुर हाउस के हाईप्रोफाइल गोलीकांड की बुरी तरह उलझी गुत्थी सुलझाने में नाकाम रही पुलिस अब फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की मदद लेगी। फील्ड यूनिट ने घटना के थोड़ी देर बाद ही राजकुमार, संजीव और रवि के गन शॉट रिजिड्यू (जीएसआर) ले लिए थे। इन्हें परीक्षण के लिए लैब भेजा गया है। बेलेस्टिक यूनिट में इनके टेस्ट से साफ हो सकता है कि राजकुमार को गोली कैसे लगी।
विज्ञापन
20 जून की दोपहर 12:30 बजे जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की कोठी में गोलीकांड हुआ था। कुल चार गोलियां चली थीं। दो गोलियां संजीव की पीठ में लगी थीं। एक गोली राजकुमार के सिर में। एक गोली कहीं और जाकर लगी। पुलिस मान रही है कि संजीव की पीठ में गोली राजकुमार ने मारी।
उनके पास ही उनका लाइसेंसी रिवाल्वर पड़ा मिला था। लेकिन यह साफ नहीं हो पा रहा है कि राजकुमार को गोली कैसे लगी? उन्हें संजीव ने घायल होने के बाद उनका रिवाल्वर छीनकर गोली मारी? या उनके पास अपना रिवाल्वर था, जिससे फायर किया। या फिर राजकुमार ने खुद को गोली मार ली। मौके पर सबसे पहले कोठी के बाहर खड़ा संजीव का ड्राइवर रवि शर्मा पहुंचा था। पुलिस उससे तीन दिन से पूछताछ कर रही है।
पुलिस केमुताबिक ,उसका कहना है, वह जब कोठी के गेट पर पहुंचा तो संजीव घायल पड़े थे, वह उन्हें डाक्टर के पास ले गया। संजीव से भी पूछताछ हो चुकी है। वह कह रहे हैं कि उन्हें गोली राजकुमार ने मारी। इसके बाद उन्हें कुछ पता नहीं। राजकुमार के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई। इसमें ब्लैकनिंग या टेटोइंग नहीं आई, मतलब गोली लगने और निकलने की जगह पर जलने या झुलसने के निशान नहीं थे। पुलिस ने बताया कि इसका अर्थ यह होता है कि गोली कुछ दूरी से मारी गई। लेकिन इस रिपोर्ट पर भरोसा इसलिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि गोली लगने और निकलने के निशान पर टांके लगे थे। मरहम भी लगाया गया था। इसके चलते निशान स्पष्ट नहीं था।

वर्जन : पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तस्वीर साफ नहीं हुई है, इसलिए जीएसआर को फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया गया है, इससे सही जानकारी मिल सकती है, रिवाल्वर का भी बेलेस्टिक टेस्ट कराया जाएगा। - सुशील घुले ( एसपी सिटी )

एफएसएल पर नजर
1. अगर सिर्फ राजकुमार के जीएसआर में बारूद मिला तो माना जाएगा कि उन्होंने संजीव को गोली मारने के बाद सुसाइड कर लिया था।
2. अगर राजकुमार और संजीव दोनों के जीएसआर में बारूद मिला तो माना जाएगा कि पहले राजकुमार ने संजीव को गोली मारी, फिर संजीव ने राजकुमार को।
3. अगर राजकुमार और रवि के जीएसआर में बारूद मिला और संजीव के नहीं, तो इसका मतलब होगा कि रवि ने ही राजकुमार को गोली मारी थी।

क्या है जीएसआर
किसी असलाह से गोली चलते वक्त बारूद के कण निकलते हैं। यह चलाने वाले के हाथ में लग जाते हैं। हाथ को पानी से धोया जाता है तो उसके साथ बारूद के कण आ जाते हैं। जिस पर गोली चलाने का शक होगा, उसके हाथ को धोकर बीकर में पानी एकत्र किया जाता है। इसका ही परीक्षण होता है। इसे ही गन शॉट रिजिड्यू (जीएसआर) कहते हैं।

ऐसे होगा परीक्षण
फोरेंसिक साइंस लैब की बेलेस्टिक यूनिट तीनों के जीएसआर का परीक्षण करेगी। इसी से पता चलेगा कि किस किसके हाथ में बारूद के कण लगे थे। उसने ही गोली चलाई होगी। इसमें कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है।

रिवाल्वर का भी टेस्ट होगा
पुलिस ने राजकुमार और संजीव के लाइसेंसी रिवाल्वर एफएसएल भेजे हैं। बेलेस्टिक यूनिट टेस्ट करके बताएगी कि इनसे गोली चली या नहीं। संजीव के आपरेशन के दौरान निकली दोनों बुलेट भी टेस्ट के लिए भेजी जाएंगी। इससे पता चलेगा कि गोलियां किस रिवाल्वर से चलाई गई थीं।

खून की बूंदों से भी मिलेगा सुराग

आगरा। फील्ड यूनिट से मौका ए वारदात पर कई जगह से खून की बूंदों के सैंपल लिए थे। एक जगह घायल अवस्था में राजकुमार पड़े थे। उनसे थोड़ी दूरी पर भी काफी खून था। माना जा रहा है कि यहां संजीव गिरे थे। राजकुमार के पास मिली खून की बूंदों का ब्लड ग्रुप टेस्ट कराया जाएगा। अगर यह सिर्फ राजकुमार के ब्लड ग्रुप की निकली तो कोई खास बात नहीं है। लेकिन अगर इनमें संजीव का ब्लड ग्रुप भी निकला तो माना जाएगा कि वे गोली लगने के बाद राजकुमार के पास गए थे। उन्होंने बताया था कि वे गोली लगते ही गेट की ओर भागे। अगर दोनों का ब्लड ग्रुप एक मिला तो लखनऊ लैब में डीएनए टेस्ट भी कराया जा सकता है। 
विज्ञापन

Recommended

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Agra

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला होगा, वो हमें मंजूर: मौलाना हसन मदनी

हसन मदनी ने कहा कि अयोध्या विवाद पर उच्चतम न्यायालय का जो भी फैसला होगा, वो हमें मंजूर होगा।

14 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

जल्द बदलेगी इन तीन सरकारी बैंकों की पहचान, देखें कारोबार और टेक की बड़ी खबरें

तीन सरकारी बैंकों पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के विलय के बाद बनने वाले बैंक को नया नाम मिल सकता है। साथ ही उसको नया लोगो भी मिल सकता है।

14 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree