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एक महीने सड़कों पर भटका ये आशिक, फिर जहर खाकर दे दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 27 Jun 2017 09:22 PM IST
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आत्महत्या
- फोटो : file
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मुरादाबाद के इंटर कालेज में लिपिक हितेश कुमार यादव (30) ने सोमवार देर रात आईएसबीटी पर विषाक्त पदार्थ खा लिया। एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। उसकी जेब से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है।
इसमें उसने आत्महत्या के लिए आगरा के नगला पदी में रहने वाली प्रेमिका के परिवार को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज किया जाएगा।
मृत्यु से पूर्व दिए गए बयान में हितेश ने पुलिस को बताया, प्रेमिका कुशवाहा बिरादरी की है। वह अपनी रिश्तेदारी में दो साल पहले मुरादाबाद आई थी। वहीं पर उसने पढ़ाई की थी। वह भी उस समय मुरादाबाद में एक कंपनी में काम करता था। उसी दौरान उससे प्यार हो गया। दोनों एक साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहे।
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इसके बाद उसने उसके परिवार से शादी की बात की तो वे राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि वे दूसरी बिरादरी में बेटी की शादी नहीं कर सकते। वे उसे लेकर आगरा आ गए। उसने पुलिस को बताया कि, जब उससे रहा नहीं गया तो वह 26 मई को आगरा उससे मिलने के लिए आया लेकिन उसके परिवारवालों ने उसे मिलने नहीं दिया।
उसके पैसे खत्म हो गए तो वह 25 दिन तक कभी रेलवे स्टेशन तो कभी बस अड्डे पर सोया। सुसाइड नोट में लिखा कि वह जब भी उसके घर जाता उसे धक्के दिए जाते। वह प्रेमिका के दरवाजे पर जाकर चिल्लाया लेकिन वह बाहर नहीं निकली। उसने दिल तोड़ दिया तो जीने की तमन्ना ही नहीं रही।
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इसमें उसने आत्महत्या के लिए आगरा के नगला पदी में रहने वाली प्रेमिका के परिवार को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज किया जाएगा।
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मृत्यु से पूर्व दिए गए बयान में हितेश ने पुलिस को बताया, प्रेमिका कुशवाहा बिरादरी की है। वह अपनी रिश्तेदारी में दो साल पहले मुरादाबाद आई थी। वहीं पर उसने पढ़ाई की थी। वह भी उस समय मुरादाबाद में एक कंपनी में काम करता था। उसी दौरान उससे प्यार हो गया। दोनों एक साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहे।
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इसके बाद उसने उसके परिवार से शादी की बात की तो वे राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि वे दूसरी बिरादरी में बेटी की शादी नहीं कर सकते। वे उसे लेकर आगरा आ गए। उसने पुलिस को बताया कि, जब उससे रहा नहीं गया तो वह 26 मई को आगरा उससे मिलने के लिए आया लेकिन उसके परिवारवालों ने उसे मिलने नहीं दिया।
उसके पैसे खत्म हो गए तो वह 25 दिन तक कभी रेलवे स्टेशन तो कभी बस अड्डे पर सोया। सुसाइड नोट में लिखा कि वह जब भी उसके घर जाता उसे धक्के दिए जाते। वह प्रेमिका के दरवाजे पर जाकर चिल्लाया लेकिन वह बाहर नहीं निकली। उसने दिल तोड़ दिया तो जीने की तमन्ना ही नहीं रही।
मुरादाबाद से लाया था जहर की पुड़िया
हरीपर्वत थाना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि प्रेमिका की बेवफाई और उसके परिवारवालों के उत्पीड़न से तंग आकर जान दे रहा हूं। इसके लिए सिर्फ और सिर्फ वे ही लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा न जाए। इंस्पेक्टर का कहना है कि उन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 309 के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
हितेश कुमार मूलरूप से संभल के पोस्ट सिरसी के गांव हंडाल का रहने वाला है। पिता विजय कुमार का निधन हो चुका है। परिवार में सिर्फ मां है। इंस्पेक्टर ने बताया कि उसने मृत्यु से पूर्व दिए बयान में कहा कि वह मुरादाबाद से ही जहर लेकर आया था। उसने सोच रखा था कि अगर प्रेमिका नहीं मिली तो जान दे देगा।
हितेश कुमार मूलरूप से संभल के पोस्ट सिरसी के गांव हंडाल का रहने वाला है। पिता विजय कुमार का निधन हो चुका है। परिवार में सिर्फ मां है। इंस्पेक्टर ने बताया कि उसने मृत्यु से पूर्व दिए बयान में कहा कि वह मुरादाबाद से ही जहर लेकर आया था। उसने सोच रखा था कि अगर प्रेमिका नहीं मिली तो जान दे देगा।