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मथुरा सराफ हत्याकांडः दोस्तों की संगत ने रुपेश को बना दिया बदमाश
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 27 May 2017 10:34 PM IST
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मथुरा लूटकांड का सीसीटीवी
- फोटो : SELF
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मथुरा के बहुचर्चित सराफ हत्याकांड के आरोपी रूपेश ने खुदकुशी यूं ही नहीं की। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। दोस्तों की संगत ने उसे इतना बड़ा बदमाश बना दिया। शायद इसी बात ने उसे अंदर से तोड़ दिया।
मथुरा के एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि रूपेश का कहीं कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। लेकिन, गिरफ्तार बदमाशों से जो जानकारी मिली थी कि उसके आधार पर रूपेश की कहीं न कहीं संलिप्तता जरूर थी। इसी आधार पर उसकी तलाश की जा रही थी।
उसके अलावा एक और नाम सौरभ का है। वह मथुरा के एमएम गेट का रहने वाला है। उसकी भी तलाश की जा रही है। सौरभ और रूपेश रिश्तेदार हैं। सौरभ रूपेश की बुआ का लड़का बताया जा रहा है।
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पुलिस जांच में जो बात सामने आई थी कि रूपेश दो भाई और दो बहन हैं। उसके पिता 18 साल पहले परिवार के साथ मथुरा चले गए थे। आगरा में बिचपुरी का घर बेच दिया था। मथुरा के चौबिया पाड़ा में कई साल रहे।
चौबियापाड़ा में रूपेश की दोस्ती वहां के युवकों से थी। इसी कारण वह रंगा-बिल्ला के गैंग के संपर्क में आ गया होगा। पुलिस ने उसकी मौसी के घर की भी तलाशी ली है। हालांकि वहां से कुछ भी बरामद नहीं हो सका है।
मथुरा स्वाट टीम के प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा ने बताया कि रुपेश के पिता भगवान सिंह उनसे मिलने आए थे। उन्होंने रूपेश के समर्पण की बात कही थी। इस पर वह वकील से राय लेने गए थे। इसके बाद रूपेश ने यह कदम उठा लिया। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह दोस्तों के चक्कर में फंस गया था।
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मथुरा के एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि रूपेश का कहीं कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। लेकिन, गिरफ्तार बदमाशों से जो जानकारी मिली थी कि उसके आधार पर रूपेश की कहीं न कहीं संलिप्तता जरूर थी। इसी आधार पर उसकी तलाश की जा रही थी।
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उसके अलावा एक और नाम सौरभ का है। वह मथुरा के एमएम गेट का रहने वाला है। उसकी भी तलाश की जा रही है। सौरभ और रूपेश रिश्तेदार हैं। सौरभ रूपेश की बुआ का लड़का बताया जा रहा है।
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पुलिस जांच में जो बात सामने आई थी कि रूपेश दो भाई और दो बहन हैं। उसके पिता 18 साल पहले परिवार के साथ मथुरा चले गए थे। आगरा में बिचपुरी का घर बेच दिया था। मथुरा के चौबिया पाड़ा में कई साल रहे।
चौबियापाड़ा में रूपेश की दोस्ती वहां के युवकों से थी। इसी कारण वह रंगा-बिल्ला के गैंग के संपर्क में आ गया होगा। पुलिस ने उसकी मौसी के घर की भी तलाशी ली है। हालांकि वहां से कुछ भी बरामद नहीं हो सका है।
मथुरा स्वाट टीम के प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा ने बताया कि रुपेश के पिता भगवान सिंह उनसे मिलने आए थे। उन्होंने रूपेश के समर्पण की बात कही थी। इस पर वह वकील से राय लेने गए थे। इसके बाद रूपेश ने यह कदम उठा लिया। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह दोस्तों के चक्कर में फंस गया था।