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फतेहपुरसीकरी बवालः भाजपाइयों ने डकैती डाली न किया जानलेवा हमला
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 01 May 2017 10:11 PM IST
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बजरंग दल का थाने में उपद्रव
- फोटो : SELF
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आगरा के थाना सदर एवं फतेहपुर सीकरी में हुए बवाल में फंसे भाजपाइयों के खिलाफ लगी संगीन धाराएं 307 और 395 को हटाने के लिए न्यायालय में मथुरा क्राइम ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट दोनों स्थानों पर क्राइम ब्रांच द्वारा की गई पूछताछ एवं लोगों के बयानों पर मिले साक्ष्यों के आधार पर दी गई है।
आगरा के थाना सदर में बवाल में 32 नामजद एवं 100-150 अज्ञात और फतेहपुर सीकरी में पांच नामजद व 100-150 अज्ञातों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदम दर्ज किया गया था। इन बवालों में भाजपाइयों को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा था। डीआईजी महेश मिश्रा के निर्देश के बाद मथुरा क्राइम ब्रांच को 26 अप्रैल को जांच सौंपी गई। थाना सदर मामले के जांच अधिकारी रघुराज सिंह एवं फतेहपुर सीकरी के जांच अधिकारी प्रदीप कुमार बनाए गए।
क्राइम ब्रांच की टीम आगरा में डेरा डाले रही। क्राइम ब्रांच ने दुकानदारों एवं लोगों से पूछताछ करके बयान लिए। इसके अलावा बवाल में घायल दरोगा एवं पुलिसकर्मी से भी पूछताछ की। सोमवार को क्राइम ब्रांच के दोनों अफसरों ने अलग-अलग कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी। थाना सदर बवाल की जांच कर रहे रघुराज सिंह ने अपनी रिपोर्ट में धारा 395 और 307 को सही नहीं पाया। रिपोर्ट एंटी डकैती कोर्ट में सौंपी है। फतेहपुर सीकरी बवाल की जांच कर रहे प्रदीप कुमार ने आगरा न्यायालय में दी गई रिपोर्ट में धारा 307 हटाने जाने की वकालत की है।
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आगरा के थाना सदर में बवाल में 32 नामजद एवं 100-150 अज्ञात और फतेहपुर सीकरी में पांच नामजद व 100-150 अज्ञातों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदम दर्ज किया गया था। इन बवालों में भाजपाइयों को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा था। डीआईजी महेश मिश्रा के निर्देश के बाद मथुरा क्राइम ब्रांच को 26 अप्रैल को जांच सौंपी गई। थाना सदर मामले के जांच अधिकारी रघुराज सिंह एवं फतेहपुर सीकरी के जांच अधिकारी प्रदीप कुमार बनाए गए।
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क्राइम ब्रांच की टीम आगरा में डेरा डाले रही। क्राइम ब्रांच ने दुकानदारों एवं लोगों से पूछताछ करके बयान लिए। इसके अलावा बवाल में घायल दरोगा एवं पुलिसकर्मी से भी पूछताछ की। सोमवार को क्राइम ब्रांच के दोनों अफसरों ने अलग-अलग कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी। थाना सदर बवाल की जांच कर रहे रघुराज सिंह ने अपनी रिपोर्ट में धारा 395 और 307 को सही नहीं पाया। रिपोर्ट एंटी डकैती कोर्ट में सौंपी है। फतेहपुर सीकरी बवाल की जांच कर रहे प्रदीप कुमार ने आगरा न्यायालय में दी गई रिपोर्ट में धारा 307 हटाने जाने की वकालत की है।
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