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अफसरों की मेहरबानी से कई बार बचा मनोज
अफसरों की मेहरबानी से कई बार बचा मनोज
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:47 AM IST
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अफसरों की मेहरबानी से कई बार बचा मनोज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तेल कारोबारी मनोज गोयल पर अफसरों की मेहरबानी रही। वह कई अधिकारियों का चहेता बताया जाता है। इनमें से एक वरिष्ठ अधिकारी ने उसे पिछले साल जमीन के विवाद में बचाया था। मामला सुल्तानगंज की पुलिया पर करोड़ों की जमीन से जुड़ा था। आरोप था कि उसने करबला की जमीन कब्जा ली। उसके खिलाफ प्रदर्शन किया गया था लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
इसी तरह एक बार वह होटल में पकड़ा गया था। आईओसी के अधिकारी भी साथ थे। आरोप था कि वह अधिकारियों को अय्याशी करा रहा था लेकिन पुलिस ने लिखापढ़ी में कहानी बदल दी थी। मामला होटल में नहीं, सड़क पर दिखाया गया। केस भी कमजोर बनाया गया। इसका उसे फायदा मिला। उसके पेट्रोल पंपों पर अनियमितता पकड़े जाने के मामले में भी यही हुआ। शुरू में अफसर सख्ती दिखाते लेकिन बाद में लिखापढ़ी में कहानी बदल देते। कई बार तो पेट्रोल पंपों पर सील लगाने के बाद कुछ ही दिनों में खोल दी गई। बताया जाता है कि अमरमणि त्रिपाठी के जरिए उसने सत्ता के शीर्ष तक अपनी पैंठ बना रखी है। किसी मामले में फंसने पर पुलिस उस पर आसानी से हाथ नहीं डालती है।
तीन अधिकारियों के साथ फोटो
आगरा। मनोज गोयल ने अपने व्हाट्स एप प्रोफाइल पर जो फोटो लगा रखी है, वह एक समारोह की है। इसमें वह दो आईएएस और एक आईपीएस के साथ खड़ा है। इससे पता चलता है कि उसके अधिकारियों के साथ कितने करीबी रिश्ते हैं।
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पत्नी की हत्या में जेल गया था मनोज
आगरा। वांटेड तेल कारोबारी मनोज गोयल की कुंडली गुनाहों के स्याह रंग से रंगी पड़ी है। वह 1994 में पत्नी संध्या गोयल की हत्या में जेल गया था। संध्या की हत्या जीआईसी मैदान के पास सरेआम गोली मारकर की गई थी। इसमें मनोज के पिता घूरेलाल और छोटे भाई मनीष पर भी केस दर्ज हुआ था।
यह उस समय का बेहद चर्चित किस्सा था। संध्या रसूखदार परिवार की बेटी थी। मनोज को गिरफ्तार कर थाना की हवालात में रखा गया। पुलिस उसके रसूख के प्रभाव में आ गई थी। उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया था। वह जेल में बंद बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी का करीबी बताया जाता है। कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या में उस पर भी उंगली उठी थी। हालांकि लिखा-पढ़ी में उसे आरोपी नहीं बनाया गया।
पिछले साल जुलाई में उसका नाम सारा त्रिपाठी हत्याकांड में आया। सारा की हत्या फिरोजाबाद में हुई थी। उसकी मां सीमा सिंह ने आरोप लगाया कि मनोज भी हत्या की साजिश में शामिल रहा। बता दें, सारा की हत्या गला दबाकर की गई थी।
इसके बाद हत्या को हादसे का रूप देने के लिए लाश को गाड़ी में रखा गया था। गाड़ी में अमरमणि त्रिपाठी का पुत्र और सारा का पति अमनमणि सवार भी था। उसे खरोंच तक नहीं आई थी। मनोज गोयल उसका दोस्त है। वह मौके पर पहुंचा था।
हाल ही में सीबीआई ने अमनमणि के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कुछ और लोग आरोपी बनाए जा सकते हैं। अभी तक मनोज गोयल का नाम लिखा-पढ़ी में नहीं आया है। सीमा सिंह के आरोप को उसने निराधार बताया था।
महिला अधिकारी को पीटा था
आगरा। मनोज कई बार जेल जा चुका है। सबसे पहले पत्नी की हत्या में। इसके बाद दिल्ली में मारपीट केस में। आगरा में एमजी रोड पर तीन साल पहले उसने बैंक की महिला अधिकारी को पीटा था। इसमें भी जेल गया था।
कर्मचारी पर हमले में फंसा
आगरा। मनोज गोयल के पेट्रोल पर कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटा था। उसका गला दबाया गया था। इसमें उसका भतीजा आरोपी है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना ने बताया कि जांच के दौरान मनोज गोयल का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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इसी तरह एक बार वह होटल में पकड़ा गया था। आईओसी के अधिकारी भी साथ थे। आरोप था कि वह अधिकारियों को अय्याशी करा रहा था लेकिन पुलिस ने लिखापढ़ी में कहानी बदल दी थी। मामला होटल में नहीं, सड़क पर दिखाया गया। केस भी कमजोर बनाया गया। इसका उसे फायदा मिला। उसके पेट्रोल पंपों पर अनियमितता पकड़े जाने के मामले में भी यही हुआ। शुरू में अफसर सख्ती दिखाते लेकिन बाद में लिखापढ़ी में कहानी बदल देते। कई बार तो पेट्रोल पंपों पर सील लगाने के बाद कुछ ही दिनों में खोल दी गई। बताया जाता है कि अमरमणि त्रिपाठी के जरिए उसने सत्ता के शीर्ष तक अपनी पैंठ बना रखी है। किसी मामले में फंसने पर पुलिस उस पर आसानी से हाथ नहीं डालती है।
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तीन अधिकारियों के साथ फोटो
आगरा। मनोज गोयल ने अपने व्हाट्स एप प्रोफाइल पर जो फोटो लगा रखी है, वह एक समारोह की है। इसमें वह दो आईएएस और एक आईपीएस के साथ खड़ा है। इससे पता चलता है कि उसके अधिकारियों के साथ कितने करीबी रिश्ते हैं।
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पत्नी की हत्या में जेल गया था मनोज
आगरा। वांटेड तेल कारोबारी मनोज गोयल की कुंडली गुनाहों के स्याह रंग से रंगी पड़ी है। वह 1994 में पत्नी संध्या गोयल की हत्या में जेल गया था। संध्या की हत्या जीआईसी मैदान के पास सरेआम गोली मारकर की गई थी। इसमें मनोज के पिता घूरेलाल और छोटे भाई मनीष पर भी केस दर्ज हुआ था।
यह उस समय का बेहद चर्चित किस्सा था। संध्या रसूखदार परिवार की बेटी थी। मनोज को गिरफ्तार कर थाना की हवालात में रखा गया। पुलिस उसके रसूख के प्रभाव में आ गई थी। उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया था। वह जेल में बंद बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी का करीबी बताया जाता है। कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या में उस पर भी उंगली उठी थी। हालांकि लिखा-पढ़ी में उसे आरोपी नहीं बनाया गया।
पिछले साल जुलाई में उसका नाम सारा त्रिपाठी हत्याकांड में आया। सारा की हत्या फिरोजाबाद में हुई थी। उसकी मां सीमा सिंह ने आरोप लगाया कि मनोज भी हत्या की साजिश में शामिल रहा। बता दें, सारा की हत्या गला दबाकर की गई थी।
इसके बाद हत्या को हादसे का रूप देने के लिए लाश को गाड़ी में रखा गया था। गाड़ी में अमरमणि त्रिपाठी का पुत्र और सारा का पति अमनमणि सवार भी था। उसे खरोंच तक नहीं आई थी। मनोज गोयल उसका दोस्त है। वह मौके पर पहुंचा था।
हाल ही में सीबीआई ने अमनमणि के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कुछ और लोग आरोपी बनाए जा सकते हैं। अभी तक मनोज गोयल का नाम लिखा-पढ़ी में नहीं आया है। सीमा सिंह के आरोप को उसने निराधार बताया था।
महिला अधिकारी को पीटा था
आगरा। मनोज कई बार जेल जा चुका है। सबसे पहले पत्नी की हत्या में। इसके बाद दिल्ली में मारपीट केस में। आगरा में एमजी रोड पर तीन साल पहले उसने बैंक की महिला अधिकारी को पीटा था। इसमें भी जेल गया था।
कर्मचारी पर हमले में फंसा
आगरा। मनोज गोयल के पेट्रोल पर कर्मचारी को बंधक बनाकर पीटा था। उसका गला दबाया गया था। इसमें उसका भतीजा आरोपी है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत थाना ने बताया कि जांच के दौरान मनोज गोयल का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।