फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   man gave poisen to sents in food and ran away after loot

संतों को भोजन में जहर दे लाखों की लूट कर भागा रसोईया

Thu, 22 Jun 2017 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वृंदावन
ब्यूरो/अमर उजाला वृंदावन Updated Thu, 22 Jun 2017 10:24 PM IST
विज्ञापन
man gave poisen to sents in food and ran away after loot
संतों ने पुलिस को अवगत करा दिया - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के परिक्रमा मार्ग वराह घाट स्थित वराह आद्य पीठ के महंत सहित 12 संतों के भोजन में जहरीला पदार्थ मिलाकर रसोईये ने लाखों की लूट कर ली। इसका खुलासा गुरुवार को हुआ। संतों ने पुलिस को अवगत करा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
विज्ञापन


बता दें कि बुधवार की दोपहर भोजन के बाद आद्य वराहपीठ के संतों की हालत बिगड़ गई थी। पता चला है कि भोजन में तीन दिन पूर्व ही पीठ में रहने आए भरत नाम के रसोइये ने विषाक्त मिला दिया था। इसका खुलासा गुरुवार की दोपहर आश्रम के महंत रामप्रवेश दास के होश में आने और उनके करीबी शिष्य श्याम दास के भिंड से वृंदावन पहुंचने के बाद हुआ।  
विज्ञापन


वृंदावन पहुंचे श्याम दास से महंत रामप्रवेश दास ने आश्रम पहुंचकर स्थिति जानने को कहा। श्याम दास अपने साथ कुंवरपाल और जगदीश आदि लोगों के साथ आश्रम पहुंचे और महंत के कमरे की अलमारी की तलाशी ली तो सन्न रह गए। अलमारी से चार लाख रुपये नकद, चांदी का लोटा, 7 चांदी की कटोरी, 12 चांदी के मुकुट, सोने की 8 अंगूठी, चेन और कंठी के साथ ठाकुरजी की वंशी व पायल गायब मिली। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महंत के अनुसार 18 जून को खुद को आगरा के कागारोल का निवासी बताने वाला 30 वर्षीय युवक उनके आश्रम पर आया था, वह आश्रम में सेवा करने की बात कहकर रहने लगा। बुधवार को भरत ने ही भोजन बनाया और सभी को परोसा, जिसके बाद संत बेहोश हो गए। बताया गया कि भरत लाखों के आभूषण और चार लाख की नगदी लेकर चंपत हुआ है। रमणरेती पुलिस ने महंत से जानकारी एकत्रित की है। 

चार संतों की हालत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती

man gave poisen to sents in food and ran away after loot
संतों ने पुलिस को अवगत करा दिया - फोटो : अमर उजाला
महंत रामप्रवेश दास सहित 12 लोगों का उपचार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में स्वामी सुमंत दास के नेतृत्व में चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा है। रात हालत बिगड़ने पर महंत रामप्रवेश दास, ब्रह्मचारी दास और धर्मेंश्वर दास को आईसीयू में भर्ती किया गया सुबह हालत में सुधार होने पर तीनों को वार्ड में शिफ्ट किया। जबकि सुबह हालत बिगड़ने के बाद रामदास, गया प्रसाद दास, केशव दास और शिवदास को आईसीयू में भर्ती किया। उधर, अंगददास, सीतरामदास, खड़ेश्वरदास, रामवीरदास, गंगादास, विनयदास का वार्ड में उपचार चल रहा है।

बता दें कि वराह आद्य पीठ के महंत सहित सभी संतों ने बुधवार को एक साथ भोजन किया। भोजन में पालक मूंग की दाल, लाकी की भाजी, मठा के साथ रोटी का सेवन किया। इस भोजन का सेवन जिसने भी किया, वही बीमार हो गया। संत तो आश्रम में अचेत हो गए, जबकि भवानी शंकर और गिरधारी सुबह खेत पर चले गए इसी कारण बीमार नहीं हुए। रसोईये भरत ने भोजन नहीं किया और बची दाल को आश्रम के बाहर फैंक गया।

अपने को आगरा के कागारोल निवासी बताने वाला भरत वराह आद्य पीठ में आने से पूर्व कई आश्रमों में नौकरी की तलाश में गया था। सुखदाम आश्रम के व्यवस्थापक बाबा बलरामदास ने बताया कि 18 जून से पूर्व एक युवक उनके यहां नौकरी मांगने आया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

वराह आद्य पीठ में चोरी की घटना को अंजाम देने वाला भरत अपने साथ विनयदास के दो मोबाइल भी ले गया। महंत के शिष्य पप्पू चौधरी ने बताया कि भरत के मोबाइल तो बंद हैं, लेकिन विनय के मोबाइल पर घंटी बज रही है। उधर,  ट्रू कॉलर पर भरत, निवासी वृंदावन रमणरेती जानकारी आ रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed