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...जब अपहर्ता बोले योगी और मोदी भी हैं हमारे निशाने पर
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 27 Jul 2017 04:44 PM IST
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अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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झांसी के सराफ राजेंद्र अग्रवाल और राहुल कुमार का अपहरण करने वाले बदमाश पुलिस को गुमराह करना चाहते थे। उन्होंने फिरौती की शुरुआत 30 करोड़ रुपये से की। अगवा कारोबारियों से बार-बार कहा कि वे रवि पुजारी गैंग के हैं।
उनका टारगेट झांसी के कारोबारियों से 200 करोड़ रुपये की वसूली करना है। उनके निशाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी भी हैं। उनकी बातों से कारोबारी बुरी तरह से सहम गए थे। एसटीएफ ने मुक्त हुए कारोबारियों से लंबी पूछताछ की है। इसमें ही दोनों से जानकारी मिली है।
बदमाशों ने कहा था कि झांसी के दो और कारोबारियों का अपहरण करना है। एक विधायक को भी सबक सिखाना है। 13 दिन बदमाशों की कैद में रहे कारोबारियों को उन पर यकीन हो रहा था। जब एसटीएफ ने बताया कि यह विनोद जाट का गैंग है और विनोद बर्खास्त सिपाही है तो उनकी जान में कुछ जान आई।
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उन्होंने एसटीएफ से पहला सवाल ही यह किया था कि क्या उनका अपहरण डी कंपनी के बदमाशों ने किया था। इस बारे में एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी का कहना है कि बदमाशों ने कारोबारियों को दहशत में लेने के लिए कई तरह के झूठ बोले।
कई उल्टी सीधी बातें की। यह उनके प्लान का हिस्सा था। इसी के तहत खुद को डी कंपनी का बता रहे होंगे। उनकी गिरफ्तारी हो जाने पर इस बारे में भी उनसे पूछताछ की जाएगी।
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उनका टारगेट झांसी के कारोबारियों से 200 करोड़ रुपये की वसूली करना है। उनके निशाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी भी हैं। उनकी बातों से कारोबारी बुरी तरह से सहम गए थे। एसटीएफ ने मुक्त हुए कारोबारियों से लंबी पूछताछ की है। इसमें ही दोनों से जानकारी मिली है।
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बदमाशों ने कहा था कि झांसी के दो और कारोबारियों का अपहरण करना है। एक विधायक को भी सबक सिखाना है। 13 दिन बदमाशों की कैद में रहे कारोबारियों को उन पर यकीन हो रहा था। जब एसटीएफ ने बताया कि यह विनोद जाट का गैंग है और विनोद बर्खास्त सिपाही है तो उनकी जान में कुछ जान आई।
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उन्होंने एसटीएफ से पहला सवाल ही यह किया था कि क्या उनका अपहरण डी कंपनी के बदमाशों ने किया था। इस बारे में एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी का कहना है कि बदमाशों ने कारोबारियों को दहशत में लेने के लिए कई तरह के झूठ बोले।
कई उल्टी सीधी बातें की। यह उनके प्लान का हिस्सा था। इसी के तहत खुद को डी कंपनी का बता रहे होंगे। उनकी गिरफ्तारी हो जाने पर इस बारे में भी उनसे पूछताछ की जाएगी।
विनोद को सलाम करते रहे पुलिसवाले
अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
इनोवा कार में विनोद जाट ड्राइवर के बराबर वाली सीट पर दरोगा की वर्दी पहनकर बैठता था। उसे देखकर लोग पुलिस अधिकारी समझते थे। यही वजह रही कि झांसी से आगरा तक लगभग एक हजार किलोमीटर इनोवा कार चली है। कई जगह चेकिंग हो रही थी। विनोद जाट घबराया नहीं। वहीं से गुजरा। दो जगह दो सिपाहियों ने उसे सेल्यूट किया। इस गिरोह को शरण देने वाले दो लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। उनसे इसकी पूरी जानकारी की गई है। एसटीएफ ने उनसे पूछताछ की है।