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खेत में खड़ी फसल कटवाने गई पुलिस पर फायरिंग
खेत में खड़ी फसल कटवाने गई पुलिस पर फायरिंग
Updated Fri, 24 Mar 2017 12:27 AM IST
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खेत में खड़ी फसल कटवाने गई पुलिस पर फायरिंग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राम वास सोना में गुरुवार को एसडीएम के आदेश पर खेतों में खड़ी फसल को कटवाने गई पुलिस पर एक पक्ष के लोगों ने फायरिंग कर दी। ताबड़तोड़ फायरिंग के दौरान मजदूरों और पुलिस ने किसी तरह भागकर जान बचाई। बाद में सर्किल के फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आलू और सरसों की फसल कटवाई। पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश देकर एक युवक को हिरासत में ले लिया है।
खंदौली निवासी मनोज कुमार पुत्र योगेंद्र सिंह सिकरवार का वास सोना निवासी भोलेंद्र पुत्र हरिकेश के बीच लगभग 70 बीघा कच्चे खेत को लेकर वर्षों पुराना विवाद चला आ रहा है। इसके चलते दोनों पक्षों में पूर्व में भी कई बार मारपीट और फायरिंग हो चुकी है। मनोज का कहना है कि उसने खेत में आलू और सरसों की फसल बोई है। जबकि भोलेंद्र पक्ष अपनी दावेदारी कर रहा है। मनोज ने बताया कि काफी समय कोर्ट में मामले चलने के बाद फैसला उसके पक्ष में आया। 25 फरवरी को एसडीएम ने पुलिस को फसल कटवाने के निर्देश दिए थे। इसी के चलते गुरुवार को पुलिस करीब 25 मजदूरों को लेकर मौके पर गई थी। लेकिन वहां पहले से छिपे बैठे आरोपी पक्ष के लोगों ने अचानक पुलिस और मजदूरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे वहां भगदड़ मच गई। उन्होंने किसी तरह भागकर जान बचाई। बाद में सर्किल के फोर्स के साथ एसपीआरए मंशाराम गौतम और एसडीएम योगेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर फसल कटवाई। काटी हुई फसल को पैंतखेड़ा निवासी संजय जूरैल पुत्र चरन सिंह की सुपुर्दगी में दे दी गई है। पुलिस ने आरोपी पक्ष के भोलेंद्र के घर दबिश देकर किशन सिंह को हिरासत में लिया। साथ ही एक बाइक और एक कुल्हाड़ी घर से बरामद की। एसपीआरए मंशाराम गौतम ने बताया कि फायरिंग करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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फायरिंग में बाल-बाल बचे लेखपाल
फायरिंग के दौरान लेखपाल रूपेश चौधरी बाल-बाल बच गए। वे मजदूरों के समीप खड़े थे। तभी एक गोली उनसे कुछ ही दूरी पर आकर गिरी और खेत में धूल का गुबार उठते देख वे भाग निकले। पुलिस जीप लेकर भागी तो मजदूरों ने नलकूप के पास छिपकर कर जान बचाई।
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एसपीआरए ने दरोगा को लगाई फटकार
दरोगा संतोष कुमार मात्र चार सिपाहियों के साथ मजदूरों को लेकर फसल कटवाने पहुंचे थे। जाने से पहले उन्होंने किसी अधिकारी को भी इस बारे में कुछ नहीं बताया। इसे लेकर एसपीआरए ने दरोगा को जमकर फटकार लगाई। कहा कि फायरिंग के दौरान अगर कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
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मीडिया के लोगों को नहीं खींचने दिए फोटो
एसपीआरए ने मीडिया के लोगों को घटनास्थल के फोटो नहीं खींचने दिए। गांव में दबिश के दौरान भी सभी मीडिया कर्मियों को हटा दिया गया। आरोपी भोलेंद्र के परिजनों का आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिस ने उनके घर में तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ अभद्रता भी की।
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खंदौली निवासी मनोज कुमार पुत्र योगेंद्र सिंह सिकरवार का वास सोना निवासी भोलेंद्र पुत्र हरिकेश के बीच लगभग 70 बीघा कच्चे खेत को लेकर वर्षों पुराना विवाद चला आ रहा है। इसके चलते दोनों पक्षों में पूर्व में भी कई बार मारपीट और फायरिंग हो चुकी है। मनोज का कहना है कि उसने खेत में आलू और सरसों की फसल बोई है। जबकि भोलेंद्र पक्ष अपनी दावेदारी कर रहा है। मनोज ने बताया कि काफी समय कोर्ट में मामले चलने के बाद फैसला उसके पक्ष में आया। 25 फरवरी को एसडीएम ने पुलिस को फसल कटवाने के निर्देश दिए थे। इसी के चलते गुरुवार को पुलिस करीब 25 मजदूरों को लेकर मौके पर गई थी। लेकिन वहां पहले से छिपे बैठे आरोपी पक्ष के लोगों ने अचानक पुलिस और मजदूरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इससे वहां भगदड़ मच गई। उन्होंने किसी तरह भागकर जान बचाई। बाद में सर्किल के फोर्स के साथ एसपीआरए मंशाराम गौतम और एसडीएम योगेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर फसल कटवाई। काटी हुई फसल को पैंतखेड़ा निवासी संजय जूरैल पुत्र चरन सिंह की सुपुर्दगी में दे दी गई है। पुलिस ने आरोपी पक्ष के भोलेंद्र के घर दबिश देकर किशन सिंह को हिरासत में लिया। साथ ही एक बाइक और एक कुल्हाड़ी घर से बरामद की। एसपीआरए मंशाराम गौतम ने बताया कि फायरिंग करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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फायरिंग में बाल-बाल बचे लेखपाल
फायरिंग के दौरान लेखपाल रूपेश चौधरी बाल-बाल बच गए। वे मजदूरों के समीप खड़े थे। तभी एक गोली उनसे कुछ ही दूरी पर आकर गिरी और खेत में धूल का गुबार उठते देख वे भाग निकले। पुलिस जीप लेकर भागी तो मजदूरों ने नलकूप के पास छिपकर कर जान बचाई।
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एसपीआरए ने दरोगा को लगाई फटकार
दरोगा संतोष कुमार मात्र चार सिपाहियों के साथ मजदूरों को लेकर फसल कटवाने पहुंचे थे। जाने से पहले उन्होंने किसी अधिकारी को भी इस बारे में कुछ नहीं बताया। इसे लेकर एसपीआरए ने दरोगा को जमकर फटकार लगाई। कहा कि फायरिंग के दौरान अगर कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
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मीडिया के लोगों को नहीं खींचने दिए फोटो
एसपीआरए ने मीडिया के लोगों को घटनास्थल के फोटो नहीं खींचने दिए। गांव में दबिश के दौरान भी सभी मीडिया कर्मियों को हटा दिया गया। आरोपी भोलेंद्र के परिजनों का आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिस ने उनके घर में तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ अभद्रता भी की।