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तुम्हारा काम तो हो जाएगा, पर 50 हजार सेवा शुल्क लगेगा

Thu, 11 Feb 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Thu, 11 Feb 2016 01:53 AM IST
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je ratan kumar arrested taking bribe
विद्युत सुरक्षा विभाग का अवर अभियंता रतन कुमार रिश्वत की रकम लेने के लिए उतावला हो गया था। उसने ठेकेदार अमित बंसल से कई बार संपर्क किया। अमित का कहना है कि एक बार तो उसने रात में फोन किया। बोला, मैं वाटर वर्क्स पर पहुंच रहा हूं, 50 हजार रुपये लेकर वहीं पहुंच जाओ।
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अमित ने बताया कि रात 11 बजे का वक्त था। वे सो चुके थे। मोबाइल की घंटी बजी तो आंख खोली। कॉल रिसीव करते ही रतन कुमार ने पूछा, क्या अभी तक पैसे का इंतजाम नहीं हुआ, तुम लेट हो गए हो, ऐसा करो, 50 हजार रुपया लेकर वाटर वर्क्स आ जाओ। अमित ने बताया कि उन्होंने फोन यह कहकर काट दिया कि बाद में बात करूंगा।
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इसके बाद भी रतन कुमार ने कई बार संपर्क किया। अमित ने कहा कि 50 हजार का इंतजाम नहीं हो पा रहा है, कुछ कम कर लो तो जवाब मिला, एक रुपया भी कम नहीं हो सकता है। इसके बाद उन्होंने विजिलेंस से संपर्क किया। एसपी अरविंद कुमार को पूरा किस्सा बताया। इसके बाद विजिलेंस ने टीम तैयार की।
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ऐसे फंसाया जाल में
विजिलेंस से शिकायत करने के बाद अमित ने टीम को 50 हजार रुपये दिए। इस पर टीम ने नंबर लिखे और फिनॉफ्थलीन पाउडर लगाया। जब उसे पकड़ा गया तो पाउडर उसके हाथों पर आ गया। उसके हाथ जैसे ही धुलवाए गए, फिनॉफ्थलीन और पानी के रिएक्शन से पानी का रंग गुलाबी हो गया।

रिश्वत लेकर कहा... थैंक्स अमित
विजिलेंस टीम में सीओ बलधारी सिंह, इंस्पेक्टर अभय कुमार, वीरपाल सिंह सिरोही, बलकेश्वर दयाल सारस्वत, प्रमोद कुमार शर्मा, सियाराम शामिल रहे। जेई रतन कुमार ने दफ्तर में ही रिश्वत ली और ठेकेदार अमित से थैंक्स कहा।
अगर कोई आपसे रिश्वत मांगे तो...
- शिकायत लेकर विजिलेंस के ऑफिस जाएं, यह एमजी रोड पर सुभाष पार्क के सामने बैंक कालोनी में है।
- आपको खुद जाकर लिखित शिकायत करनी होगी, फोन या ई-मेल करने से बात नहीं बनेगी।
- इसके बाद जितनी रिश्वत मांगी जा रही है, उतनी रकम भी विजिलेंस को देनी होगी।
- यही रकम आपसे रिश्वत के रूप में दिलवाई जाएगी, इसी के साथ रिश्वतखोर को रंगे हाथ पकड़ा जाएगा।
- बाद में यह पूरी रकम आपको कोर्ट के आदेश से वापस मिल जाएगी।
(जानकारी विजिलेंस अधिकारी के अनुसार)
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