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अंशु के मोबाइल से सुलझ सकती है जयपुर हाउस कांड की गुत्थी
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:43 AM IST
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वारदात के दूसरे दिन भी मोबाइल का कुछ पता नहीं चल पाया
- फोटो : अमर उजाला
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जयपुर हाउस की कोठी नंबर 59 में सोमवार को पत्नी अंशु की हत्या के बाद दवा कारोबारी सुनील राजपाल के खुदकुशी कर लिए जाने की वारदात में सिर्फ एक ही सवाल का जवाब नहीं मिल पा रहा है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुनील को अंशु की हत्या करनी पड़ी। दोनों की बीच लंबे समय से अनबन की बात तो सामने आ रही है लेकिन ऐसी वजह नहीं मिल रही जो इतनी बड़ी वारदात का सबब बनी हो। सुसाइड नोट में भी ऐसा कोई जिक्र नहीं किया गया। न ही परिवार के लोगों ने अभी ऐसी कोई जानकारी दी है।
पुलिस को उम्मीद है कि अंशु का मोबाइल मिलने पर कुछ सवालों के जवाब मिल सकते हैं। उसका मोबाइल सोमवार सुबह से ही स्विच आफ है। यह अभी तक बरामद भी नहीं हो पाया है। पुलिस को सुसाइड नोट के ऊपर रखा सुनील राजपाल का मोबाइल फोन मिला था।
परिवार के करीबी लोगों ने बताया है कि अंशु का मोबाइल सोमवार सुबह ही स्विच आफ हो गया था। माना जा रहा है कि इसे सुनील ने ही स्विच ऑफ किया। इसके बाद कहीं पर छिपा दिया। वह अपने मोबाइल से शाम चार बजे तक लोगों से बात करते रहे। उधर, मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का दाह संस्कार कर दिया गया। इस दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। दंपति का इकलौता बेटा संभव सोमवार देर रात गुड़गांव से पहुंच गया था। वह गुड़गांव में जॉब करता है।
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अंशु का मोबाइल चेक करते थे सुनील
आगरा। अंशु और सुनील का परिवार गम में डूबा है। परिवार को वारदात से गहरा सदमा लगा है। पुलिस ने इन लोगों से अभी तक घटना के बारे में कोई सवाल नहीं किया है। इस बीच पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस को परिवार के करीबी लोगों ने कुछ जानकारी दी हैं। यह तो पहले ही बता दिया था कि अंशु और सुनील के बीच अनबन रहती थी। अंशु के खुले विचार सुनील को पसंद नहीं थे। नई जानकारी यह मिली है कि सुनील मौका मिलते ही अंशु का मोबाइल फोन चेक करते थे। वह उनके फेसबुक फ्रेंड के बारे में भी जानकारी रखते थे। व्हाट्स एप मैसेज भी पढ़ते थे। लोहामंडी थाना के इंस्पेक्टर का कहना है कि राजपाल परिवार में गम के चलते मोबाइल के बारे में अभी कोई बात नहीं की गई है।
हत्या के बाद बदल दी थी बिस्तर की चादर
आगरा। जयपुर हाउस में पत्नी अंशू की हत्या कर दवा कारोबारी सुनील राजपाल के खुदकुशी कर लिए जाने की वारदात में मंगलवार को कुछ और बातें सामने आई। फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस बेड पर अंशु की हत्या की गई थी, उसकी चादर को बदला गया था। इस पर नई चादर बिछा दी गई थी। जिस जगह पर ज्यादा खून निकला था, वहां एक और चादर फोल्ड करके बिछा दी थी। इससे यही माना जा रहा है कि सुनील का प्लान अंशु की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का था। इसके लिए पांच घंटे तक प्रयास भी किया और इंतजार भी। नाकामी मिलने के बाद ही उन्होंने सुसाइड किया।
दोनों की मौत में पांच घंटे से ज्यादा का रहा अंतर
आगरा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि अंशु की मौत सिर में गहरी चोट लगने से हुई। सुनील की जान गले की हड्डी टूट जाने से हुई। मौके के हालात भी यही बयां कर रहे थे। अंशु के सिर में गहरी चोट थी। पास में ईंट पड़ी थी। माना जा रहा है कि ईंट से ही सिर को कुचला गया था। सुनील का शव बेल्ट से बनाए गए फंदे से लटका मिला था। दोनों की मौत के बीच पांच घंटे से ज्यादा का समय बताया गया है। सुसाइड नोट से भी यही अंदाजा हुआ कि अंशु की हत्या सुबह साढ़े दस बजे की गई। सुनील ने सुसाइड शाम चार बजे के बाद किया था। चार बजे तक उन्हें देखा गया था।
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पुलिस को उम्मीद है कि अंशु का मोबाइल मिलने पर कुछ सवालों के जवाब मिल सकते हैं। उसका मोबाइल सोमवार सुबह से ही स्विच आफ है। यह अभी तक बरामद भी नहीं हो पाया है। पुलिस को सुसाइड नोट के ऊपर रखा सुनील राजपाल का मोबाइल फोन मिला था।
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परिवार के करीबी लोगों ने बताया है कि अंशु का मोबाइल सोमवार सुबह ही स्विच आफ हो गया था। माना जा रहा है कि इसे सुनील ने ही स्विच ऑफ किया। इसके बाद कहीं पर छिपा दिया। वह अपने मोबाइल से शाम चार बजे तक लोगों से बात करते रहे। उधर, मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का दाह संस्कार कर दिया गया। इस दौरान हजारों लोग मौजूद रहे। दंपति का इकलौता बेटा संभव सोमवार देर रात गुड़गांव से पहुंच गया था। वह गुड़गांव में जॉब करता है।
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अंशु का मोबाइल चेक करते थे सुनील
आगरा। अंशु और सुनील का परिवार गम में डूबा है। परिवार को वारदात से गहरा सदमा लगा है। पुलिस ने इन लोगों से अभी तक घटना के बारे में कोई सवाल नहीं किया है। इस बीच पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस को परिवार के करीबी लोगों ने कुछ जानकारी दी हैं। यह तो पहले ही बता दिया था कि अंशु और सुनील के बीच अनबन रहती थी। अंशु के खुले विचार सुनील को पसंद नहीं थे। नई जानकारी यह मिली है कि सुनील मौका मिलते ही अंशु का मोबाइल फोन चेक करते थे। वह उनके फेसबुक फ्रेंड के बारे में भी जानकारी रखते थे। व्हाट्स एप मैसेज भी पढ़ते थे। लोहामंडी थाना के इंस्पेक्टर का कहना है कि राजपाल परिवार में गम के चलते मोबाइल के बारे में अभी कोई बात नहीं की गई है।
हत्या के बाद बदल दी थी बिस्तर की चादर
आगरा। जयपुर हाउस में पत्नी अंशू की हत्या कर दवा कारोबारी सुनील राजपाल के खुदकुशी कर लिए जाने की वारदात में मंगलवार को कुछ और बातें सामने आई। फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस बेड पर अंशु की हत्या की गई थी, उसकी चादर को बदला गया था। इस पर नई चादर बिछा दी गई थी। जिस जगह पर ज्यादा खून निकला था, वहां एक और चादर फोल्ड करके बिछा दी थी। इससे यही माना जा रहा है कि सुनील का प्लान अंशु की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का था। इसके लिए पांच घंटे तक प्रयास भी किया और इंतजार भी। नाकामी मिलने के बाद ही उन्होंने सुसाइड किया।
दोनों की मौत में पांच घंटे से ज्यादा का रहा अंतर
आगरा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि अंशु की मौत सिर में गहरी चोट लगने से हुई। सुनील की जान गले की हड्डी टूट जाने से हुई। मौके के हालात भी यही बयां कर रहे थे। अंशु के सिर में गहरी चोट थी। पास में ईंट पड़ी थी। माना जा रहा है कि ईंट से ही सिर को कुचला गया था। सुनील का शव बेल्ट से बनाए गए फंदे से लटका मिला था। दोनों की मौत के बीच पांच घंटे से ज्यादा का समय बताया गया है। सुसाइड नोट से भी यही अंदाजा हुआ कि अंशु की हत्या सुबह साढ़े दस बजे की गई। सुनील ने सुसाइड शाम चार बजे के बाद किया था। चार बजे तक उन्हें देखा गया था।