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पांच दिन में दो कदम भी आगे न बढ़ी जांच

Sat, 25 Jun 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा Updated Sat, 25 Jun 2016 12:59 AM IST
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investigation not go to ahead in five days
कार्रवाई पर फैसला नहीं ले पा रहे पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भरतपुर हाउस के हाईप्रोफाइल गोलीकांड में पुलिस की जांच पांच दिन में दो कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। कार्रवाई की दिशा तय करने के लिए अधिकारी आपस में मीटिंग तो कर रहे हैं, लेकिन किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पा रहे। फैसला सिर्फ इतना हुआ है कि अभी और साक्ष्य जुटाए जाएं। लेकिन इसमें भी ढिलाई बरती जा रही है। फरार बताए जा रहे डिब्बा कारोबारी गागा के वारंट हासिल करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। जूता कारोबारी राजकुमार की हत्या के केस में नामजद सराफ संजीव के ड्राइवर रवि को पांच दिन से हिरासत में तो ले रखा है लेकिन उसे कोर्ट में पेश करना है या छोड़ना है, इस पर फैसला नहीं हो पा रहा है। गागा की तलाश के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन उसका कोई सुराग तक नहीं मिला है।
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20 जून की दोपहर राजकुमार की कोठी में हुए इस गोलीकांड में उनकी मौत हो गई थी। सराफ संजीव रस्तोगी घायल हो गए थे। पुलिस ने राजकुमार के भाई की तरफ से संजीव, उनके ड्राइवर रवि और डिब्बा कारोबारी स्वदेश वर्मा उर्फ गागा के खिलाफ केस दर्ज किया था। गागा पर साजिश में शामिल होने का आरोप है। संजीव का उपचार चल रहा है, इसलिए उससे पूछताछ तक नहीं हो पा रही है। रवि हिरासत में है। घटना की वजह वे कागजात माने जा रहे हैं जिन्हें संजीव, राजकुमार के घर से लेकर भागा, लेकिन इन्हें पुलिस ढूंढ नहीं पाई है। एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि पुलिस अभी साक्ष्य जुटा रही है। इनके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
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...तो निर्मला के बयान से तय होगी कार्रवाई
आगरा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि राजकुमार की हत्या के केस में साक्ष्य संकलन में काफी समय लग सकता है। पुलिस ने राजकुमार, संजीव और रवि के हाथों से लिए गन शॉट रिजिड्यू ( जीएसआ) विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेज दिए हैं। इसकी रिपोर्ट में कम से कम 10 दिन लग सकते हैं। ऐसे में सबसे अहम राजकुमार की पत्नी निर्मला का बयान माना जा रहा है। इसी से कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है। पुलिस ने अभी तक उनका बयान दर्ज नहीं किया है। घटना के वक्त कोठी में राजकुमार और संजीव के अलावा वे ही मौजूद थीं।
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गागा के रिश्तेदार भी हो गए भूमिगत
10 दिन के लिए डिब्बा कारोबार के सौदे रद किए गए
आगरा। भरतपुर हाउस गोलीकांड में डिब्बा कारोबारी गागा का नाम आने से उसके कई रिश्तेदार और दोस्त भी भूमिगत हो गए हैं। ये भी डिब्बा कारोबार चलाते हैं। खुफिया पुलिस की एक टीम सराफा बाजार से जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा पुलिस की एक टीम इस अवैध कारोबार की जांच भी कर रही है। इसके चलते इस कारोबार के सौदे 10 दिन के लिए रद कर दिए गए हैं। पुलिस ने कारोबार से जुड़े लोगों की सूची भी बनाई है। गागा के हाथ आने पर इन सभी से पूछताछ हो सकती है। दरअसल, डिब्बा अवैध कारोबार है। इसमें पैसा कमाने के लालच में कारोबारी फंसते जा रहे हैं। घाटा होने पर विवाद हो जाता है। जो वारदात की शक्ल ले लेता है। भरतपुर गोलीकांड इसी का नतीजा माना जा रहा है। कारोबार से जुड़े लोगों की माने तो डिब्बे में 50 हजार लोग लगे हुए हैं। पुलिस उन लोगों के बारे में पड़ताल कर रही है जो इस कारोबार को चला रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम गागा का बताया गया है। इसी के चलते उसके दोस्त भूमिगत हुए हैं।

ढिलाई 
-20 जून से ही संजीव रस्तोगी का ड्राइवर रवि पुलिस हिरासत में, उसे कोर्ट में पेश किया जाए या नहीं, इसका फैसला नहीं हो पा रहा
- राजकुमार की हत्या केस में गागा पर साजिश का आरोप है, उसके वारंट हासिल करने का प्रयास नहीं किया गया 
- पता चला है कि राजकुमार का मोबाइल और कागजात संजीव छीनकर ले गया, लेकिन केस में लूट की धारा नहीं बढ़ी
- सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे जो कागजात गोलीकांड की वजह माने जा रहे हैं, उन्हें बरामद नहीं कर पाई है पुलिस
- इस केस में सबसे अहम गवाही राजकुमार की पत्नी निर्मला की है, लेकिन उसका बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया।
- राजकुमार की मृत्यु के बाद उसके खिलाफ जानलेवा हमला का केस दर्ज हुआ, इसे अभी तक खारिज नहीं किया गया है
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