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मासूम की हत्या कर शव जमीन में दबाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:11 AM IST
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पड़ोसी युवक ने फिरौती के लिए किया था अपहरण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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न्यू आगरा के दयाल बाग स्थित हजूरी बाग कैंपस में रहने वाले मजदूर राम आसरे पासवान के बेटे अंकित कुमार (11) का अपहरण कर बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप पड़ोसी युवक आकाश (18) पर है। उसने 1.5 लाख की फिरौती के लिए अपहरण किया था। थोड़ी देर बाद ही पास के जंगल में सिर में ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी। शव को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया। पुलिस ने देर शाम कॉल डिटेल की मदद से आकाश को गिरफ्तार कर लिया।
हजूरी बाग में सात परिवार रहते हैं। इनमें से एक माली का काम करने वाले राम आसरे पासवान का परिवार है। दूसरा राम निहारे जाटव का। राम निहारे मजदूरी करता है। सुबह साढ़े आठ बजे राम निवास के घर पर अंकित और आकाश टीवी देख रहे थे। जैसे ही अंकित बाहर निकला। आकाश उसे उठा ले गया। पास ही स्थित जंगल में ले जाकर पेड़ से बांध दिया। अंकित ने आकाश की करतूत बताने की बात कही। इस पर आकाश ने उसके सिर में ईंट से प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद फावड़े से गड्ढा खोदकर शव जमीन में दबा दिया। यह पूरा घटनाक्रम लिखापढ़ी में आया है।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद आकाश ने अपने मोबाइल से अंकित के पिता के मोबाइल पर फोन कर 1.5 लाख फिरौती मांगी। दो बजे इन लोगों ने न्यू आगरा थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर आकाश तक पहुंच गई। उसकी निशानदेही पर देर शाम सात बजे शव बरामद हुआ।
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अंकित की तलाश का नाटक करता रहा आकाश
आगरा। अंकित की हत्या करने के बाद आकाश उसके घर आ गया। यहां उसका परिवार उसकी तलाश में लग चुका था। आकाश उनके साथ उसे तलाश करने का नाटक करता रहा। न्यू आगरा थाना भी गया। उसे पता नहीं था कि उसकी एक कॉल से ही पुलिस उस तक पहुंच जाएगी। जब शाम छह बजे पुलिस ने उसे पकड़ लिया तो उसने यह नहीं बताया कि अंकित की हत्या कर चुका है। बोला, अंकित को पेड़ से बांध रखा है। पुलिस उसे लेकर वहां पहुंची, तब सच उगला।
हमारा लाल चला गया, हम कैसे जीएंगे
आगरा। अंकित की हत्या से उसका परिवार में कोहराम मचा है। वह अपने पिता राम आसरे और मां नीमा देवी की तीन संतान में इकलौता बेटा था। दो बहने हैं 11 साल की नैना और सात की कजली। अंकित ज्ञान बाल मंदिर में कक्षा तीन का छात्र था। उसकी हत्या का पता चलने पर मामा ललित, ताऊ ऊषा समेत कई रिश्तेदार थाना पहुंच गए। सभी का रो रोकर बुरा हाल था। ललित भी हजूरी बाग में रहते हैं। अंकित के पिता बार बार यही कहे जा रहे थे, हमारा लाल चला गया, हम कैसे जिएंगे।
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हजूरी बाग में सात परिवार रहते हैं। इनमें से एक माली का काम करने वाले राम आसरे पासवान का परिवार है। दूसरा राम निहारे जाटव का। राम निहारे मजदूरी करता है। सुबह साढ़े आठ बजे राम निवास के घर पर अंकित और आकाश टीवी देख रहे थे। जैसे ही अंकित बाहर निकला। आकाश उसे उठा ले गया। पास ही स्थित जंगल में ले जाकर पेड़ से बांध दिया। अंकित ने आकाश की करतूत बताने की बात कही। इस पर आकाश ने उसके सिर में ईंट से प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद फावड़े से गड्ढा खोदकर शव जमीन में दबा दिया। यह पूरा घटनाक्रम लिखापढ़ी में आया है।
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पुलिस ने बताया कि इसके बाद आकाश ने अपने मोबाइल से अंकित के पिता के मोबाइल पर फोन कर 1.5 लाख फिरौती मांगी। दो बजे इन लोगों ने न्यू आगरा थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर आकाश तक पहुंच गई। उसकी निशानदेही पर देर शाम सात बजे शव बरामद हुआ।
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अंकित की तलाश का नाटक करता रहा आकाश
आगरा। अंकित की हत्या करने के बाद आकाश उसके घर आ गया। यहां उसका परिवार उसकी तलाश में लग चुका था। आकाश उनके साथ उसे तलाश करने का नाटक करता रहा। न्यू आगरा थाना भी गया। उसे पता नहीं था कि उसकी एक कॉल से ही पुलिस उस तक पहुंच जाएगी। जब शाम छह बजे पुलिस ने उसे पकड़ लिया तो उसने यह नहीं बताया कि अंकित की हत्या कर चुका है। बोला, अंकित को पेड़ से बांध रखा है। पुलिस उसे लेकर वहां पहुंची, तब सच उगला।
हमारा लाल चला गया, हम कैसे जीएंगे
आगरा। अंकित की हत्या से उसका परिवार में कोहराम मचा है। वह अपने पिता राम आसरे और मां नीमा देवी की तीन संतान में इकलौता बेटा था। दो बहने हैं 11 साल की नैना और सात की कजली। अंकित ज्ञान बाल मंदिर में कक्षा तीन का छात्र था। उसकी हत्या का पता चलने पर मामा ललित, ताऊ ऊषा समेत कई रिश्तेदार थाना पहुंच गए। सभी का रो रोकर बुरा हाल था। ललित भी हजूरी बाग में रहते हैं। अंकित के पिता बार बार यही कहे जा रहे थे, हमारा लाल चला गया, हम कैसे जिएंगे।