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घायल रिंकू ने दिल्ली में दम तोड़ा

Wed, 28 Oct 2015 02:13 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Wed, 28 Oct 2015 02:13 AM IST
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injured Rinku died in Delhi
शाहगंज लूटकांड में घायल हुए नरेंद्र कश्यप उर्फ रिंकू (36) ने आठ दिन मौत से जूझने के बाद मंगलवार दोपहर दम तोड़ दिया। उसे गंभीर हालत में दिल्ली के फोर्टिस हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। शरीर में संक्रमण फैल जाने के चलते उसकी जान नहीं बच पाई। दिल्ली में ही पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव आगरा लाया जाएगा।
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लक्ष्मी नारायण गोविंद प्रसाद ज्वेलर्स के कर्मचारी रिंकू को गोली 18 अक्तूबर की शाम 7:30 बजे मारी गई थी। वह दूसरे कर्मचारी रमेश के साथ बैग लेकर आगे चल रहा था। पीछे ज्वेलर गोविंद प्रसाद और अन्य कर्मचारी आ रहे थे।
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 पैदल आए बदमाशों ने रिंकू को शोरूम से आगे कनपटी पर गोली मारी। इसके बाद उसके हाथ से गिरा बैग लूटकर
 भाग निकले। इसमें लाखों के जेवरात और कैश था।
उसे पहले एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। वहां से रेफर किए जाने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन हालत ठीक न होने पर दिल्ली ले जाया गया। उसके परिवार के लोगों ने बताया कि मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
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फर्जी खुलासा कर चुप बैठ गई पुलिस
आगरा। यह लूटकांड पहले 52 लाख का बताया गया। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई 500 ग्राम सोना और एक लाख कैश की। वारदात थाना के पास ही हुई थी। इसके बावजूद पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लोगों ने हंगामा किया तो दो दिन बाद टूंडला में पकड़े गए दो बदमाशों को इसमें आरोपी बनाकर केस खोल दिया। लेकिन यह चाल चल नहीं पाई। बदमाशों के पास मिले आभूषणों को पुलिस सोने का बता रही थी जबकि गोविंद प्रसाद ने इन्हें पीतल का बताया। उन्होंने कहा कि उनकी लूट अभी खुली नहीं है।
इसकी शिकायत आला अफसरों से भी की। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अभी तक न कोेई बदमाश पकड़ा गया और न ही माल बरामद हुआ है। रिंकू की मौत के बाद अब केस में हत्या की धारा भी जुड़ जाएगी।
दबाव का भी असर नहीं
घटना के खुलासे के लिए प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक के मंत्रियों ने अफसरों से बात की। लेकिन पुलिस पर कोई फर्क नहीं पड़ा। थाना पुलिस को खुलासे के लिए कोई अल्टीमेटम तक नहीं दिया गया। थाना के पास वारदात होने के बावजूद एक सिपाही तक भी कार्रवाई नहीं की गई।
संडे को ज्यादा सतर्क रहें सराफ
पिछली तीनों बड़ी वारदात रविवार की शाम को हुई
वारदात - 1
25 अक्तूबर को यमुना ब्रिज रोड पर सराफ सुनील अग्रवाल के घर छह बदमाश डाका डालने पहुंचे। उन्हें घायल कर दिया।
वारदात - 2
18 अक्तूबर को शाहगंज में लक्ष्मी नारायण गोविंद प्रसाद ज्वेलर्स के कर्मचारी रिंकू को गोली मारकर जेवरात और कैश से भरा बैग लूट लिया गया।
वारदात -3
21 जून की रात सराफ रिंकू बंसल से हथियारों के बल पर रिंग रोड पर छह किलो सोना ( 1.62 करोड़ का ) लूट लिया गया था। अब इसे इत्तफाक कहें या फिर कुछ और। लेकिन बात टेंशन की है। शहर में सराफा व्यवसायियों के साथ पिछली तीनों बड़ी वारदात रविवार को हुई हैं। क्या बदमाश दिन का चयन कर लूट कर रहे हैं।

या फिर पुलिस की ढिलाई का फायदा उठा रहे हैं। रविवार को अधिकारी छुट्टी के मूड में होते हैं, इसलिए पुलिस को चेकिंग होने का डर नहीं रहता। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि रविवार को छुट्टी के चलते सड़कों पर भीड़ नहीं होती। बदमाशों को भागने में आसानी रहती है। कारण कुछ भी हो। सराफा कारोबारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। पुलिस अधिकारी भी अब इस बिंदू पर ध्यान दे रहे हैं।
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