{"_id":"593048754f1c1b5365bdb278","slug":"in-agra-nari-niketan-seven-women-get-pregnant","type":"story","status":"publish","title_hn":"संरक्षण गृह में मां बनीं सात संवासनियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संरक्षण गृह में मां बनीं सात संवासनियां
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 01 Jun 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
संरक्षण गृह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के संरक्षण गृह में बिताए एक साल के दौरान 45 में से सात संवासनियां मां बनीं। इन्हें गर्भावस्था में यहां भेजा गया था। इनकी शादी भी नहीं हुई थी। इन्हें बहला फुसलाकर और अपहरण करके लाया गया था और इलाहाबाद में कोठों पर बेच दिया गया था।
कुल 67 संवासनियां भेजी गई थीं। इनके साथ 37 बच्चे थे। 22 संवासनियां पहले छोड़ी गईं। इनके साथ बच्चे भी गए। अब 45 संवासनियां और 11 बच्चे बचे थे। इनमें से 43 संवासनियां और नौ बच्चे छोड़ दिए गए।
जब संवासनियों ने अपने और अपने माता-पिता के नाम गलत बताए तो एसडीएम इलाहाबाद ने उनकी सही पहचान के लिए डीएनए परीक्षण का आदेश दिया। नारी संरक्षण गृह की अधीक्षक से कहा गया था कि जो लोग खुद को इनके माता-पिता बता रहे हैं, उनके साथ इनके डीएनए का मिलान कराया जाए। तभी स्पष्ट होगा कि ये लोग सच बोल रहे हैं या झूठ। इसे भी अधीक्षक ने नहीं माना।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुल 67 संवासनियां भेजी गई थीं। इनके साथ 37 बच्चे थे। 22 संवासनियां पहले छोड़ी गईं। इनके साथ बच्चे भी गए। अब 45 संवासनियां और 11 बच्चे बचे थे। इनमें से 43 संवासनियां और नौ बच्चे छोड़ दिए गए।
विज्ञापन
जब संवासनियों ने अपने और अपने माता-पिता के नाम गलत बताए तो एसडीएम इलाहाबाद ने उनकी सही पहचान के लिए डीएनए परीक्षण का आदेश दिया। नारी संरक्षण गृह की अधीक्षक से कहा गया था कि जो लोग खुद को इनके माता-पिता बता रहे हैं, उनके साथ इनके डीएनए का मिलान कराया जाए। तभी स्पष्ट होगा कि ये लोग सच बोल रहे हैं या झूठ। इसे भी अधीक्षक ने नहीं माना।
विज्ञापन