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कासगंज: होमगार्ड की फायरिंग में घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत, ग्रामीणों ने किया हंगामा
Mon, 14 Sep 2020 01:27 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 14 Sep 2020 01:27 PM IST
सार
- 29 अगस्त को हुआ था विवाद
- होमगार्ड ने साथियों संग मिलकर परिवार पर बोला था हमला
- फायरिंग की घटना में पांच लोग हुए थे घायल
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विलाप करते परिजन, मृतक सत्यवीर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कासगंज जनपद के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के गांव प्रीतमनगर में विगत महीने एक ही परिवार पर हुए जानलेवा हमले में घायल चार लोगों में से एक की उपचार के दौरान रविवार रात मौत हो गई। मौत के बाद सोमवार सुबह मृतक का शव गांव पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए।
पटियाली नरदौली मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग पांच घंटे तक यातायात बाधित हो गया, यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच आक्रोशितों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर पैमाइश में अनदेखी का आरोप लगाते हुए नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने बल प्रयोगकर ग्रामीणों को खदेड़ दिया।
घटना विगत माह 29 अगस्त की है। गांव प्रीतमनगर निवासी रामसरन अपने धान के खेत से बैलगाड़ी लेकर घर आ रहा था। इसी बीच गांव के ही ओमपाल सिंह जो पटियाली कोतवाली में होमगार्ड है, उसने चकरोड के विवाद में रामसरन से मारपीट कर दी और बैलगाड़ी को रास्ते से नहीं निकलने दिया। रामसरन अपने घर चला गया।
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संबंधित खबर- कासगंज: होमगार्ड ने साथियों संग घेराबंदी कर एक परिवार पर बरसाईं गोलियां, चार लोग घायल
अगले दिन सुबह लगभग छह बजे वह अपने अन्य परिजनों के साथ बैलगाड़ी लेने गया तो वहां पहले से मौजूद ओमपाल और उसके अन्य साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें सत्यवीर पुत्र यादराम, राजीव पुत्र रमेश चंद्र, रामसरन पुत्र लालमन, जसवीर पुत्र यादराम गोली लगने से घायल हो गए। इन सभी घायलों को अलीगढ़ में उपचार के लिए भेजा गया।
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पटियाली नरदौली मार्ग पर जाम लगा दिया। लगभग पांच घंटे तक यातायात बाधित हो गया, यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच आक्रोशितों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर पैमाइश में अनदेखी का आरोप लगाते हुए नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने बल प्रयोगकर ग्रामीणों को खदेड़ दिया।
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घटना विगत माह 29 अगस्त की है। गांव प्रीतमनगर निवासी रामसरन अपने धान के खेत से बैलगाड़ी लेकर घर आ रहा था। इसी बीच गांव के ही ओमपाल सिंह जो पटियाली कोतवाली में होमगार्ड है, उसने चकरोड के विवाद में रामसरन से मारपीट कर दी और बैलगाड़ी को रास्ते से नहीं निकलने दिया। रामसरन अपने घर चला गया।
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अगले दिन सुबह लगभग छह बजे वह अपने अन्य परिजनों के साथ बैलगाड़ी लेने गया तो वहां पहले से मौजूद ओमपाल और उसके अन्य साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें सत्यवीर पुत्र यादराम, राजीव पुत्र रमेश चंद्र, रामसरन पुत्र लालमन, जसवीर पुत्र यादराम गोली लगने से घायल हो गए। इन सभी घायलों को अलीगढ़ में उपचार के लिए भेजा गया।
घायल सत्यवीर की उपचार के दौरान रविवार रात मौत हो गई। सत्यवीर का शव गांव में पहुंचा। उसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सेामवार सुबह पांच बजे पटियाली-नरदौली मार्ग पर जाम लगा दिया। आक्रोशितों का आरोप था कि 13 नामजदों में से नौ को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि अन्य फरार आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है।
जाम की सूचना पर एएसपी आदित्य वर्मा, पटियाली उपजिलाधिकारी शिवकुमार, सीओ गवेंद्र गौतम मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल से अभद्रता कर दी। लेखपाल पर आरोप यह था कि जमीन पैमाइश में उसने आरोपी पक्ष का समर्थन किया था। इसी कारण विवाद हुआ।
गोली लगने से घायल सत्यवीर की मौत की जानकारी रविवार देर रात मिली थी। उनका शव गांव में भेजा गया। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने पटियाली-नरदौली मार्ग पर जाम लगा दिया और क्षेत्रीय लेखपाल से अभद्रता भी की। इस मामले में अभद्रता करने वाले और जाम लगाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उनका चिह्निकरण किया जा रहा है- आदित्य वर्मा, एएसपी।
जाम की सूचना पर एएसपी आदित्य वर्मा, पटियाली उपजिलाधिकारी शिवकुमार, सीओ गवेंद्र गौतम मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल से अभद्रता कर दी। लेखपाल पर आरोप यह था कि जमीन पैमाइश में उसने आरोपी पक्ष का समर्थन किया था। इसी कारण विवाद हुआ।
गोली लगने से घायल सत्यवीर की मौत की जानकारी रविवार देर रात मिली थी। उनका शव गांव में भेजा गया। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने पटियाली-नरदौली मार्ग पर जाम लगा दिया और क्षेत्रीय लेखपाल से अभद्रता भी की। इस मामले में अभद्रता करने वाले और जाम लगाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उनका चिह्निकरण किया जा रहा है- आदित्य वर्मा, एएसपी।