{"_id":"3964b2482f5b0bcb2cd5dfcc6cb52a00","slug":"hattya-hindi-news-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंत्येष्टि सपना की, गम बृजमोहन की मौत का ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अंत्येष्टि सपना की, गम बृजमोहन की मौत का
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 06 Feb 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगला सुरई गांव में शुक्रवार शाम यमुना के किनारे सपना के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व गांव पहुंचे शव को सास-ससुर ने देखने से इंकार कर दिया। वहीं, अंतिम संस्कार में सपना के मायके वाले शामिल होने तक नहीं आए। दरअसल, बृजमोहन की हत्या और सपना की आत्महत्या किसी के गले नहीं उतर रही है। बृजमोहन की मौत के गम में पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
बता दें कि सोमवार की सुबह बंटवारे की जिद पर अड़ी सपना ने अपने देवर बृजमोहन (10) की सर्वेश की मदद से मोंगरे से पीटकर हत्या कर दी थी। इस आरोप में मंगलवार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। गुरुवार की सुबह जेल के स्विच रूम में सपना ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम सपना का शव नगला सुरई पहुंचा तो सास गुड्डी देवी और ससुर फूलसिंह व अन्य परिवारीजनों ने उसे देखा तक नहीं। उन्होंने साफ कह दिया कि बेटे की कातिल का मुंह नहीं देखना चाहते। बाद में यमुना नदी किनारे शव का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि पति रवि ने दी। ग्रामीणों का मानना है कि जो महिला अपने देवर की जान ले सकती है वह आत्महत्या क्यों करेगी। वे आत्महत्या की बात मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने जांच के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई है। सपना के शव के अंतिम संस्कार के समय लोगों में बृजमोहन की हत्या का गम साफ दिखा। परिवारीजनों ने बताया कि अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सपना के मायके नेवरपुर से कोई भी नहीं आया। सूचना दी गई थी लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
बता दें कि सोमवार की सुबह बंटवारे की जिद पर अड़ी सपना ने अपने देवर बृजमोहन (10) की सर्वेश की मदद से मोंगरे से पीटकर हत्या कर दी थी। इस आरोप में मंगलवार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। गुरुवार की सुबह जेल के स्विच रूम में सपना ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की शाम सपना का शव नगला सुरई पहुंचा तो सास गुड्डी देवी और ससुर फूलसिंह व अन्य परिवारीजनों ने उसे देखा तक नहीं। उन्होंने साफ कह दिया कि बेटे की कातिल का मुंह नहीं देखना चाहते। बाद में यमुना नदी किनारे शव का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि पति रवि ने दी। ग्रामीणों का मानना है कि जो महिला अपने देवर की जान ले सकती है वह आत्महत्या क्यों करेगी। वे आत्महत्या की बात मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने जांच के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई है। सपना के शव के अंतिम संस्कार के समय लोगों में बृजमोहन की हत्या का गम साफ दिखा। परिवारीजनों ने बताया कि अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सपना के मायके नेवरपुर से कोई भी नहीं आया। सूचना दी गई थी लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन