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वन विभाग कर्र्मियों पर चरस बेचने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 05 May 2016 01:45 AM IST
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बाईंपुर गांव के जंगल में तीन बोरे छोड़कर भागे थे तस्कर
- फोटो : demo pic
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वन विभाग के कर्मचारी तस्करी की अफीम और चरस बेच रहे हैं। वो भी विभाग के गेस्ट हाउस में। यह आरोप बाईंपुर गांव के लोगों ने लगाया है। उनका कहना है कि रविवार को गांव के जंगल में अफीम और चरस के तीन बोरे बरामद किए गए थे। इन्हें तस्कर छोड़कर भाग गए थे। सूचना पर पहुंचे वन विभाग कर्मी इन्हें साथ ले गए थे लेकिन पुलिस को सौंपने के बजाय बेचने में लग गए हैं।
बाईंपुर स्थित गोरल भैरो मंदिर के महंत भूदेव गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार को पता चला कि ऐसा कोई केस दर्ज नहीं कराया गया है। उन्हें गांव वालों ने बताया कि कैलाशपुरी मोड़ पर स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस में तीनों बोरे रखे हैं। वहां से कर्मचारी चरस की पुड़िया 300 से 500 रुपये में बेच रहे हैं। पुष्टि के लिए उन्होंने एक ग्रामीण को भेजा। उसे भी पुड़िया मिल गई। इसके बाद बुधवार शाम बाईंपुर से नीरज यादव, विजय गिरि, सुशील यादव वहां पहुंचे, लेकिन तब तक कर्मचारी जा चुके थे। इन सभी लोगों के सामने चरस और अफीम बरामद हुई थी।
तीनों बोरों में घास-फूस के बीच पैकेट रखे थे। चरस-अफीम के आदी गांव के कुछ लोगों ने पैकेट खोलकर पहचाना था। ग्रामीणों का कहना है कि वे थाना सिकंदरा में इसकी शिकायत कर आए हैं। उधर, थाना सिकंदरा प्रभारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में वन विभाग की तरफ से नशीला पदार्थ मिलने की कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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यकीन नहीं, पर जांच कराएंगे: डीएफओ
डीएफओ एके सिंह का कहना है कि उन्हें गांव वालों के आरोपों पर जरा भी यकीन नहीं है। यह नहीं हो सकता कि वन विभाग के कर्मचारी ऐसा काम करें। फिर भी वे इसकी जांच कराएंगे।
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बाईंपुर स्थित गोरल भैरो मंदिर के महंत भूदेव गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार को पता चला कि ऐसा कोई केस दर्ज नहीं कराया गया है। उन्हें गांव वालों ने बताया कि कैलाशपुरी मोड़ पर स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस में तीनों बोरे रखे हैं। वहां से कर्मचारी चरस की पुड़िया 300 से 500 रुपये में बेच रहे हैं। पुष्टि के लिए उन्होंने एक ग्रामीण को भेजा। उसे भी पुड़िया मिल गई। इसके बाद बुधवार शाम बाईंपुर से नीरज यादव, विजय गिरि, सुशील यादव वहां पहुंचे, लेकिन तब तक कर्मचारी जा चुके थे। इन सभी लोगों के सामने चरस और अफीम बरामद हुई थी।
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तीनों बोरों में घास-फूस के बीच पैकेट रखे थे। चरस-अफीम के आदी गांव के कुछ लोगों ने पैकेट खोलकर पहचाना था। ग्रामीणों का कहना है कि वे थाना सिकंदरा में इसकी शिकायत कर आए हैं। उधर, थाना सिकंदरा प्रभारी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में वन विभाग की तरफ से नशीला पदार्थ मिलने की कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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यकीन नहीं, पर जांच कराएंगे: डीएफओ
डीएफओ एके सिंह का कहना है कि उन्हें गांव वालों के आरोपों पर जरा भी यकीन नहीं है। यह नहीं हो सकता कि वन विभाग के कर्मचारी ऐसा काम करें। फिर भी वे इसकी जांच कराएंगे।