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किराये के मकान में स्टांप पेपर पर छाप रहे थे 100-100 के जाली नोट, पांच गिरफ्तार

Sat, 07 Sep 2019 09:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 07 Sep 2019 09:02 AM IST
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Five arrested for printing fake currency in agra
एसटीएफ ने पकड़ा जाली नोट छापने वाली गिरोह - फोटो : अमर उजाला
आगरा में एसटीएफ ने शहीद नगर एकता पार्क से स्कैनर और प्रिंटर की मदद से स्टांप पेपर पर 100-100 के जाली नोट छापने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया है। ये लोग जाली करेंसी को शराब के ठेकों पर चलाते थे। 
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पिछले डेढ़ साल से यह गोरखधंधा चल रहा था। गिरोह के पास से 100-100 के नकली नोट की 3.5 गड्डी (35000 रुपये), लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, मोबाइल बरामद किए गए हैं। नकली नोटों का यह कारखाना सदर बाजार के शहीद नगर की एकता कॉलोनी में चल रहा था।
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गिरफ्तार आरोपी कृष्णापुरी, कहरई मोड़, शमसाबाद रोड के शिवम तोमर और ओमकार झा, नया बांस रोड, शमसाबाद का अवधेश सविता, धिमश्री शमसाबाद का सुनील, मियांपुर ताजगंज का लाखन हैं। इन्होंने एकता कॉलोनी में मकान किराए पर ले रखा था। 
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शराब के ठेकों पर देते थे गड्डियां

ये शातिर 10 रुपये के स्टांप पेपर की कटिंग करके तीन नोट बनाते थे। इन पर बड़ी सफाई से चांदी का धागा (सिल्वर थ्रेड) लगाते थे। नकली नोट की एक गड्डी (10 हजार रुपये) तैयार करने में 450 रुपये का खर्च आता था। 

एक गड्डी शराब के ठेकों पर सेल्समैन को 5000 रुपये में दी जाती थी। सेल्समैन नशे में धुत लोगों को बड़ी आसानी से नकली नोट चला देते थे। शमसाबाद रोड का रहने वाला मोनू, देवरी रोड का विनोद, सेवला का जीतू, धनौली का मुकेश सेल्समैन हैं जो नोट चलाते थे। इनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। एसटीएफ के सीओ श्यामकांत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

देहात में ज्यादा चलाए नकली नोट 

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि जाली करेंसी को बिचपुरी, शमसाबाद, अछनेरा, किरावली में ज्यादा चलाया गया। देसी ठेकों की कैंटीन में भी इनकी सप्लाई की जाती थी। हर महीने चार से पांच लाख रुपये की जाली करेंसी खपाई जा रही थी। 100 के नोट पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता है, इसलिए इसे ही बना रहे थे।
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