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प्रकाश नगर मेें जूता कारखाने में भीषण आग
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 08 Sep 2015 02:10 AM IST
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प्रकाश नगर के पथवारी गली में सोमवार रात तकरीबन 12:45 बजे राजेश सोनी के दो मंजिला भवन में संचालित जूता कारखाने में भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में लपटें उठने लगी। पड़ोस का कारखाना भी चपेट में आ गया। इलाके में अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी पर दमकल की छह गाड़ियां पहुंची। खबर लिखे जाने तक आग पर काबू करने के प्रयास चल रहे थे। ऊपरी मंजिल पर रहने वाले परिवार को क्षेत्र के लोगों ने किसी तरह बाहर निकाल लिया। हादसे में कारखाना मालिक के दो बच्चे मामूली रूप से झुलस गए।
प्रकाश नगर घनी आबादी क्षेत्र है। राजेश सोनी के घर के निचले हिस्से में जूता कारखाना संचालित होता है, जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता है। रात को कारखाने से आग की लपटें उठता देखकर इलाके के लोग निकल आए। परिवारीजनों के चीखपुकार मचाने पर लोगों ने मुख्य दरवाजा तोड़कर उनको बाहर निकाला। लपटें कुछ ही देर में ऊपर की मंजिल पर भी फैल गईं। आग पड़ोस की अनिल के कारखाने तक फैलने लगी। इस पर लोगों ने यहां से जूते और जूता बनाने का मैटेरियल बाहर निकाला। सूचना पर आए दमकल कर्मियों ने कारखाने की आग पर काबू करना शुरू किया। आधा घंटे की कवायद के बाद निचले हिस्से में लगी आग पर काबू किया गया। मगर, ऊपर की मंजिल से लपटें उठ रहीं थी। आग फैलने की आशंका से आसपास के घर भी खाली हो गए। सीएफओ ने बताया कि कारखाना अनाधिकृत रूप से संचालित हो रहा है। इसकी जांच की जाएगी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की संभावना है।
ताज पूर्वी गेट पर धू धू कर जला शोरूम
ताजमहल से महज 50 मीटर दूर बालाजी हैंडीक्राफ्ट शोरूम में सोमवार शाम शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। अग्निकांड से ताजमहल आने-जाने वाले सैलानियों में दहशत फैल गई। इस आग का काला धुआं ताजमहल तक पहुंचता रहा। शिल्पग्राम पर खड़ी रहने वाली फायर बिग्रेड की गाड़ी को पूर्वी गेट पर आने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। शोरूम पूरी तरह से राख हो गया। भीषण लपटों के चलते पड़ोसी दुकानदारों ने भी अपने शोरूम से सामान बाहर निकाल लिया।
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ताजमहल पूर्वी गेट पर केवी गुप्त इंटर कालेज से सटा सुभाष गुप्ता, राजेश गुप्ता का शोरूम है। इसका संचालन सईद कर रहे हैं। बालाजी हैंडीक्राफ्ट के नाम से संचालित शोरूम में मार्बल इनले, जरदोजी समेत हैंडीक्राफ्ट था। शाम को आग में यह सब राख हो गया। तेजी से फैली आग ने शोरूम की तीनों दुकानों को चपेट में ले लिया। एक घंटे देरी से पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया, तब तक काला धुआं ताजमहल पर कालिख जमा कर चुका था। अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
पास में था फायर हाइडेंट प्वाइंट, लेकिन शोपीस
होटल ताज खेमा के सामने फायर हाइडेंट प्वाइंट लगाया गया था, लेकिन यह महज शोपीस ही निकला। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मॉडल दिखाने के दौरान बीते साल अक्तूबर में इसे लगाया गया था। आग के दौरान लोगों ने अपने सबमर्सिबल पंप से पानी चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि सड़क के दूसरी ओर लपटों के चलते लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे।
ताज के पास चाहिए 10 हाइडेंट प्वाइंट्स
पांच साल पहले फायर बिग्रेड ने गैसोलीन के संभावित ब्लास्ट से बचने के लिए 10 हाइडेंट प्वाइंट बनाने की मांग की थी। पूर्व सीएफओ केके अग्रवाल ने मुख्यालय को ताजगंज में एक हजार लीटर फोम, चार फोम मानीटर्स और 1620 एलपीएम को बैटरी चालित पंप का प्रस्ताव भेजा था। हैरत ये है कि पांच साल में भी ताजमहल के पास सेंसिटिव जोन होने पर भी प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया गया। आग लगने पर हाइडेंट प्वाइंट्स तलाशे जाते रहे।
यहां चाहिए हाइडेंट प्वाइंट्स
जगह संख्या
- ताजमहल पूर्वी गेट 1
- गेट से दशहरा घाट 3
- पाठक प्रेस बैरियर 1
- ताज दक्षिणी गेट 2
- ताज पश्चिमी गेट 1
- गेट से बसई घाट 1
- सिद्धार्थ होटल के पास 1
फोटो-सीपी, मनीष, सतेंद्र
पेठा कारखाने में लपटों से घिरे 12 कारीगर
नूरी दरवाजा में राजेश अग्रवाल की प्राचीन पेठा स्टोर के नाम से दुकान है। दुकान के पीछे ही तंग गली में पेठा बनाने का कारखाना है। 12 कारीगर पेठा बना रहे थे। शाम तकरीबन 4:15 बजे सिलेंडर में आग लग गई। लपटें छत से टकराने के बाद कारखाने में फैल गईं। लपटों से घिरे कारीगरों में चीखपुकार मच गई। दुकान पर बैठे राजेश अग्रवाल, उनका भतीजा सचिन, दोस्त नितिन कारखाने में पहुंचे। वे कारीगरों को बाहर निकालने का प्रयास करने के दौरान झुलस गए। किसी तरह कारीगरों को बाहर निकाला गया। आसपास के लोगों ने बाल्टियों से आग बुझाना शुरू किया। नरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, नरेश और रक्षित झुलस गए। इसी दौरान दमकल भी मौके पर पहुंची। आधा घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। झुलसे सात लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
तंग गली में पेठा कारखाना चल रहा था। कारखाने में ही चार और कामर्शियल सिलेंडर रखे हुए थे। लोगों ने हिम्मत दिखाई। सिलेंडर पर पानी फेंकने के बाद कारीगरों को बाहर खींचना शुरू कर दिया। अगर आसपास के लोग मदद नहीं करते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अग्निकांड-3, दोपहर 12 बजे
गोदाम में लाखों का इलेक्ट्रानिक सामान राख
आलोक नगर, जयपुर हाउस रोड स्थित शोभित बंसल की विश्वकर्मा कांप्लेक्स के बेसमेंट में इलेक्ट्रानिक सामान का गोदाम है। गोदाम के ऊपर ही उनकी रिलायंस फोन्स और अमूल पार्लर की दो दुकानें हैं। दोपहर करीब 12 बजे बेसमेंट में शार्ट सर्किट से आग लग गई। सीढ़ियों से धुआं उठते देखकर हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने सीज फायर से आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद फायर बिग्रेड को सूचना दी। दुकानों में लगे एसी भी पलटों से घिर गए। फायर कर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। शोभित ने बताया कि बेसमेंट में रखा लाखों का माल जल गया। एसी समेत अन्य फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा है।
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प्रकाश नगर घनी आबादी क्षेत्र है। राजेश सोनी के घर के निचले हिस्से में जूता कारखाना संचालित होता है, जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता है। रात को कारखाने से आग की लपटें उठता देखकर इलाके के लोग निकल आए। परिवारीजनों के चीखपुकार मचाने पर लोगों ने मुख्य दरवाजा तोड़कर उनको बाहर निकाला। लपटें कुछ ही देर में ऊपर की मंजिल पर भी फैल गईं। आग पड़ोस की अनिल के कारखाने तक फैलने लगी। इस पर लोगों ने यहां से जूते और जूता बनाने का मैटेरियल बाहर निकाला। सूचना पर आए दमकल कर्मियों ने कारखाने की आग पर काबू करना शुरू किया। आधा घंटे की कवायद के बाद निचले हिस्से में लगी आग पर काबू किया गया। मगर, ऊपर की मंजिल से लपटें उठ रहीं थी। आग फैलने की आशंका से आसपास के घर भी खाली हो गए। सीएफओ ने बताया कि कारखाना अनाधिकृत रूप से संचालित हो रहा है। इसकी जांच की जाएगी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की संभावना है।
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ताज पूर्वी गेट पर धू धू कर जला शोरूम
ताजमहल से महज 50 मीटर दूर बालाजी हैंडीक्राफ्ट शोरूम में सोमवार शाम शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। अग्निकांड से ताजमहल आने-जाने वाले सैलानियों में दहशत फैल गई। इस आग का काला धुआं ताजमहल तक पहुंचता रहा। शिल्पग्राम पर खड़ी रहने वाली फायर बिग्रेड की गाड़ी को पूर्वी गेट पर आने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। शोरूम पूरी तरह से राख हो गया। भीषण लपटों के चलते पड़ोसी दुकानदारों ने भी अपने शोरूम से सामान बाहर निकाल लिया।
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ताजमहल पूर्वी गेट पर केवी गुप्त इंटर कालेज से सटा सुभाष गुप्ता, राजेश गुप्ता का शोरूम है। इसका संचालन सईद कर रहे हैं। बालाजी हैंडीक्राफ्ट के नाम से संचालित शोरूम में मार्बल इनले, जरदोजी समेत हैंडीक्राफ्ट था। शाम को आग में यह सब राख हो गया। तेजी से फैली आग ने शोरूम की तीनों दुकानों को चपेट में ले लिया। एक घंटे देरी से पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया, तब तक काला धुआं ताजमहल पर कालिख जमा कर चुका था। अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
पास में था फायर हाइडेंट प्वाइंट, लेकिन शोपीस
होटल ताज खेमा के सामने फायर हाइडेंट प्वाइंट लगाया गया था, लेकिन यह महज शोपीस ही निकला। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मॉडल दिखाने के दौरान बीते साल अक्तूबर में इसे लगाया गया था। आग के दौरान लोगों ने अपने सबमर्सिबल पंप से पानी चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि सड़क के दूसरी ओर लपटों के चलते लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे।
ताज के पास चाहिए 10 हाइडेंट प्वाइंट्स
पांच साल पहले फायर बिग्रेड ने गैसोलीन के संभावित ब्लास्ट से बचने के लिए 10 हाइडेंट प्वाइंट बनाने की मांग की थी। पूर्व सीएफओ केके अग्रवाल ने मुख्यालय को ताजगंज में एक हजार लीटर फोम, चार फोम मानीटर्स और 1620 एलपीएम को बैटरी चालित पंप का प्रस्ताव भेजा था। हैरत ये है कि पांच साल में भी ताजमहल के पास सेंसिटिव जोन होने पर भी प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया गया। आग लगने पर हाइडेंट प्वाइंट्स तलाशे जाते रहे।
यहां चाहिए हाइडेंट प्वाइंट्स
जगह संख्या
- ताजमहल पूर्वी गेट 1
- गेट से दशहरा घाट 3
- पाठक प्रेस बैरियर 1
- ताज दक्षिणी गेट 2
- ताज पश्चिमी गेट 1
- गेट से बसई घाट 1
- सिद्धार्थ होटल के पास 1
फोटो-सीपी, मनीष, सतेंद्र
पेठा कारखाने में लपटों से घिरे 12 कारीगर
नूरी दरवाजा में राजेश अग्रवाल की प्राचीन पेठा स्टोर के नाम से दुकान है। दुकान के पीछे ही तंग गली में पेठा बनाने का कारखाना है। 12 कारीगर पेठा बना रहे थे। शाम तकरीबन 4:15 बजे सिलेंडर में आग लग गई। लपटें छत से टकराने के बाद कारखाने में फैल गईं। लपटों से घिरे कारीगरों में चीखपुकार मच गई। दुकान पर बैठे राजेश अग्रवाल, उनका भतीजा सचिन, दोस्त नितिन कारखाने में पहुंचे। वे कारीगरों को बाहर निकालने का प्रयास करने के दौरान झुलस गए। किसी तरह कारीगरों को बाहर निकाला गया। आसपास के लोगों ने बाल्टियों से आग बुझाना शुरू किया। नरेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, नरेश और रक्षित झुलस गए। इसी दौरान दमकल भी मौके पर पहुंची। आधा घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। झुलसे सात लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
तंग गली में पेठा कारखाना चल रहा था। कारखाने में ही चार और कामर्शियल सिलेंडर रखे हुए थे। लोगों ने हिम्मत दिखाई। सिलेंडर पर पानी फेंकने के बाद कारीगरों को बाहर खींचना शुरू कर दिया। अगर आसपास के लोग मदद नहीं करते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अग्निकांड-3, दोपहर 12 बजे
गोदाम में लाखों का इलेक्ट्रानिक सामान राख
आलोक नगर, जयपुर हाउस रोड स्थित शोभित बंसल की विश्वकर्मा कांप्लेक्स के बेसमेंट में इलेक्ट्रानिक सामान का गोदाम है। गोदाम के ऊपर ही उनकी रिलायंस फोन्स और अमूल पार्लर की दो दुकानें हैं। दोपहर करीब 12 बजे बेसमेंट में शार्ट सर्किट से आग लग गई। सीढ़ियों से धुआं उठते देखकर हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने सीज फायर से आग बुझाने की कोशिश की। इसके बाद फायर बिग्रेड को सूचना दी। दुकानों में लगे एसी भी पलटों से घिर गए। फायर कर्मियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। शोभित ने बताया कि बेसमेंट में रखा लाखों का माल जल गया। एसी समेत अन्य फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा है।