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तंग गली में जूता कारखाने में भीषण आग
आगरा , अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2014 01:56 AM IST
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जगदीशपुरा की तंग गली में संचालित जूता कारखाना गुरुवार की शाम शार्ट सर्किट होने से धधक उठा। ज्वलनशील सॉल्यूशन की कई केन धमाके से फटी तो आग विकराल हो गई। ऊपरी मंजिल पर बना कमरा भी गिर गया। फायर ब्रिगेड की तीन दमकलों ने आग पर काबू पाया। लाखों के नुकसान का अनुमान है। एक कारीगर भी झुलस गया है।
कृष्णा नगर के सेक्टर नौ निवासी मोहित के मकान में जूते का कारखाना है। भूतल पर गोदाम और ऊपर बने कमरों में कारीगर काम करते हैं। चार फीट चौड़ी गली है। शाम तकरीबन 3:30 बजे कारीगर मनोज, रामरूप, बबलू, बंटू और पवन फैक्ट्री में थे। मनोज ने बताया कि बिजली की केबलों से निकली चिंगारी केमिकल पर गिरी। इससे आग लग गई। सॉल्यूशन से भरी सात-आठ केन धमाके के साथ फटने लगीं।
जलता केमिकल मजदूरों पर भी गिरा। वह जान बचाकर बाहर भागे। आग नीचे गोदाम तक पहुंच गई। कारीगर और पड़ोसी मदद से आग बुझाने में जुट गए। तीन दमकल के साथ एफएसओ एसएस राय पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने दूसरे घरों से पानी डाला। पहली मंजिल पर बना एक कमरा भी गिर गया।
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दमकलकर्मियों ने कारखाने की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। तकरीबन एक घंटे में आग बुझा दी गई। मनोज झुलस गया। एफएसओ ने बताया कि आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे और न ही वेंटीलेशन था। एक गेट होने के कारण दिक्कत हुई। उधर, संचालक के रिश्तेदार ने बताया कि फैक्ट्री काफी समय से बंद पड़ी है। उसमें कोई कारीगर नहीं था। जबकि घटना के बाद कारखाना मालिक के न आने से कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
...तो होता भीषण हादसा
जूता कारखाने के बगल से राशन की दुकान है। इसमें कई ड्रमों में मिट्टी का तेल रखा हुआ था। बस्ती के लोगों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने तेल से भरे आधा दर्जन से अधिक ड्रमों को बाहर पहुंचाया।
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कृष्णा नगर के सेक्टर नौ निवासी मोहित के मकान में जूते का कारखाना है। भूतल पर गोदाम और ऊपर बने कमरों में कारीगर काम करते हैं। चार फीट चौड़ी गली है। शाम तकरीबन 3:30 बजे कारीगर मनोज, रामरूप, बबलू, बंटू और पवन फैक्ट्री में थे। मनोज ने बताया कि बिजली की केबलों से निकली चिंगारी केमिकल पर गिरी। इससे आग लग गई। सॉल्यूशन से भरी सात-आठ केन धमाके के साथ फटने लगीं।
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जलता केमिकल मजदूरों पर भी गिरा। वह जान बचाकर बाहर भागे। आग नीचे गोदाम तक पहुंच गई। कारीगर और पड़ोसी मदद से आग बुझाने में जुट गए। तीन दमकल के साथ एफएसओ एसएस राय पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने दूसरे घरों से पानी डाला। पहली मंजिल पर बना एक कमरा भी गिर गया।
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दमकलकर्मियों ने कारखाने की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। तकरीबन एक घंटे में आग बुझा दी गई। मनोज झुलस गया। एफएसओ ने बताया कि आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे और न ही वेंटीलेशन था। एक गेट होने के कारण दिक्कत हुई। उधर, संचालक के रिश्तेदार ने बताया कि फैक्ट्री काफी समय से बंद पड़ी है। उसमें कोई कारीगर नहीं था। जबकि घटना के बाद कारखाना मालिक के न आने से कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
...तो होता भीषण हादसा
जूता कारखाने के बगल से राशन की दुकान है। इसमें कई ड्रमों में मिट्टी का तेल रखा हुआ था। बस्ती के लोगों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने तेल से भरे आधा दर्जन से अधिक ड्रमों को बाहर पहुंचाया।