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एसएन इमरजेंसी में बवाल, ईएमओ को पीटा

Mon, 15 May 2017 01:22 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा Updated Mon, 15 May 2017 01:22 PM IST
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SN EMO beaten when denied to prepare a wrong report
इमरजेंसी ईएमओ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी में लीगल मेडिकल बनवाने आए लोगों ने इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) को पीट दिया। जमकर हंगामा मचाया और स्टाफ से भी मारपीट की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हमलावरों में से एक को पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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घटना रविवार शाम करीब चार बजे इमरजेंसी की है। मंटोला निवासी मोइन अपना मेडिकल करवाने के लिए आया था। यहां ईएमओ डा. सौरभ चंद्र शर्मा ड्यूटी पर थे। इनका आरोप है कि मेडिकल कराने आए मोइन की जांच में ब्लडप्रेशर, नब्ज, शरीर में आक्सीजन समेत सभी सामान्य थे। 
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जब वो रिपोर्ट बनाने लगे तो मोइन इन पर धारदार हथियार से वार करने की धारा दर्ज कराने के लिए कहने लगा। ईएमओ ने गलत काम करने से मना कर दिया। इस पर आरोपी बसपा के पूर्व विधायक का हवाला देकर धमकाने लगा। 
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ईएमओ नहीं माने मोइन के साथ आए 15-20 लोगों ने उनसे गालीगलौज की और पिटाई कर दी। उनके कपड़े तक फाड़ दिए। चश्मा टूट गया। डा. शर्मा ने बताया कि आरोपी कह रहे थे कि उनका मायके-ससुराल पक्ष का झगड़ा चल रहा है। इसी के लिए वह मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट दर्ज कराना चाहते थे। मारपीट होने पर स्टाफ के लोग भी आ गए। 

सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया। थाना एमएम गेट के एसओ ने बताया कि डाक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मौके पर पकड़ा गया युवक सदर भट्टी निवासी मुस्तकीम है।


ईएमओ का कहना है कि जिला अस्पताल में लीगल मेडिकल कराने की सुविधा है। इमरजेंसी या फिर विषम हालातों में यहां मेडिकल कराए जाते हैं, लेकिन जिला अस्पताल सामान्य मामलों में भी इमरजेंसी भेज देते हैं। इस पर उन्होंने जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र लिखा है, जिसमें मरीज को इमरजेंसी भेजने की वजह पूछी गई है।


फर्जी मेडिकल की मिल चुकी हैं शिकायत
इमरजेंसी में फर्जी मेडिकल बनाने की शिकायत मिल चुकी हैं। प्राइवेट में कराए जाने वाले मेडिकल में मनचाही रिपोर्ट भी दर्ज करा दी जाती है। बीते साल तत्कालीन प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने ये कारस्तानी पकड़ी थी। जांच भी कराई गई, लेकिन उनके जाने के बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई। 
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