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सेंट्रल जेल में कैदी के पास मिली इलेक्ट्रानिक डिवाइस
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sat, 20 Feb 2016 01:19 AM IST
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सेंट्रल जेल की सुरक्षा एक कैदी ने तार-तार कर दी। सजायाफ्ता कैदी के पास से एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस बरामद हुई। यह मोबाइल भी हो सकता है। इसका भेद खुलने पर पिटाई और बैरक बदलने के डर से कैदी ने खुद को ब्लेड मारकर लहूलुहान कर लिया। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन उसे एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इसकी जानकारी पर कैदी के परिवारीजन भी आ गए। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने रुपये नहीं देने पर मारपीट कर घायल किया है। वह इसकी शिकायत अधिकारियों से करेंगे।
मुड़ी चौराहा, खंदौली निवासी बबलू (32) 2009 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वह सर्किल नंबर चार की बैरक में है। गुरुवार को डीआईजी जेल ने चेकिंग की थी। इसके बाद से सतर्कता बरती जा रही थी। शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे चेकिंग में बबलू के पास से घड़ीनुमा इलेक्ट्रानिक डिवाइस बरामद हुई। इसमें सिम जैसी वस्तु लगाने की जगह भी है। पकड़े जाने पर कैदी ने उसे अपने पैरों से तोड़ दिया और भागकर पानी के टैंक में डाल दिया। इसकी जानकारी नंबरदारों ने जेल अधिकारियों को दी। 11:30 बजे कैदी को जेल अफसरों ने बुलाया था। नंबरदार उसे लेकर आ रहे थे कि रास्ते में पेड़ों के पास छिपाकर रखे गए ब्लेड से उसने खुद को लहूलुहान कर दिया। उसने सीने, चेहरे और गर्दन के पास ब्लेड मार लिया। इस पर वहां हड़कंप मच गया। उसे तुरंत इमरजेंसी लाया गया। मौके पर आए घरवालों ने हंगामा किया तो कर्मचारी उसे वापस जेल ले आए। जेल अधीक्षक संतलाल यादव ने बताया कि कैदी ने खुद को ब्लेड मारकर घायल किया है।
तीन दिन पहले आई थी कैदी की रिश्तेदार महिला
जेल प्रशासन के मुताबिक, कैदी की रिश्तेदार महिला तीन दिन पहले मुलाकात के लिए आई थी। हो सकता है कि वह उसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस देकर गई हो। जेल के अंदर कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।
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जेल में कर्मचारी मांगते हैं रुपये
बबलू की मां ओमवती का आरोप है कि जेल में कर्मचारी रुपये मांगते हैं। मना करने पर मारपीट की जाती है। बबलू को रुपये नहीं देने पर कर्मचारियों ने ही पीटकर घायल किया है। उससे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। इसकी शिकायत अधिकारियों से करेंगे।
कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं
जेल में इलेक्ट्रानिक डिवाइस का पहुंचना सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने के लिए काफी है। जेल में मुलाकात करने आने वालों की बाहर और अंदर चेकिंग की जाती है। कैदियों पर नजर रखने की भी अलग से व्यवस्था है। किसी जेल कर्मी की मिलीभगत के बगैर डिवाइस का पहुंचना आसान नहीं है। यह जांच के बाद सामने आ सकता है।
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मुड़ी चौराहा, खंदौली निवासी बबलू (32) 2009 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वह सर्किल नंबर चार की बैरक में है। गुरुवार को डीआईजी जेल ने चेकिंग की थी। इसके बाद से सतर्कता बरती जा रही थी। शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे चेकिंग में बबलू के पास से घड़ीनुमा इलेक्ट्रानिक डिवाइस बरामद हुई। इसमें सिम जैसी वस्तु लगाने की जगह भी है। पकड़े जाने पर कैदी ने उसे अपने पैरों से तोड़ दिया और भागकर पानी के टैंक में डाल दिया। इसकी जानकारी नंबरदारों ने जेल अधिकारियों को दी। 11:30 बजे कैदी को जेल अफसरों ने बुलाया था। नंबरदार उसे लेकर आ रहे थे कि रास्ते में पेड़ों के पास छिपाकर रखे गए ब्लेड से उसने खुद को लहूलुहान कर दिया। उसने सीने, चेहरे और गर्दन के पास ब्लेड मार लिया। इस पर वहां हड़कंप मच गया। उसे तुरंत इमरजेंसी लाया गया। मौके पर आए घरवालों ने हंगामा किया तो कर्मचारी उसे वापस जेल ले आए। जेल अधीक्षक संतलाल यादव ने बताया कि कैदी ने खुद को ब्लेड मारकर घायल किया है।
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तीन दिन पहले आई थी कैदी की रिश्तेदार महिला
जेल प्रशासन के मुताबिक, कैदी की रिश्तेदार महिला तीन दिन पहले मुलाकात के लिए आई थी। हो सकता है कि वह उसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस देकर गई हो। जेल के अंदर कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।
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जेल में कर्मचारी मांगते हैं रुपये
बबलू की मां ओमवती का आरोप है कि जेल में कर्मचारी रुपये मांगते हैं। मना करने पर मारपीट की जाती है। बबलू को रुपये नहीं देने पर कर्मचारियों ने ही पीटकर घायल किया है। उससे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। इसकी शिकायत अधिकारियों से करेंगे।
कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं
जेल में इलेक्ट्रानिक डिवाइस का पहुंचना सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने के लिए काफी है। जेल में मुलाकात करने आने वालों की बाहर और अंदर चेकिंग की जाती है। कैदियों पर नजर रखने की भी अलग से व्यवस्था है। किसी जेल कर्मी की मिलीभगत के बगैर डिवाइस का पहुंचना आसान नहीं है। यह जांच के बाद सामने आ सकता है।