{"_id":"573394dc4f1c1ba13091a178","slug":"court-will-be-give-decision-on-udai-swaroop-arresting","type":"story","status":"publish","title_hn":"उदय स्वरूप की गिरफ्तारी पर आज होगा फैसला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उदय स्वरूप की गिरफ्तारी पर आज होगा फैसला
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Thu, 12 May 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
सीबीआई की चार्जशीट से बढ़ी हैं आरोपी की मुश्किलें
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) मेें नैनो टेक्नोलॉजी की शोध छात्रा नेहा शर्मा की हत्या के आरोपी उदय स्वरूप की गिरफ्तारी पर गुुरुवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। वह इस केस में जमानत पर जेल से बाहर चल रहा है। लेकिन सीबीआई की चार्जशीट के बाद उसकी मुश्किल बढ़ गई है।
सीबीआई ने उस पर रेप और साक्ष्य मिटाने की धारा बढ़ा दी है। इनमें उसे जमानत नहीं है। उसे जेल भेजा जाए या नहीं, इस पर बहस पहले ही हो चुकी है। अब सिर्फ फैसला बाकी है। उदय स्वरूप की गिरफ्तारी के लिए याचिका नेहा के पिता रक्षपाल शर्मा निवासी दिल्ली ने दायर की थी। अदालत ने निर्णय सुनाने के लिए 12 मई की तारीख मुकर्रर की थी। उदय स्वरूप को कोर्ट में हाजिर रहने के लिए कहा गया था। वह पिछली तारीख पर भी पेश हुआ था। बता दें, नेहा शर्मा को 15 मार्च 2013 को संस्थान की लैब में कटर से काटकर मारा गया था।
ऐसे बदली कहानी
- पुलिस ने 40 दिनों में चार्जशीट दाखिल की थी, सीबीआई को ढाई साल लगा।
- पुलिस ने दो आरोपी बनाए थे, सीबीआई ने सिर्फ एक ही (उदय स्वरूप) बनाया।
- पुलिस की चार्जशीट में 30 गवाह थे, सीबीआई ने इससे छह ज्यादा 36 बनाए हैं।
- पुलिस ने रेप के प्रयास और हत्या की धारा लगाई थी, सीबीआई ने रेप, हत्या, साक्ष्य मिटाने की।
विज्ञापन
सीबीआई ने उस पर रेप और साक्ष्य मिटाने की धारा बढ़ा दी है। इनमें उसे जमानत नहीं है। उसे जेल भेजा जाए या नहीं, इस पर बहस पहले ही हो चुकी है। अब सिर्फ फैसला बाकी है। उदय स्वरूप की गिरफ्तारी के लिए याचिका नेहा के पिता रक्षपाल शर्मा निवासी दिल्ली ने दायर की थी। अदालत ने निर्णय सुनाने के लिए 12 मई की तारीख मुकर्रर की थी। उदय स्वरूप को कोर्ट में हाजिर रहने के लिए कहा गया था। वह पिछली तारीख पर भी पेश हुआ था। बता दें, नेहा शर्मा को 15 मार्च 2013 को संस्थान की लैब में कटर से काटकर मारा गया था।
विज्ञापन
ऐसे बदली कहानी
- पुलिस ने 40 दिनों में चार्जशीट दाखिल की थी, सीबीआई को ढाई साल लगा।
- पुलिस ने दो आरोपी बनाए थे, सीबीआई ने सिर्फ एक ही (उदय स्वरूप) बनाया।
- पुलिस की चार्जशीट में 30 गवाह थे, सीबीआई ने इससे छह ज्यादा 36 बनाए हैं।
- पुलिस ने रेप के प्रयास और हत्या की धारा लगाई थी, सीबीआई ने रेप, हत्या, साक्ष्य मिटाने की।