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कलेक्ट्रेट बवाल केस में सांसद कठेरिया बरी
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 20 Jan 2017 11:46 PM IST
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रामशंकर कठेरिया
- फोटो : फाइल फोटो
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प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के गेट, खिड़कियां और गमले आदि तोड़ने के मामले में आगरा से सांसद प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया को बरी कर दिया है। पर्याप्त साक्ष्य न होने के चलते उन्हें यह राहत मिली है।
मामला 28 फरवरी 2011 का था। रिपोर्ट थाना नाई की मंडी के दरोगा बेद सिंह ने दर्ज कराई थी। आरोप था कि जनसमस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ की। पुलिस ने सांसद राम शंकर कठेरिया, नवीन जैन, पिंकी सक्सेना, शिवकुमार राठौर, रजनीश त्यागी, विजय दिवाकर, दीपू सविता, हरिओम कोहली, अमित चौधरी, महेंद्र सिकरवार, अखिलेश चौहान, अशोक लवानियां, श्याम सुंदर, जितेंद्र, हुकुम चाहर, जयदीप, प्रमेश आदि के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
ये लोग जुलूस लेकर पहुंचे थे। आरोप था कि पुलिस ने रोका तो गेट तोड़ दिया। सीजेएम कोर्ट में कठेरिया की पत्रावली अलग कर सुनवाई की गई। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए लेकिन पर्याप्त साक्ष्य न होने के चलते कठेरिया को बरी कर दिया गया।
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मामला 28 फरवरी 2011 का था। रिपोर्ट थाना नाई की मंडी के दरोगा बेद सिंह ने दर्ज कराई थी। आरोप था कि जनसमस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ की। पुलिस ने सांसद राम शंकर कठेरिया, नवीन जैन, पिंकी सक्सेना, शिवकुमार राठौर, रजनीश त्यागी, विजय दिवाकर, दीपू सविता, हरिओम कोहली, अमित चौधरी, महेंद्र सिकरवार, अखिलेश चौहान, अशोक लवानियां, श्याम सुंदर, जितेंद्र, हुकुम चाहर, जयदीप, प्रमेश आदि के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
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ये लोग जुलूस लेकर पहुंचे थे। आरोप था कि पुलिस ने रोका तो गेट तोड़ दिया। सीजेएम कोर्ट में कठेरिया की पत्रावली अलग कर सुनवाई की गई। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए लेकिन पर्याप्त साक्ष्य न होने के चलते कठेरिया को बरी कर दिया गया।
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