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शर्ट-एक लाख + मिठाई - एक करोड़ = जालसाजी कोड

Thu, 11 Jun 2015 02:01 AM IST
चन्द्र मोहन शर्मा/आगरा
चन्द्र मोहन शर्मा/आगरा Updated Thu, 11 Jun 2015 02:01 AM IST
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code: shirt one lakh, sweet one crore
आलू के कारोबारी शैलेंद्र अग्रवाल ने एसएमएस में अपने ट्रेड के कोड का
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कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया। एसएमएस में  ‘शर्ट’, ‘मिठाई’ और ‘मुर्गा’ जैसे कोडवर्ड का प्रयोग किया गया है। पुलिस इस कोड के रहस्य से परदा उठाने में जुटी है। पर उसकी कुछ समझ में नहीं आ रहा। आप ही बताइए कि कोई व्यक्ति किसी अफसर को एक बार में कितनी शर्ट दे सकता है, जबकि वह आईएएस हो और उसके घर में गारमेंट का कारोबार भी न होता हो। एक एसमएमस की बानगी कुछ यूं समझिए।
शैलेंद्र ने एसएमएस में एक दो तीन नहीं, 50 शर्ट लाने की बात कही है। भला कोई एक साथ इतनी शर्ट का क्या करेगा? पुलिस को संदेह है कि शर्ट लेनदेन का कोड है। संभवत: एक शर्ट एक लाख की ओर इशारा करती है। मतलब 50 लाख। इसी तरह भला कोई मिठाई का डब्बा लाने की बात एसएमएस पर क्यों बताएगा? वो भी उस अधिकारी को जो मीठा बहुत कम खाता हो? यह एक करोड़ रुपये का कोड वर्ड हो सकता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह अधिकारी हार्डकोर नानवेज, लेकिन एसएमएस में मुर्गा आने का जिक्र मुर्गे के लिए नहीं, बल्कि जालसाजी के लिए लग रहा है।
शैलेंद्र को रिमांड पर लेकर इन एसएमएस के बारे में भी सवाल किए जाएंगे। तभी पता चलेगा कि  राज क्या है? खास बात यह भी रही कि आईएएस अधिकारी ने कोड वर्ड इस्तेमाल किए, जबकि आईपीएस ने खुल्लम खुल्ला लिखा।

जरा भी नहीं डरे पूर्व डीजीपी
एक पूर्व डीजीपी तो शैलेंद्र से इतने खुल गए थे कि दिन में कई बार एसएमएस करते थे। पैसे के लेन देन की बातचीत एसएमएस पर होती थी। उन्हें इस बात का डर नहीं रहा कि अगर कभी यह राज खुला तो उनका क्या होगा? पूर्व डीजीपी को शैलेंद्र ने अपने बैंक से भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए।

आईएएस का लेन देन सबसे ज्यादा
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शैलेंद्र के एकाउंट से लेनदेन के मामले में सबसे ज्यादा एक आईएएस अधिकारी के साथ हैं, जो आगरा में डीएम रहा। जांच में आया है कि उसने जमीन में भी खूब पैसा लगाया।

पेशी पर शैलेंद्र को वीआईपी ट्रीटमेंट
जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल के ठाठबाट में कोई कमी नहीं आई है। बुधवार को उसे दीवानी में तीन मामलों में पेशी पर लाया गया। पेशी के बाद जालसाज दो घंटे तक गायब रहा। दीवानी की हवालात में नहीं लाकर उसे दीवानी में दूसरे स्थान पर ले जाया गया। दोपहर साढ़े 12 बजे उसे दीवानी हवालात में लाया गया, जहां से कुछ देर बाद ही जेल भेज दिया गया।

करोड़ों रुपये की जालसाजी और पुलिस अफसरों से संबंधों के चलते चर्चा में आए शैलेंद्र अग्रवाल को बुधवार की सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे दीवानी में पेशी पर लाया गया। यहां तीन अदालतों में उसकी पेशी थी। पेशी कराए जाने के बाद शैलेंद्र को बाहर लाया गया तो उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह पुलिसकर्मियों से घिरा रहा। पुलिसकर्मी उसकी सेवा में लगे रहे। पेशी के बाद उसे सीधे हवालात में नहीं ले जाकर पुलिसकर्मी अज्ञात स्थान पर लेकर गए। यहां करीब दो घंटे तक शैलेंद्र अपने खास लोगों से मिलता जुलता रहा। उधर, दीवानी हवालात में आए बंदियों की पेशी के बाद हवालात के हैड मुहर्रिर ने शैलेंद्र को तलाश किया। इसके बाद करीब साढ़े 12 बजे वह दीवानी की हवालात में लाया गया। उसे पेशी के दौरान भी वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
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