फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   ciber crime

पुलिस की ढिलाई से साइबर अपराधियों की मौज आई

Mon, 04 Apr 2016 01:41 AM IST
पुलिस की ढिलाई से साइबर अपराधियों की मौज आई
पुलिस की ढिलाई से साइबर अपराधियों की मौज आई Updated Mon, 04 Apr 2016 01:41 AM IST
विज्ञापन
ciber crime
साइबर क्राइम
साइबर अपराध रोकने में पूरी तरह फिसड्डी साबित हो रही पुलिस की एक और ढिलाई सामने आई है। आईटी एक्ट के 27 और मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। क्योंकि , क्राइम डिटेक्शन के एक्सपर्ट इनमें से एक में भी साक्ष्य नहीं जुटा पाए। इसकी वजह यह रही कि पहले ये मामले एक से दो साल तक थानों में पड़े रहे। बाद में जब क्राइम ब्रांच को सौंपे गए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अपराधियों की पहचान के लिए बैंकों से फुटेज की जरूरत थी, जबकि ये डिलीट हो चुके थे।
विज्ञापन

वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब साइबर अपराधियों के आगे आगरा पुलिस बौनी साबित हुई है। दो महीने पहले जब आईजी क्राइम आरके स्वर्णकार ने क्राइम ब्रांच की समीक्षा की थी, तब भी यह बात सामने आई थी कि आईटी एक्ट के 50 फीसदी मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाई जा रही है। इसके बाद 31 और मामले थानों से क्राइम ब्रांच को सौंपे गए थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से चार में ही चार्जशीट तैयार की गई है। शेष सभी में फाइनल रिपोर्ट की तैयारी है। ये मामले 2014 और 2015 के हैं। सभी में एटीएम कार्ड से फ्रॉड किया गया है। इनमें अपराधी की पहचान के लिए एटीएम के सीसीटीवी का फुटेज बैंक से निकलवाया जाता है लेकिन पुलिस ने इसका प्रयास नहीं किया।
विज्ञापन


हैकिंग केस की जांच ठंडे बस्ते मेें
आगरा। शहर के दो बड़े शू एक्सपोर्टर से साइबर अपराधियों ने उनके ई-मेल हैक करके लगभग 1.5 करोड़ की ठगी की है। हैकर्स ने इन्हें गलत जानकारी भेजकर इनसे यह रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। दोनों मामलों में हैकर्स मलयेशिया, हंगरी और चीन के हैं। इनके मददगार मुंबई के बताए जा रहे हैं लेकिन क्राइम ब्रांच और साइबर सेल इस केस में कुछ भी नहीं कर पा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों मामले ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नक्सली इलाकों में जाने से डर रही पुलिस
साइबर अपराध के 80 फीसदी मामलों में सिम और एटीएम कार्ड की आईडी झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की मिल रही है। इनमें दबिश देने से पुलिस को डर लगता है। इसका पता इससे भी चलता है कि पिछले सप्ताह आगरा से पुलिस की दो टीमें झारखंड और पश्चिम बंगाल भेजी गई थी। वहां की पुलिस का सहयोग न मिलने पर दोनों बैरंग लौट आई।

वर्जन
आईटी एक्ट के पुराने मामलों में साक्ष्य नहीं मिल पा रहे हैं लेकिन नए केस में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। 
आनंद कुमार (एसपी क्राइम)
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed