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फोरेंसिक जांच से खुलेगा चेक क्लोनिंग का राज
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Tue, 05 Jul 2016 01:57 AM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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एनआरआई तैमूर के बैंक एकाउंट से चेक क्लोनिंग के जरिए दो करोड़ का घपला किए जाने के केस में पुलिस ने सोमवार से जांच तेज कर दी। एनआरआई से असली चेक मांगा गया है। आईसीआईसीआई बैंक से क्लोनिंग करके तैयार किया गया चेक देने के लिए कहा गया है। दोनों को फोरेंसिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। चेक पर दर्ज हस्ताक्षर का तैमूर के हस्ताक्षर से मिलान भी कराया जाएगा। इससे तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। अगर चेक पर हस्ताक्षर फर्जी पाए जाते हैं तो एफआईआर में आरोपी बनाए गए बैंक अधिकारी और गुरुद्वारा माईथान के पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ जाएगी। कोर्ट की अनुमति मिलने पर पुलिस दो करोड़ की रिकवरी कर सकती है।
एनआरआई का खाता आईसीआईसीआई बैंक में है। उन्होंने बैंक को बताया है कि इससे दो करोड़ निकाले गए। यह भी स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने गुरुद्वारा को कोई चंदा नहीं दिया। आईसीआईसीआई ने अपने स्तर से जांच कराकर एफआईआर कराई। इसमें पंजाब एंड सिंध बैंक की मोहल्ला घटिया स्थित शाखा के अधिकारियों और गुरुद्वारा के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया। दिसंबर 2015 में तीन दिन के भीतर यह रकम कानपुर देहात के बोगीपुरा गांव स्थित गुरुद्वारा के खाते से निकाली गई थी।
पुलिस सबसे पहले चेक क्लोनिंग के साक्ष्य जुटाएगी। इसके लिए ही फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। अगर क्लोनिंग की पुष्टि हो जाती है तो आरोपियों पर शिकंजा कसेगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कोर्ट में अर्जी देकर गुरुद्वारा से दो करोड़ की रिकवरी की जा सकती है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई संभव है। एफआईआर में धाराएं जालसाजी की हैं।
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:: दो करोड़ के घपले के केस में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चेक पर दर्ज हस्ताक्षर और एनआरआई के हस्ताक्षर का मिलान कराया जाएगा - सुशील घुले ( एसपी सिटी)
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एनआरआई का खाता आईसीआईसीआई बैंक में है। उन्होंने बैंक को बताया है कि इससे दो करोड़ निकाले गए। यह भी स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने गुरुद्वारा को कोई चंदा नहीं दिया। आईसीआईसीआई ने अपने स्तर से जांच कराकर एफआईआर कराई। इसमें पंजाब एंड सिंध बैंक की मोहल्ला घटिया स्थित शाखा के अधिकारियों और गुरुद्वारा के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया। दिसंबर 2015 में तीन दिन के भीतर यह रकम कानपुर देहात के बोगीपुरा गांव स्थित गुरुद्वारा के खाते से निकाली गई थी।
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पुलिस सबसे पहले चेक क्लोनिंग के साक्ष्य जुटाएगी। इसके लिए ही फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। अगर क्लोनिंग की पुष्टि हो जाती है तो आरोपियों पर शिकंजा कसेगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कोर्ट में अर्जी देकर गुरुद्वारा से दो करोड़ की रिकवरी की जा सकती है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई संभव है। एफआईआर में धाराएं जालसाजी की हैं।
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:: दो करोड़ के घपले के केस में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चेक पर दर्ज हस्ताक्षर और एनआरआई के हस्ताक्षर का मिलान कराया जाएगा - सुशील घुले ( एसपी सिटी)