{"_id":"59b2ce5c4f1c1bf07f8b5259","slug":"businessman-in-agra-done-suicide-due-to-gst","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी के खौफ में युवा कारोबारी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जीएसटी के खौफ में युवा कारोबारी ने फांसी लगाकर की खुदकुशी
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 09 Sep 2017 10:05 AM IST
विज्ञापन
हरीश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी के नए-नए प्रावधानों को न समझ पाने के कारण तनाव में आए आगरा के व्यापारी ने खुदकुशी कर ली। हालांकि पुलिस को कोई सुइसाइड नोट नहीं मिला है। परिवारीजनों के मुताबिक वह जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लगने के बाद से तनाव में थे।
बताया गया है कि हरीश उर्फ रिंकू अग्रवाल (34) जीवनी मंडी स्थित मयूर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। मोती गंज बाजार में उनका दुर्गा किराना स्टोर के नाम से रिटेल का कारोबार है। वह अपने भाई के साले मुरारीलाल की साझीदारी में व्यापार करते थे। उनके भाई कमलदीप भी बाजार में दालों की खरीद फरोख्त के एजेंट के रूप में कार्य करते हैं।
उन्होंने बताया कि हरीश शुक्रवार सुबह 6:30 बजे रोजाना की तरह टहलने जाने के लिए स्कूटर लेकर घर से निकले थे। सवा सात बजे पुलिस ने फोन करके घटना की जानकारी दी। ट्रांसपोर्ट नगर में आरटीओ कार्यालय के पीछे रेलवे लाइन के पास एक पेड़ से उनका शव फांसी पर लटका मिला। उनका एक्टिवा पास ही खड़ा हुआ था। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया गया है कि हरीश उर्फ रिंकू अग्रवाल (34) जीवनी मंडी स्थित मयूर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। मोती गंज बाजार में उनका दुर्गा किराना स्टोर के नाम से रिटेल का कारोबार है। वह अपने भाई के साले मुरारीलाल की साझीदारी में व्यापार करते थे। उनके भाई कमलदीप भी बाजार में दालों की खरीद फरोख्त के एजेंट के रूप में कार्य करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि हरीश शुक्रवार सुबह 6:30 बजे रोजाना की तरह टहलने जाने के लिए स्कूटर लेकर घर से निकले थे। सवा सात बजे पुलिस ने फोन करके घटना की जानकारी दी। ट्रांसपोर्ट नगर में आरटीओ कार्यालय के पीछे रेलवे लाइन के पास एक पेड़ से उनका शव फांसी पर लटका मिला। उनका एक्टिवा पास ही खड़ा हुआ था। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
विज्ञापन
जीएसटी के कारण था भयभीत
पुलिस ने जेब में मिले मोबाइल से घरवालों को घटना की जानकारी दी। परिवार में कोहराम मच गया। उनके चाचा विनोद कुमार ने बताया कि एक तरफ जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापार करना मुश्किल हो गया है। दूसरी तरफ हरीश इस बात से परेशान थे कि जीएसटी में उनका क्या होगा। जीएसटी के प्रावधान पूरे नहीं करने पर पुलिस उन्हें पकड़ तो नहीं लेगी।
यह बात उन्हें परेशान करने में लगी थी। परिवारीजनों ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया। मनोचिकित्सक से भी उनका इलाज चल रहा था। युवा व्यापारी की मौत से कारोबारियों में आक्रोश है। उन्होंने बाजार बंदी करके विरोध जताया। हरीपर्वत थाना के इंस्पेक्टर का कहना है कि आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। परिवारीजनों से पूछताछ की जाएगी।
यह बात उन्हें परेशान करने में लगी थी। परिवारीजनों ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया। मनोचिकित्सक से भी उनका इलाज चल रहा था। युवा व्यापारी की मौत से कारोबारियों में आक्रोश है। उन्होंने बाजार बंदी करके विरोध जताया। हरीपर्वत थाना के इंस्पेक्टर का कहना है कि आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। परिवारीजनों से पूछताछ की जाएगी।