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हत्या की जांच पर ब्रेक
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Tue, 28 Jun 2016 02:04 AM IST
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राजकुमार की पत्नी के बयान दर्ज नहीं कर पा रही पुलिस
- फोटो : file photo
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भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए राजकुमार लालवानी की हत्या के केस की जांच पर फिर से ब्रेक लग गया है। पुलिस अभी तक राजकुमार की पत्नी निर्मला का बयान दर्ज नहीं कर पाई है जबकि पूरे केस की दिशा इसी से तय होनी है। अगर इसमें और देरी हुई तो सीधा फायदा आरोपियों को होगा। निर्मला ही घटना की एकमात्र चश्मदीद बताई जा रही हैं।
20 जून की दोपहर हुई इस वारदात के दौरान कोठी में राजकुमार, संजीव के अलावा वह ही मौजूद थीं। पुलिस शुरू से उन्हें घटना का चश्मदीद मानकर जांच कर रही। उनके बयान से ही तय होना है कि गोलीकांड कैसे हुआ? संजीव और राजकुमार में से पहले गोली किसने चलाई? लेकिन उनका अभी तक बयान ही दर्ज नहीं हो पाया है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि वह अभी तक इसके लिए तैयार नहीं हुई है लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसके प्रयास ही ठीक से नहीं किए गए हैं। अधिकारी उन्हें भरोसा नहीं दे पा रहे हैं कि बयान देने से उन्हें कोई खतरा नहीं होगा।
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उधर, इस केस की जांच पर फिर से ब्रेक लग गया है। बता दें, साक्ष्य के अभाव में नामजद आरोपी रवि को पहले ही छोड़ा जा चुका है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि पुलिस ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। हो सकता है कि निर्मला बाद में बयान दर्ज काराएं।
--। डिब्बा पीड़ित आएं, केस दर्ज कराएं
आगरा। भरतपुर हाउस गोलीकांड की वजह माने जा रहे डिब्बा कारोबार की तमाम शिकायतें पुलिस के पास मौखिक रूप से पहुंच रही हैं। सोमवार को भी कई लोग हरीपर्वत थाना पहुंचे। उनका कहना था कि यह कारोबार फैलता जा रहा है। पुलिस इसके धंधेबाजों को नहीं पकड़ रही। बेकुसूरों को सता रही है। इस पर एसपी सिटी सुशील घुले ने मीडिया से कहा कि डिब्बा कारोबार के जो भी पीड़ित हैं, वे उनके कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। पुलिस तुरंत एफआईआर कर जांच करेगी।
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20 जून की दोपहर हुई इस वारदात के दौरान कोठी में राजकुमार, संजीव के अलावा वह ही मौजूद थीं। पुलिस शुरू से उन्हें घटना का चश्मदीद मानकर जांच कर रही। उनके बयान से ही तय होना है कि गोलीकांड कैसे हुआ? संजीव और राजकुमार में से पहले गोली किसने चलाई? लेकिन उनका अभी तक बयान ही दर्ज नहीं हो पाया है।
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हालांकि पुलिस का कहना है कि वह अभी तक इसके लिए तैयार नहीं हुई है लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसके प्रयास ही ठीक से नहीं किए गए हैं। अधिकारी उन्हें भरोसा नहीं दे पा रहे हैं कि बयान देने से उन्हें कोई खतरा नहीं होगा।
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उधर, इस केस की जांच पर फिर से ब्रेक लग गया है। बता दें, साक्ष्य के अभाव में नामजद आरोपी रवि को पहले ही छोड़ा जा चुका है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि पुलिस ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। हो सकता है कि निर्मला बाद में बयान दर्ज काराएं।
--। डिब्बा पीड़ित आएं, केस दर्ज कराएं
आगरा। भरतपुर हाउस गोलीकांड की वजह माने जा रहे डिब्बा कारोबार की तमाम शिकायतें पुलिस के पास मौखिक रूप से पहुंच रही हैं। सोमवार को भी कई लोग हरीपर्वत थाना पहुंचे। उनका कहना था कि यह कारोबार फैलता जा रहा है। पुलिस इसके धंधेबाजों को नहीं पकड़ रही। बेकुसूरों को सता रही है। इस पर एसपी सिटी सुशील घुले ने मीडिया से कहा कि डिब्बा कारोबार के जो भी पीड़ित हैं, वे उनके कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। पुलिस तुरंत एफआईआर कर जांच करेगी।