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चेक क्लोनिंग केस में बैंक मैनेजर गिरफ्तार
चेक क्लोनिंग केस में बैंक मैनेजर गिरफ्तार
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:46 AM IST
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चेक क्लोनिंग केस में बैंक मैनेजर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चेक क्लोनिंग के जरिये दो करोड़ रुपये हड़प लेने के मामले में पंजाब एंड सिंध बैंक की घटिया स्थित शाखा के प्रबंधक जोरावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में गुरुद्वारा माईथान की श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कंवलदीप भी आरोपी हैं। उनकी संपत्ति के कुर्की पूर्व वारंट जारी किए जा चुके हैं। पुलिस अब कुर्की की तैयारी में है। जांच के दौरान तीन और आरोपी बनाए जा चुके हैं।
मामला दिसंबर, 2015 का है। इसकी एफआईआर पिछले साल जून में आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल हेड नीरज कटोच ने हरीपर्वत थाना में दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुणे निवासी एनआरआई तैमूर खोदाराम मोरियाबादी के चेक का क्लोन बनाकर उस पर दो करोड़ की रकम भरी गई। चेक को घटिया स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा में गुरुद्वारा के खाते में जमा कराया गया। चेक आईसीआईसीआई बैंक का था। इसके बाद तीन बार में पूरी रकम निकाल ली गई। पुलिस ने चेक की फोरेंसिक जांच कराई थी। इसमें साबित हो गया कि यह क्लोनिंग से बना चेक है।
इसके बाद हरीपर्वत थाना के इंस्पेक्टर राजा सिंह ने पंजाब एंड सिंध बैंक के मुख्य कार्यालय को पूरी रिपोर्ट भेजी थी। इसमें कहा गया था कि बैंक शाखा के लिए प्रबंधक की व्यवस्था कर ली जाए, जोरावर सिंह को गिरफ्तार किया जा सकता है। वहां से पत्र आने के बाद ही पुलिस ने सोमवार को जोरावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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शहर में ही घूम रहा मुख्य आरोपी
आगरा। इस जालसाजी का मुख्य आरोपी कंवलदीप सिंह है। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है लेकिन पुलिस सूत्रों की माने तो वह कहीं फरार नहीं है। वह शहर में ही घूम रहा है। हालांकि पुलिस अब उसकी संपत्ति की कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी देने की तैयारी कर रही है।
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मामला दिसंबर, 2015 का है। इसकी एफआईआर पिछले साल जून में आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल हेड नीरज कटोच ने हरीपर्वत थाना में दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुणे निवासी एनआरआई तैमूर खोदाराम मोरियाबादी के चेक का क्लोन बनाकर उस पर दो करोड़ की रकम भरी गई। चेक को घटिया स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा में गुरुद्वारा के खाते में जमा कराया गया। चेक आईसीआईसीआई बैंक का था। इसके बाद तीन बार में पूरी रकम निकाल ली गई। पुलिस ने चेक की फोरेंसिक जांच कराई थी। इसमें साबित हो गया कि यह क्लोनिंग से बना चेक है।
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इसके बाद हरीपर्वत थाना के इंस्पेक्टर राजा सिंह ने पंजाब एंड सिंध बैंक के मुख्य कार्यालय को पूरी रिपोर्ट भेजी थी। इसमें कहा गया था कि बैंक शाखा के लिए प्रबंधक की व्यवस्था कर ली जाए, जोरावर सिंह को गिरफ्तार किया जा सकता है। वहां से पत्र आने के बाद ही पुलिस ने सोमवार को जोरावर सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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शहर में ही घूम रहा मुख्य आरोपी
आगरा। इस जालसाजी का मुख्य आरोपी कंवलदीप सिंह है। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है लेकिन पुलिस सूत्रों की माने तो वह कहीं फरार नहीं है। वह शहर में ही घूम रहा है। हालांकि पुलिस अब उसकी संपत्ति की कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी देने की तैयारी कर रही है।