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फर्जी खातों से 450 करोड़ काला धन किया सफेद
फर्जी खातों से 450 करोड़ काला धन किया सफेद
Updated Sun, 18 Dec 2016 12:32 AM IST
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सराफा कारोबार मथुरा में, लेकिन बैंक एकाउंट आगरा में। प्राइवेट बैंकों में खुलवाए गए इन खातों में आठ नवंबर के बाद 450 करोड़ रुपये से ज्यादा 1000-500 रुपये के पुराने नोट जमा कराए गए और रातों-रात ही इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पूरी रकम ट्रांसफर कर ली गई। अब हर एकाउंट में महज पांच से आठ हजार रुपये ही बचे हैं। करोड़ों की रकम एनईएफटी/आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करने के ऐसे संदिग्ध मामलों पर बैंक से आयकर विभाग ने जानकारी मांगी है।
मथुरा के सराफा कारोबारियों के करेंट एकाउंट में करोड़ों रुपये की रकम जमा कर दी गई। पुराने नोटों को नोटबंदी के सप्ताह भर के अंदर ही जिले भर में 32 बैंक खातों के जरिए जमा कराया गया। 10 से 15 करोड़ रुपये हर खाते में जमा करने के बाद इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग कर खाताधारकों ने पूरी रकम मथुरा के कई एकाउंट में ट्रांसफर कर दी। इस तरह करीब 450 करोड़ रुपये आगरा में जमा कराकर निकाल भी लिए गए। मथुरा की जगह आगरा में करोड़ों का लेन-देन करने पर ही बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ। हैरतअंगेज पहलू ये है कि हर बैंक में एकाउंट नंबर सीरीज में हैं और एक ही दिन खुलवाए गए थे। ऐसे बड़े लेन-देन वाले एकाउंट खंगाले गए तो पाया कि प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा ऐसे फर्जी खाते खुलवाए गए। रातों रात रकम ट्रांसफर करके अन्य खातों में पहुंचाई गई, जिसके बाद ऐसे सभी एकाउंट का ब्योरा तैयार किया गया है।
50 हजार से ज्यादा का पूरा ब्योरा आयकर पर
आठ नवंबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेशक कह रहे हों कि बैंक खाते में 2.50 लाख रुपये जमा करने वालों के खिलाफ कोई जांच या कार्यवाही नहीं होगी, लेकिन आयकर विभाग ने बैंकों से ढाई लाख नहीं, बल्कि 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम जमा करने वालों की लिस्ट मांगी है। आठ नवंबर के बाद हर बैंक एकाउंट में 50 हजार रुपये जमा और निकासी की सूची की जांच शुरू की गई है। जिले की अधिकांश बैंकों ने पहले कुछ दिनों का ब्योरा भेज भी दिया है, जबकि प्राइवेट बैंकें बड़े लेन-देन को छिपाए हुए हैं। आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा, इंडसइंड और एचडीएफसी बैंक के बड़े लेन-देन पर आयकर विभाग की चौकन्नी नजर है, लेकिन इनमें से तीन बैंकें आयकर विभाग को एकांउट का ब्योरा नहीं भेज रहीं।
मथुरा के सराफा कारोबारियों के करेंट एकाउंट में करोड़ों रुपये की रकम जमा कर दी गई। पुराने नोटों को नोटबंदी के सप्ताह भर के अंदर ही जिले भर में 32 बैंक खातों के जरिए जमा कराया गया। 10 से 15 करोड़ रुपये हर खाते में जमा करने के बाद इंटरनेट बैंकिंग का प्रयोग कर खाताधारकों ने पूरी रकम मथुरा के कई एकाउंट में ट्रांसफर कर दी। इस तरह करीब 450 करोड़ रुपये आगरा में जमा कराकर निकाल भी लिए गए। मथुरा की जगह आगरा में करोड़ों का लेन-देन करने पर ही बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ। हैरतअंगेज पहलू ये है कि हर बैंक में एकाउंट नंबर सीरीज में हैं और एक ही दिन खुलवाए गए थे। ऐसे बड़े लेन-देन वाले एकाउंट खंगाले गए तो पाया कि प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा ऐसे फर्जी खाते खुलवाए गए। रातों रात रकम ट्रांसफर करके अन्य खातों में पहुंचाई गई, जिसके बाद ऐसे सभी एकाउंट का ब्योरा तैयार किया गया है।
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50 हजार से ज्यादा का पूरा ब्योरा आयकर पर
आठ नवंबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेशक कह रहे हों कि बैंक खाते में 2.50 लाख रुपये जमा करने वालों के खिलाफ कोई जांच या कार्यवाही नहीं होगी, लेकिन आयकर विभाग ने बैंकों से ढाई लाख नहीं, बल्कि 50 हजार रुपये से ज्यादा रकम जमा करने वालों की लिस्ट मांगी है। आठ नवंबर के बाद हर बैंक एकाउंट में 50 हजार रुपये जमा और निकासी की सूची की जांच शुरू की गई है। जिले की अधिकांश बैंकों ने पहले कुछ दिनों का ब्योरा भेज भी दिया है, जबकि प्राइवेट बैंकें बड़े लेन-देन को छिपाए हुए हैं। आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा, इंडसइंड और एचडीएफसी बैंक के बड़े लेन-देन पर आयकर विभाग की चौकन्नी नजर है, लेकिन इनमें से तीन बैंकें आयकर विभाग को एकांउट का ब्योरा नहीं भेज रहीं।
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