{"_id":"571d25bd4f1c1ba06e8b6d8d","slug":"attack-on-police-in-village-akbara","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव अकबरा में पुलिस पर पथराव, जीप में तोड़फोड़ ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गांव अकबरा में पुलिस पर पथराव, जीप में तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Mon, 25 Apr 2016 01:29 AM IST
विज्ञापन
police
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिकंदरा के गांव अकबरा में एक ग्रामीण को धमकाने के मामले की जांच को पहुंची पुलिस टीम पर हमला किया गया। आरोपियों ने पथराव कर दिया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। जीप में भी तोड़फोड़ की गई। सूचना पर फोर्स आ गई। मगर तब तक हमलावर भाग गए। तीन नामजद और अन्य महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अकबरा निवासी सोरन सिंह ने शिकायत की थी कि गांव का ही गिर्राज सिंह उसे धमका रहा है। इससे वह दहशत में है। शनिवार रात को एसआई सतीश चंद्र साहू, सिपाही वेदवीर सिंह और मनोज कुमार जीप से गांव में पहुंचे। पुलिसकर्मी गिर्राज के घर पहुंचे और गेट खटखटाया। पुलिस को देखकर गिर्राज, उसका बेटा प्रमोद और विष्णु सहित घर की महिलाएं छत पर चढ़ गईं। आरोपियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने अन्य घरों में छिपकर जान बचाई। जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। अन्य ग्रामीणों ने भी घर में छिपकर खुद को बचाया। बाद में थाना सिकंदरा की फोर्स आ गई। तब पुलिस ने घर में दबिश दी, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका। एसओ ने बताया कि इस मामले में जानलेवा हमला, मारपीट सहित सात आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
अकबरा निवासी सोरन सिंह ने शिकायत की थी कि गांव का ही गिर्राज सिंह उसे धमका रहा है। इससे वह दहशत में है। शनिवार रात को एसआई सतीश चंद्र साहू, सिपाही वेदवीर सिंह और मनोज कुमार जीप से गांव में पहुंचे। पुलिसकर्मी गिर्राज के घर पहुंचे और गेट खटखटाया। पुलिस को देखकर गिर्राज, उसका बेटा प्रमोद और विष्णु सहित घर की महिलाएं छत पर चढ़ गईं। आरोपियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने अन्य घरों में छिपकर जान बचाई। जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। अन्य ग्रामीणों ने भी घर में छिपकर खुद को बचाया। बाद में थाना सिकंदरा की फोर्स आ गई। तब पुलिस ने घर में दबिश दी, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका। एसओ ने बताया कि इस मामले में जानलेवा हमला, मारपीट सहित सात आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन