{"_id":"58d6b9724f1c1be1421a2824","slug":"arto-me-maut","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलालों को खदेड़ने के दौरान भगदड़, एक की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दलालों को खदेड़ने के दौरान भगदड़, एक की मौत
दलालों को खदेड़ने के दौरान भगदड़, एक की मौत
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
दलालों को खदेड़ने के दौरान भगदड़, एक की मौत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पुलिस के शनिवार दोपहर दलालों के खदेड़ने के दौरान मची भगदड़ में एक व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। वह ड्राइवर थे और अपने किसी काम से आरटीओ आए थे। घटना के बाद आरटीओ कार्यालय के बाहर सन्नाटा पसर गया। ज्यादातर दलाल अपनी कुर्सी मेज हटाकर चले गए। पुलिस का कहना है कि गाड़ियां और कुर्सी मेज सड़क किनारे से हटवाई गई थीं।
बता दें, आरटीओ में शनिवार की सुबह उप परिवहन आयुक्त संजय माथुर निरीक्षण करने आए थे। इसी दौरान फर्जी बीमा से चालान जमा करने का मामला प्रकाश में आया था। निरीक्षण के दौरान दलाल कार्यालयों से बाहर चले गए। दोपहर तकरीबन 12.30 बजे ट्रांसपोर्ट नगर चौकी पुलिस ने आरटीओ के गेट के बाहर कुर्सी मेज लगाकर बैठने वाले एजेंटों को लाठी फटकार कर खदेड़ना शुरू कर दिया। आरटीओ अफसरों और पुलिस की सख्ती देखकर गेट पर अफरा तफरी फैल गई। कोई कुर्सी मेज लेकर भागा तो कोई बाइक उठाकर भाग निकला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान वेस्ट अर्जुन नगर, शाहगंज निवासी जसवीर सिंह चाहर (45) अपनी गाड़ी लेकर किसी काम से एजेंट के पास बैठे थे। भगदड़ के दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई। वह पुलिस से बचने को दौड़े और गिरकर उनकी मौत हो गई। उधर, कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति की मौत की खबर आरटीओ अफसरों तक पहुंची तो उन्होंने गेट बंद करा दिए। कार्यालय के कर्मचारियों ने चुप्पी साध ली। वह घटना को गेट के बाहर का मामला बताकर पल्ला झाड़ने लगे। बाद में पहुंची पुलिस ने मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर शिनाख्त कर ली। चौकी पुलिस ने बताया कि 12 से दो बजे के दौैरान चेकिंग में आरटीओ के बाहर खड़ी गाड़ियों और अतिक्रमण को हटाया गया था। इस संबंध में आरटीओ (प्रशासन) विजय कुमार से पूछा गया तो उनका कहना था कि कार्यालय परिसर के बाहर की घटना से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें नहीं पता गेट के बाहर क्या हुआ।
हरियाणा से शुक्रवार को आए थे
आगरा। मृतक जसवीर सिंह के भाई चंद्रपाल सिंह ने बताया कि जसवीर हरियाणा में किसी की गाड़ी चलाते थे। वेस्ट अर्जुन में उनकी पत्नी मीना और चार बच्चे रहते हैं। वह शुक्रवार को ही हरियाणा से आगरा लौटकर आए थे। शनिवार की सुबह आरटीओ में किसी काम की कहकर घर से निकले थे। पुलिस ने बताया कि जसवीर की मृत्यु हृदयाघात पड़ने से होने की बात कही जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कारण स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
युवक की मौत के मामले में भी लीपापोती
आगरा। न्यू दक्षिणी बाईपास पर कीठम मोड़ पर 19 मार्च को एआरटीओ की वाहन चेकिंग के दौरान डंडा मारने से जनूथा निवासी सत्यप्रकाश की मौत हो गई थी। इस मामले में ग्रामीणों ने एआरटीओ की टीम में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इस मामले में भी आरटीओ अफसरों ने पल्ला झाड़ लिया है।
दलालों पर अंकुश को ठोस कार्रवाई नहीं
आगरा। आरटीओ में दलालों पर अंकुश लगाने के लिए कई दफा अभियान चलाए जा चुके हैं, लेकिन इन पर अंकुश नहीं लग सका है। एडीएम सिटी ने भी एक बार छापा मारकर दलाल पकड़े थे।
विज्ञापन
बता दें, आरटीओ में शनिवार की सुबह उप परिवहन आयुक्त संजय माथुर निरीक्षण करने आए थे। इसी दौरान फर्जी बीमा से चालान जमा करने का मामला प्रकाश में आया था। निरीक्षण के दौरान दलाल कार्यालयों से बाहर चले गए। दोपहर तकरीबन 12.30 बजे ट्रांसपोर्ट नगर चौकी पुलिस ने आरटीओ के गेट के बाहर कुर्सी मेज लगाकर बैठने वाले एजेंटों को लाठी फटकार कर खदेड़ना शुरू कर दिया। आरटीओ अफसरों और पुलिस की सख्ती देखकर गेट पर अफरा तफरी फैल गई। कोई कुर्सी मेज लेकर भागा तो कोई बाइक उठाकर भाग निकला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान वेस्ट अर्जुन नगर, शाहगंज निवासी जसवीर सिंह चाहर (45) अपनी गाड़ी लेकर किसी काम से एजेंट के पास बैठे थे। भगदड़ के दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई। वह पुलिस से बचने को दौड़े और गिरकर उनकी मौत हो गई। उधर, कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति की मौत की खबर आरटीओ अफसरों तक पहुंची तो उन्होंने गेट बंद करा दिए। कार्यालय के कर्मचारियों ने चुप्पी साध ली। वह घटना को गेट के बाहर का मामला बताकर पल्ला झाड़ने लगे। बाद में पहुंची पुलिस ने मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर शिनाख्त कर ली। चौकी पुलिस ने बताया कि 12 से दो बजे के दौैरान चेकिंग में आरटीओ के बाहर खड़ी गाड़ियों और अतिक्रमण को हटाया गया था। इस संबंध में आरटीओ (प्रशासन) विजय कुमार से पूछा गया तो उनका कहना था कि कार्यालय परिसर के बाहर की घटना से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें नहीं पता गेट के बाहर क्या हुआ।
विज्ञापन
हरियाणा से शुक्रवार को आए थे
आगरा। मृतक जसवीर सिंह के भाई चंद्रपाल सिंह ने बताया कि जसवीर हरियाणा में किसी की गाड़ी चलाते थे। वेस्ट अर्जुन में उनकी पत्नी मीना और चार बच्चे रहते हैं। वह शुक्रवार को ही हरियाणा से आगरा लौटकर आए थे। शनिवार की सुबह आरटीओ में किसी काम की कहकर घर से निकले थे। पुलिस ने बताया कि जसवीर की मृत्यु हृदयाघात पड़ने से होने की बात कही जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कारण स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
युवक की मौत के मामले में भी लीपापोती
आगरा। न्यू दक्षिणी बाईपास पर कीठम मोड़ पर 19 मार्च को एआरटीओ की वाहन चेकिंग के दौरान डंडा मारने से जनूथा निवासी सत्यप्रकाश की मौत हो गई थी। इस मामले में ग्रामीणों ने एआरटीओ की टीम में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इस मामले में भी आरटीओ अफसरों ने पल्ला झाड़ लिया है।
दलालों पर अंकुश को ठोस कार्रवाई नहीं
आगरा। आरटीओ में दलालों पर अंकुश लगाने के लिए कई दफा अभियान चलाए जा चुके हैं, लेकिन इन पर अंकुश नहीं लग सका है। एडीएम सिटी ने भी एक बार छापा मारकर दलाल पकड़े थे।