फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   arto agraa

आरटीओ में छापा, दलालों में भगदड़ 

Sun, 25 Dec 2016 01:01 AM IST
आरटीओ में छापा, दलालों में भगदड़ 
आरटीओ में छापा, दलालों में भगदड़  Updated Sun, 25 Dec 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
arto agraa
लाइसेंस पाने के लिए एआरटीओ कार्यालय में परीक्षा देते आवेदक । - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में शनिवार को एडीएम सिटी धर्मेंद्र सिंह और एसपी सिटी सुशील घुले ने पुलिस बल के साथ छापा मारा। इससे दलालों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस के पटल से तीन दलालों को पकड़ लिया। इसके बाद अफसरों ने अन्य पटलों का निरीक्षण किया, लेकिन तब तक सभी पटलों से दलाल भाग निकले थे। 
आरटीओ में अधिकारियों को लंबे समय से दलालों के कारण काम प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही थीं। हर पटल मेें बाहरी व्यक्ति काबिज हैं, जो मोटा कमीशन लेकर काम कराते हैं। दोपहर एक बजे एडीएम सिटी, एसपी सिटी थाने के पुलिस बल के साथ कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले नई बिल्ंिडग में ड्राइविंग लाइसेंस पटल पर धरपकड़ शुरू कर दी। इस पर काफी दलाल तो लाइन में लगकर आवेदक बन गए, लेकिन तीन दलाल हत्थे चढ़ गए। इसी बीच छापे की खबर मिलते ही दलालों में भगदड़ मच गई। टैक्स समेत अन्य पटलों पर बैठे दलाल भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में आरटीओ में ज्यादातर कुर्सियां खाली रह गईं। अफसरों ने विभिन्न पटलों में पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की। उनके साथ एआरटीओ प्रशासन नेहा द्विवेदी भी थीं। एडीएम सिटी ने कहा कि अब कार्यालय में समय समय पर छापेमारी की जाएगी। उन्होंने आरटीओ को कार्यालय को दलालों से मुक्त कराने के निर्देश दिए। आरटीओ प्रशासन डा. विजय कुमार ने कहा कि कर्मियों को परिचय पत्र जारी होंगे, ताकि बाहरी लोग नहीं आ सकें।
विज्ञापन


दो घंटे बाद फिर सक्रिय हो गए दलाल
छापा पड़ने के बाद आरटीओ के बाहर बैठे अधिकांश दलाल मेज कुर्सियां छोड़कर भाग निकले। लेकिन दो घंटे बाद ही फिर से सक्रिय हो गए। दलालों के भागने के बाद आरटीओ के अन्य पटलों पर भी कर्मचारियों ने काम नहीं किया। ज्यादातर कर्मचारी कामकाज के लिए दलालों पर ही आश्रित हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्मियों की कमी का रोना रोया
आरटीओ प्रशासन ने अफसरों से कर्मचारियों की कमी का रोना रोया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में 80 से अधिक कर्मचारी थे, जोकि सिमटकर 22 रह गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों की कमी के कारण बाहरी और रिटायर व्यक्ति अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed