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कर्जदारों से बचने को आर्किटेक्ट ने व्हाट्सएप की मदद से यूं बनाया किडनैपिंग का सीन
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 28 Sep 2017 02:13 PM IST
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आर्किटेक्ट प्रतीक
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के एक आर्किटेक्ट ने कर्जदारों ने बचने के लिए अपने अपहरण का ड्रामा रच लिया। इसमें व्हाट्सएप की मदद ली और घरवालों के नंबर पर कुछ ऐसे मैसेज भेजे कि किसी को यकीन न हो। पुलिस भी हाथ पैर मारती रही पर बाद में उसे गाजियाबाद से बरामद कर लिया।
बताया गया है कि आगरा के विजय नगर कॉलोनी निवासी आर्किटेक्ट प्रतीक रात में 12:30 बजे अपने परिवारीजनों को व्हाट्सएप पर खुद के अपहरण का मैसेज भेजा था। साथ में गूगल लोकेशन का स्क्रीन शार्ट भी भेज दिया। इसपर घबराए परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना के बाद पुलिस फोर्स के साथ अधिकारी कई घंटे तक आगरा के संजय प्लेस में प्रतीक की तलाश करते रहे। तड़के चार बजे उसे गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से बरामद कर लिया गया।
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बताया गया है कि आगरा के विजय नगर कॉलोनी निवासी आर्किटेक्ट प्रतीक रात में 12:30 बजे अपने परिवारीजनों को व्हाट्सएप पर खुद के अपहरण का मैसेज भेजा था। साथ में गूगल लोकेशन का स्क्रीन शार्ट भी भेज दिया। इसपर घबराए परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना दी।
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सूचना के बाद पुलिस फोर्स के साथ अधिकारी कई घंटे तक आगरा के संजय प्लेस में प्रतीक की तलाश करते रहे। तड़के चार बजे उसे गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से बरामद कर लिया गया।
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खुद फोनकर दी जानकारी
अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि प्रतीक ने खुद फोन कर अपने परिवारीजनों को खुद के कौशांबी में होने की जानकारी दी थी। इस पर पुलिस टीम ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से उसे बरामद कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रतीक ने कर्जदारों से बचने के लिए अपहरण का नाटक रचा था।
उसने कई बिल्डिंग बनवाने के लिए मैटेरियल उधार में खरीदा। इसके बाद रुपया नहीं दे पाया तो कर्जदार परेशान करने लगे थे। प्रतीक के पिता आगरा में दवा के कारोबारी हैं।
उसने कई बिल्डिंग बनवाने के लिए मैटेरियल उधार में खरीदा। इसके बाद रुपया नहीं दे पाया तो कर्जदार परेशान करने लगे थे। प्रतीक के पिता आगरा में दवा के कारोबारी हैं।