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व्हाट्स एप के जरिए अपहरण का नाटक करने वाले आर्किटेक्ट को भेजा जेल
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:44 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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शहर की पॉश कालोनी के रहने वाले आर्किटेक्ट ने कर्जदारों से बचने के लिए अपने ही अपहरण का नाटक रच पुलिस को चकरघिन्नी बना दिया। जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने आर्किटेक्ट प्रतीक अग्रवाल को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
ज्ञात हो कि पुरानी विजय नगर कालोनी के विजयश्री अपार्टमेंट निवासी आर्किटेक्ट प्रतीक अग्रवाल पुत्र राजेश अग्रवाल ने बुधवार की रात परिवारीजनों और दोस्तों को व्हाट्सएप पर संदेश भेजा था कि उसका अपहरण कर लिया गया है और वह कार की डिग्गी में बंद है।
जिसके बाद उसकी लोकेशन का पता लगाकर सुबह उसे गाजियाबाद के कौशांबी से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि कर्जदारों से बचने के लिए नाटक किया।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रतीक ने अपहरण की झूठी बात कही गई थी। उसके संदेश के आधार पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। उसे इसी धारा में गिरफ्तार किया गया।
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उधर, थाने में परिवारीजन और अन्य लोग जुटे रहे। उन्होंने पुलिस से प्रतीक को छोड़ने की सिफारिश की, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। शुक्रवार को भी लोग थाने आए।
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ज्ञात हो कि पुरानी विजय नगर कालोनी के विजयश्री अपार्टमेंट निवासी आर्किटेक्ट प्रतीक अग्रवाल पुत्र राजेश अग्रवाल ने बुधवार की रात परिवारीजनों और दोस्तों को व्हाट्सएप पर संदेश भेजा था कि उसका अपहरण कर लिया गया है और वह कार की डिग्गी में बंद है।
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जिसके बाद उसकी लोकेशन का पता लगाकर सुबह उसे गाजियाबाद के कौशांबी से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि कर्जदारों से बचने के लिए नाटक किया।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रतीक ने अपहरण की झूठी बात कही गई थी। उसके संदेश के आधार पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। उसे इसी धारा में गिरफ्तार किया गया।
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उधर, थाने में परिवारीजन और अन्य लोग जुटे रहे। उन्होंने पुलिस से प्रतीक को छोड़ने की सिफारिश की, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। शुक्रवार को भी लोग थाने आए।