{"_id":"58e3f85e4f1c1bf5465b65c6","slug":"anil","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव से छिना वीआईपी का रुतबा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आखिर हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव से छिना वीआईपी का रुतबा
आखिर हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव से छिना वीआईपी का रुतबा
Updated Wed, 05 Apr 2017 01:17 AM IST
विज्ञापन
यूपीएससी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के चेयरमैन पद से बर्खास्त किए गए न्यू आगरा थाना के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव से आखिर वीआईपी का रुतबा छिन ही गया। सपा सरकार में मौज काटने वाले इस शख्स के रसूख के आगे आगरा पुलिस के अफसर योगी सरकार आने के बाद भी झुके हुए थे। उसके घर के बाहर बैरियर लगाए गए थे। पुलिस की ड्यूटी भी लगाई जा रही थी। लेकिन मीडिया में इसकी खबरें आने पर अधिकारियों को शायद अपनी गर्दन नपने की चिंता सताई। मंगलवार सुबह आनन फानन में न्यू आगरा थाना से पुलिस टीम भेजकर बैरियर हटवा दिए गए।
कमला नगर में उसके पड़ोस के लोग बताते हैं कि सपा सरकार के दौरान तो पुलिस केकर्मचारी ही नहीं, अधिकारी भी उसके घर हाजिरी देने जाते थे। उसके घर के बाहर सिर्फ बैरियर ही नहीं लगाया गया था, पूरा रास्ता रोक दिया गया था। गेट पर ही नहीं, गली में भी पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती थी।
उसका पैतृक गांव बागपत में है। उसके करीबी लोग बताते हैं कि वहां भी उसके घर के बाहर इसी तरह बैरियर लगाए गए थे। अक्तूबर 2015 में हाईकोर्ट के आदेश पर उसे यूपीपीएससी के चेयरमैन पद से बर्खास्त कर दिया गया। उससे लाल बत्ती छिन गई। लेकिन रुतबे की चमक बरकरार रही। न्यू आगरा थाना से वहां पुलिस वाले भी ड्यूटी देने के लिए भेजे जाते रहे। मंगलवार को इसकी खबरें मीडिया में आई। अमर उजाला ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर पुलिस अफसर हरकत में आए। न्यू आगरा थाना पुलिस ने बैरियर हटा दिए। पुलिस की ड्यूटी भी यहां से हटा ली गई।
विज्ञापन
अब गुम नहीं होगी हिस्ट्रीशीट
आगरा। सपा सरकार के दौरान रजिस्टर से उसकी हिस्ट्रीशीट का पन्ना फाड़ दिया गया था। पुलिस कह रही थी कि हिस्ट्रीशीट गुम हो गई है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चुनाव के दौरान चुनाव सेल से लेकर तमाम अफसरों तक को सभी हिस्ट्रीशीटर का पूरा ब्योरा भेजा गया। इनमें अनिल यादव की हिस्ट्रीशीट भी शामिल है।
कमला नगर में उसके पड़ोस के लोग बताते हैं कि सपा सरकार के दौरान तो पुलिस केकर्मचारी ही नहीं, अधिकारी भी उसके घर हाजिरी देने जाते थे। उसके घर के बाहर सिर्फ बैरियर ही नहीं लगाया गया था, पूरा रास्ता रोक दिया गया था। गेट पर ही नहीं, गली में भी पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती थी।
विज्ञापन
उसका पैतृक गांव बागपत में है। उसके करीबी लोग बताते हैं कि वहां भी उसके घर के बाहर इसी तरह बैरियर लगाए गए थे। अक्तूबर 2015 में हाईकोर्ट के आदेश पर उसे यूपीपीएससी के चेयरमैन पद से बर्खास्त कर दिया गया। उससे लाल बत्ती छिन गई। लेकिन रुतबे की चमक बरकरार रही। न्यू आगरा थाना से वहां पुलिस वाले भी ड्यूटी देने के लिए भेजे जाते रहे। मंगलवार को इसकी खबरें मीडिया में आई। अमर उजाला ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर पुलिस अफसर हरकत में आए। न्यू आगरा थाना पुलिस ने बैरियर हटा दिए। पुलिस की ड्यूटी भी यहां से हटा ली गई।
विज्ञापन
अब गुम नहीं होगी हिस्ट्रीशीट
आगरा। सपा सरकार के दौरान रजिस्टर से उसकी हिस्ट्रीशीट का पन्ना फाड़ दिया गया था। पुलिस कह रही थी कि हिस्ट्रीशीट गुम हो गई है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चुनाव के दौरान चुनाव सेल से लेकर तमाम अफसरों तक को सभी हिस्ट्रीशीटर का पूरा ब्योरा भेजा गया। इनमें अनिल यादव की हिस्ट्रीशीट भी शामिल है।