{"_id":"59382f7e4f1c1b901c9c9814","slug":"agra-lucknow-expressway-document-theft-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपाल के बस्ते में से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के दस्तावेज चोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लेखपाल के बस्ते में से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के दस्तावेज चोरी
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
आगरा लखनऊ एकसप्रेस वे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा सरकार में बने विवादित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की जमीन से संबंधित फाइल चोरी हो गई हैं। ये जरूरी फाइलें एत्मादपुर मदरा के लेखपाल की बाइक में रखी थीं। बाइक सहित ये दस्तावेज भी चोरी हो गए हैं। इसमें मदरा से जुड़े खसरा और खतौनी रखे थे। थाना सिकंदरा में बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बता दें कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए यहां भी जमीन खरीदी गई थी।
सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू से ही विवादित रही है। जमीनों के अधिग्रहण में खूब खेल हुए। शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इस योजना के तहत जमीन अधिग्रहण और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। आगरा में भी तय रेट से अधिक दर पर मुआवजा देने के आरोप लगे।
सपा सरकार के दबाव में यहां अधिकारियों ने पहले जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा बांट दिया था, बाद में शासन से अनुमति ली गई। इसको लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। इन्हीं सब आरोपों की जांच चल रही है। इसी बीच एत्मादपुर मदरा के खसरा-खतौनी की फाइलें चोरी होने पर आशंकाओं के बादल गहरा गए हैं। क्षेत्रीय लेखपाल नारायण दास का कहना है कि पांच जून रात नौ बजे कारगिल पेट्रोल पंप के पास से उनकी बाइक चोरी हो गई थी। खसरा और खतौनी इसी में रखे थे।
विज्ञापन
इसमें उनके बैंकों से संबंधित कागजात भी रखे थे। सूत्रों की मानें तो इन फाइलों के गायब होने से तहसील में खलबली मची हुई है। कुछ लोगों ने साजिश की आशंका जताई है। बता दें कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए आगरा में फतेहाबाद और सदर तहसील अंतर्गत किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। एत्मादपुर मदरा सदर तहसील में ही आता है। सदर तहसील अंतर्गत 95.74 हेक्टेयर और फतेहाबाद में 276.02 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
एसडीएम सदर रजनीश मिश्रा ने बताया कि लेखपाल ने बाइक के साथ बस्ता चोरी होने की सूचना दी है। यदि में उसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से संबंधित फाइल भी है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू से ही विवादित रही है। जमीनों के अधिग्रहण में खूब खेल हुए। शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर इस योजना के तहत जमीन अधिग्रहण और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। आगरा में भी तय रेट से अधिक दर पर मुआवजा देने के आरोप लगे।
विज्ञापन
सपा सरकार के दबाव में यहां अधिकारियों ने पहले जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा बांट दिया था, बाद में शासन से अनुमति ली गई। इसको लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। इन्हीं सब आरोपों की जांच चल रही है। इसी बीच एत्मादपुर मदरा के खसरा-खतौनी की फाइलें चोरी होने पर आशंकाओं के बादल गहरा गए हैं। क्षेत्रीय लेखपाल नारायण दास का कहना है कि पांच जून रात नौ बजे कारगिल पेट्रोल पंप के पास से उनकी बाइक चोरी हो गई थी। खसरा और खतौनी इसी में रखे थे।
विज्ञापन
इसमें उनके बैंकों से संबंधित कागजात भी रखे थे। सूत्रों की मानें तो इन फाइलों के गायब होने से तहसील में खलबली मची हुई है। कुछ लोगों ने साजिश की आशंका जताई है। बता दें कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए आगरा में फतेहाबाद और सदर तहसील अंतर्गत किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। एत्मादपुर मदरा सदर तहसील में ही आता है। सदर तहसील अंतर्गत 95.74 हेक्टेयर और फतेहाबाद में 276.02 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था।
एसडीएम सदर रजनीश मिश्रा ने बताया कि लेखपाल ने बाइक के साथ बस्ता चोरी होने की सूचना दी है। यदि में उसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से संबंधित फाइल भी है तो इसकी जांच कराई जाएगी।