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आगरा: फर्जी 'को-विन' एप की जांच में जुटी साइबर सेल, लोगों को किया आगाह

Sun, 10 Jan 2021 06:27 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 10 Jan 2021 06:27 PM IST
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agra cyber cell investigating fake cowin app
साइबर अपराधियों ने बनाया यह पेज - फोटो : अमर उजाला

कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर पंजीकरण के नाम से बनाए गए फर्जी को-विन एप की आगरा रेंज साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि एप का लिंक इंटरनेट पर उपलब्ध है। हालांकि एप अभी किसी मोबाइल में इंस्टॉल हुआ है या नहीं, इसका पता नहीं चल सका है। यह एप किस तरह और कहां बनाया गया, इसके बारे में भी पता किया जा रहा है। जांच टीम खुद एप को इंस्टॉल कर जानकारी जुटा रही है।

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साइबर अपराधी कोरोना की वैक्सीन के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को कॉल करके पंजीकरण के नाम पर रुपये लेने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं को विन नाम से एक मोबाइल एप भी बना लिया है। इसका लिंक इंटरनेट पर डाला गया।
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रेंज साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक शैलेष सिंह ने बताया कि को-विन फर्जी एप के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए टीम को लगाया गया है। यह किसने और कब बनाया? पता किया जा रहा है। इस एप लिंक को किस इंटरनेट धारक ने डाला है, यह भी जानने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

पुलिस टीम ने इस एप के लिंक को लेकर अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया है, लेकिन अभी इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। यदि, कोई पीड़ित सामने आता है तो पता चल जाएगा कि साइबर अपराधी इस एप की मदद से किस तरह से ठगी कर रहे हैं। 

किसी अनजान को न बताएं ओटीपी व खाते के बारे में
लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ी है। लोगों को बताया जा रहा है कि किसी अंजान व्यक्ति को अपना ओटीपी नहीं बताएं। कोई वैक्सीन के नाम पर पंजीकरण कराने के लिए कहे तो भी सावधान रहें। उन्हें अपने खाते की जानकारी नहीं देनी चाहिए। उनके खाते में किसी तरह की रकम जमा नहीं करें। 

शासन की तरफ से कोई कॉल नहीं कराए जा रहे हैं, इसलिए किसी कॉल पर विश्वास न करें। कोई रुपयों की मांग करता है तो फोन काट दें। किसी तरह के लिंक को क्लिक न करें। किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल पर किसी तरह का एप भी डाउनलोड नहीं करना चाहिए। लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप पर संदेश पोस्ट करके जानकारी साझा की जा रही है।

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