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फर्जी क्रास केस दर्ज करने पर नपेंगे थानेदार
Updated Wed, 21 Jun 2017 01:48 AM IST
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आगरा। आगरा जोन में हत्या और जानलेवा हमले जैसे संगीन मामलों में भी आरोपियों को बचाने के लिए क्रास केस दर्ज किए जा रहे हैं। इनका मकसद पीड़ितों पर दबाव बनाकर समझौता कराना होता है । ऐसी तमाम शिकायतें अलीगढ़, मैनपुरी, आगरा और फिरोजाबाद से एडीजी जोन के पास पहुंची हैं। उन्होंने इन सभी की जांच के आदेश कप्तानों को दिए हैं। साथ ही निर्देश दिए हैं कि जिस थाने में पीड़ित के खिलाफ फर्जी क्रास दर्ज किया गया, उसके थानेदार और केस के विवेचक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के एक मामले में हत्या का केस दर्ज कराने वाले शख्स के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज करा दिया गया। उसने एडीजी जोन के आफिस में इसकी शिकायत की है। इसी तरह अलीगढ़ के खैर के जानलेवा हमले के मामले में जैसे ही कोर्ट में गवाही की बारी आई, वैसे ही गवाह पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। आगरा के पिनाहट से भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है।
एडीजी अजय आनंद ने बताया कि ऐसी तमाम शिकायतों की जांच के लिए संबंधित जिलों के एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि गवाहों को प्रभावित करने या किसी मामले में समझौता कराने के लिए दर्ज किए जा रहे मुकदमों की पड़ताल कराई जाएगी। मुकदमा फर्जी पाए जाने पर विवेचना अधिकारी और थानेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के एक मामले में हत्या का केस दर्ज कराने वाले शख्स के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज करा दिया गया। उसने एडीजी जोन के आफिस में इसकी शिकायत की है। इसी तरह अलीगढ़ के खैर के जानलेवा हमले के मामले में जैसे ही कोर्ट में गवाही की बारी आई, वैसे ही गवाह पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। आगरा के पिनाहट से भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है।
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एडीजी अजय आनंद ने बताया कि ऐसी तमाम शिकायतों की जांच के लिए संबंधित जिलों के एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी हिदायत दी गई है कि गवाहों को प्रभावित करने या किसी मामले में समझौता कराने के लिए दर्ज किए जा रहे मुकदमों की पड़ताल कराई जाएगी। मुकदमा फर्जी पाए जाने पर विवेचना अधिकारी और थानेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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