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80 लाख की डकैती में आयकर विभाग ने मांगी डिटेल
80 लाख की डकैती में आयकर विभाग ने मांगी डिटेल
Updated Tue, 27 Dec 2016 01:15 AM IST
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फीरोजाबाद के सिरसागंज में दिल्ली के बिल्डर प्रमोद गुप्ता के ड्राइवर से हुई 80 लाख की डकैती मामले में आयकर विभाग ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। एसएसपी को पत्र भेजकर प्रमोद गुप्ता का पता और फोन नंबर समेत तमाम डिलेट मांगी गई है। माना जा रहा है कि आयकर विभाग के अधिकारी उनसे रकम के बारे में सवाल जवाब करेंगे। उधर इस मामले में दो सिपाहियों समेत छह आरोपियों में से पुलिस अभी तक एक की भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है ।
प्रमोद गुप्ता दिल्ली के सर्वप्रिय नगर के रहने वाले हैं। उनके ड्राइवर अशोक से सिरसागंज में एक दिसंबर को 80 लाख लूटे गए थे। इसकी साजिश उनके दूसरे ड्राइवर सचिन ने रची थी। लूट का आरोप आगरा ट्रैफिक पुलिस के सिपाही राघवेंद्र और भारत मिश्रा पर है। दोनों निलंबित किए जा चुके हैं।
इस घटना की सूचना 17 दिसंबर को दी गई थी। रिपोर्ट डकैती की धारा में दर्ज कराई गई थी। इसमें सचिन, राघवेंद्र और भारत के अलावा तीन आरोपी अज्ञात हैं। हालांकि रिपोर्ट में लुटी रकम 25 लाख बताई गई थी लेकिन पुलिस को पहली सूचना 80 लाख की ही मिली थी। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग बिल्डर से पूछताछ करना चाहता है।
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उनसे पूछा जा सकता है कि इतनी रकम कहां से आई और इसे कानपुर क्यों ले जाया जा रहा था। बता दें, प्रमोद गुप्ता ने बताया था कि पैसा कानपुर स्थित उनकी फैक्ट्री में ले जाया जा रहा था।
फरार सिपाही हाथ नहीं आया
आगरा। मथुरा के बल्देव के व्यापारी कन्हैया से 4.25 लाख की लूट करने के मामले में फरार चल रहे यूपी-100 के सिपाही मुकेश की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस मामले में दो सिपाही जेल जा चुके हैं। इन तीनों ने कन्हैया से आगरा के लोहामंडी के पंचकुइयां चौराहे पर 4.25 लाख रुपये लूटे थे। हालांकि एफआईआर दर्ज कराने के बाद कन्हैया ने लिखकर दे दिया था कि पुलिस ने उसे लूटा नहीं, बल्कि नसीहत दी थी। माना जा रहा है कि उसने डर के चलते ऐसा लिखकर दिया।
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प्रमोद गुप्ता दिल्ली के सर्वप्रिय नगर के रहने वाले हैं। उनके ड्राइवर अशोक से सिरसागंज में एक दिसंबर को 80 लाख लूटे गए थे। इसकी साजिश उनके दूसरे ड्राइवर सचिन ने रची थी। लूट का आरोप आगरा ट्रैफिक पुलिस के सिपाही राघवेंद्र और भारत मिश्रा पर है। दोनों निलंबित किए जा चुके हैं।
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इस घटना की सूचना 17 दिसंबर को दी गई थी। रिपोर्ट डकैती की धारा में दर्ज कराई गई थी। इसमें सचिन, राघवेंद्र और भारत के अलावा तीन आरोपी अज्ञात हैं। हालांकि रिपोर्ट में लुटी रकम 25 लाख बताई गई थी लेकिन पुलिस को पहली सूचना 80 लाख की ही मिली थी। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग बिल्डर से पूछताछ करना चाहता है।
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उनसे पूछा जा सकता है कि इतनी रकम कहां से आई और इसे कानपुर क्यों ले जाया जा रहा था। बता दें, प्रमोद गुप्ता ने बताया था कि पैसा कानपुर स्थित उनकी फैक्ट्री में ले जाया जा रहा था।
फरार सिपाही हाथ नहीं आया
आगरा। मथुरा के बल्देव के व्यापारी कन्हैया से 4.25 लाख की लूट करने के मामले में फरार चल रहे यूपी-100 के सिपाही मुकेश की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस मामले में दो सिपाही जेल जा चुके हैं। इन तीनों ने कन्हैया से आगरा के लोहामंडी के पंचकुइयां चौराहे पर 4.25 लाख रुपये लूटे थे। हालांकि एफआईआर दर्ज कराने के बाद कन्हैया ने लिखकर दे दिया था कि पुलिस ने उसे लूटा नहीं, बल्कि नसीहत दी थी। माना जा रहा है कि उसने डर के चलते ऐसा लिखकर दिया।