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प्रधान और सचिव ने किया 9.84 लाख का घोटाला
Updated Thu, 13 Dec 2018 07:11 PM IST
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मैनपुरी। जिला पंचायत राज विभाग में घोटालों की लिस्ट दिन व दिन लंबी होती जा रही है। हर रोज एक नया घोटाला सामने आ जाता है। इस बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने शौचालय निर्माण के लिए आई लाखों की धनराशि निकाल कर खर्च कर ली। मामला खुला तो कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
विकास खंड जागीर के गांव मेरापुर खिदरपुर में वर्ष 2015-16 में 101 व वर्ष 2016-17 में नौ शौचालयों के निर्माण के लिए कुल 13 लाख 20 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई थी। खंड विकास अधिकारी ने जब गांव को ओडीएफ करने के लिए शौचालयों का सत्यापन किया तो गांव में 20 शौचालय अपूर्ण, चार लाभार्थी द्वारा स्वयं निर्मित व 58 शौचालय कहीं मिले ही नहीं। इस तरह कुल 82 शौचालयों की 9.84 लाख रुपये के घोटाले का मामला खुला।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बीडीओ की रिपोर्ट पर तत्कालीन पंचायत सचिव जितेंद्र सिंह को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर ग्राम प्रधान ऊषा देवी व पंचायत सचिव जितेंद्र सिंह को दोषी मानते हुए धनराशि की रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें से चार लाख 92 हजार की धनराशि ग्राम प्रधान से व इतनी ही धनराशि पंचायत सचिव से वसूल की जाएगी। धनराशि जमा न करने पर डीपीआरओ ने इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी जारी किए हैं।
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जांच में मामला खुला है। बीडीओ की आख्या से साफ है कि शौचालयों की धनराशि का गबन किया गया है। मामले में कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया गया है।
यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ, मैनपुरी।
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विकास खंड जागीर के गांव मेरापुर खिदरपुर में वर्ष 2015-16 में 101 व वर्ष 2016-17 में नौ शौचालयों के निर्माण के लिए कुल 13 लाख 20 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई थी। खंड विकास अधिकारी ने जब गांव को ओडीएफ करने के लिए शौचालयों का सत्यापन किया तो गांव में 20 शौचालय अपूर्ण, चार लाभार्थी द्वारा स्वयं निर्मित व 58 शौचालय कहीं मिले ही नहीं। इस तरह कुल 82 शौचालयों की 9.84 लाख रुपये के घोटाले का मामला खुला।
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जिला पंचायत राज अधिकारी ने बीडीओ की रिपोर्ट पर तत्कालीन पंचायत सचिव जितेंद्र सिंह को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर ग्राम प्रधान ऊषा देवी व पंचायत सचिव जितेंद्र सिंह को दोषी मानते हुए धनराशि की रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें से चार लाख 92 हजार की धनराशि ग्राम प्रधान से व इतनी ही धनराशि पंचायत सचिव से वसूल की जाएगी। धनराशि जमा न करने पर डीपीआरओ ने इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी जारी किए हैं।
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जांच में मामला खुला है। बीडीओ की आख्या से साफ है कि शौचालयों की धनराशि का गबन किया गया है। मामले में कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया गया है।
यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ, मैनपुरी।