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युवक के अंतिम संस्कार को लेकर भिड़े परिवारीजन
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:46 PM IST
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आगरा। मलपुरा में शनिवार शाम को सड़क हादसे में मारे गए बिजली मिस्त्री का अंतिम संस्कार करने को लेकर घरवाले और ससुरालीजन आमने-सामने आ गए। पोस्टमार्टम हाउस पर काफी देर तक हंगामा हुआ।
मूलरूप से फिरोजाबाद के गांव अकबरपुर निवासी राकेश (30) पुत्र हीरालाल बिजली मैकेनिक था। शनिवार शाम को वह मलपुरा के गांव जखौदा से काम करके बाइक से घर लौट रहा था। न्यू दक्षिणी बाईपास पर रोहता की तरफ से आए एक ट्रक की चपेट में आ गया।
ट्रक के साथ सौ मीटर तक घिसटता चला गया था। उसकी मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने बताया कि राकेश कई साल से पत्नी मीना के मायके के पास नुनिहाई में किराये पर कमरा लेकर रह रहा था। अपने घर भी नहीं गया था। घटना की जानकारी पर रविवार को राकेश के गांव से परिवारीजन आ गए।
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उधर, मीना के घरवाले भी मौजूद थे। राकेश के शव को उसके परिवारीजन गांव अकबरपुर ले जाना चाहते थे। मगर, उसकी पत्नी का कहना था कि कई साल से ससुरालियों ने कोई रिश्ता नहीं रखा है तो वह शव को क्यों ले जाएंगे? वह अंतिम संस्कार यहीं करेगी।
मीना पति के शव को एंबुलेंस में रखकर ले जाने लगी। मगर, उसके ससुराली सामने आ गए। उन्होंने रास्ता रोक लिया। इस पर विवाद होने लगा। बाद में शव को एंबुलेंस से निकालकर एक मेटाडोर में रख लिया गया। इस बार राकेश के घरवाले ले जाने लगा। इस पर पत्नी ने हंगामा कर दिया। एक घंटे तक विवाद चलता रहा। बाद में अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने पर बात बनी।
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मूलरूप से फिरोजाबाद के गांव अकबरपुर निवासी राकेश (30) पुत्र हीरालाल बिजली मैकेनिक था। शनिवार शाम को वह मलपुरा के गांव जखौदा से काम करके बाइक से घर लौट रहा था। न्यू दक्षिणी बाईपास पर रोहता की तरफ से आए एक ट्रक की चपेट में आ गया।
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ट्रक के साथ सौ मीटर तक घिसटता चला गया था। उसकी मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने बताया कि राकेश कई साल से पत्नी मीना के मायके के पास नुनिहाई में किराये पर कमरा लेकर रह रहा था। अपने घर भी नहीं गया था। घटना की जानकारी पर रविवार को राकेश के गांव से परिवारीजन आ गए।
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उधर, मीना के घरवाले भी मौजूद थे। राकेश के शव को उसके परिवारीजन गांव अकबरपुर ले जाना चाहते थे। मगर, उसकी पत्नी का कहना था कि कई साल से ससुरालियों ने कोई रिश्ता नहीं रखा है तो वह शव को क्यों ले जाएंगे? वह अंतिम संस्कार यहीं करेगी।
मीना पति के शव को एंबुलेंस में रखकर ले जाने लगी। मगर, उसके ससुराली सामने आ गए। उन्होंने रास्ता रोक लिया। इस पर विवाद होने लगा। बाद में शव को एंबुलेंस से निकालकर एक मेटाडोर में रख लिया गया। इस बार राकेश के घरवाले ले जाने लगा। इस पर पत्नी ने हंगामा कर दिया। एक घंटे तक विवाद चलता रहा। बाद में अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने पर बात बनी।