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पुलिस लाइन के पास तीन बच्चों का अपहरण होने से बचा
अमर उजाला ब्यूरो, अागरा
Updated Wed, 16 Mar 2016 02:01 AM IST
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अपहरण
- फोटो : demo
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पुलिस लाइन के पास मोहल्ला नगला मोहन से मंगलवार दोपहर करीब एक बजे तीन बच्चों का अपहरण होने से बच गया। एक अधेड़ ने तीनों को पकड़ने की कोशिश की। वे भागे तो दौड़कर पकड़ लिया। उनके ऊपर कंबल डाल दिया और खींचकर ले जाने लगा। उनके शोर मचाने पर आए तीन युवकों ने उन्हें उससे छुड़ाया। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई की और पुलिस को बुलाकर उसके सुपुर्द कर दिया। पुलिस का कहना है कि वह मनोरोगी प्रतीत हो रहा है।
अपहरण से बचाए गए छात्र पास के ही चित्रगुप्त बाल विद्या मंदिर में पढ़ते हैं। ये मुकेश का 11 साल का बेटा गौरव सोनी ( कक्षा पांच ), राजकुमार का 12 साल का बेटा अश्वनी ( कक्षा पांच ) और दीपेंद्र की छह साल की बेटी कशिश (कक्षा एक) के हैं। तीनों बच्चे स्कूल से पैदल ही घर के नजदीक पहुंचे थे, तभी साधु वेष में आए अधेड़ ने उन्हें पकड़ लिया। उनकेऊपर कंबल डाल लिया। उन्हें खींचकर ले जाने लगा। बच्चों की चीख सुन युवक निदेश, मनोज और अमित पहुंच गए। उन्होंने बच्चों को अधेड़ से छुड़ाया। इसके बाद और लोग आ गए। अधेड़ की पिटाई कर शाहगंज थाना की पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस ने बताया कि वह अपना नाम नहीं बता पा रहा है, व्यवहार से मनोरोगी प्रतीत हो रहा है।
पहले भी हो चुका प्रयास
कालोनी के वीरेंद्र ने बताया कि महीने भर पहले एक युवक चित्रगुप्त बाल विद्यालय में ही पहुंचा था। वह उनकी कक्षा दो में पढ़ने वाली उनकी पोती चंचल और कंचन के बारे में पूछताछ कर रहा था लेकिन उस दिन दोनों स्कूल नहीं गई थी। वीरेंद्र ने बताया कि उन्हें लगता है कि वह युवक उनका अपहरण करने ही आया था।
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अपहरण से बचाए गए छात्र पास के ही चित्रगुप्त बाल विद्या मंदिर में पढ़ते हैं। ये मुकेश का 11 साल का बेटा गौरव सोनी ( कक्षा पांच ), राजकुमार का 12 साल का बेटा अश्वनी ( कक्षा पांच ) और दीपेंद्र की छह साल की बेटी कशिश (कक्षा एक) के हैं। तीनों बच्चे स्कूल से पैदल ही घर के नजदीक पहुंचे थे, तभी साधु वेष में आए अधेड़ ने उन्हें पकड़ लिया। उनकेऊपर कंबल डाल लिया। उन्हें खींचकर ले जाने लगा। बच्चों की चीख सुन युवक निदेश, मनोज और अमित पहुंच गए। उन्होंने बच्चों को अधेड़ से छुड़ाया। इसके बाद और लोग आ गए। अधेड़ की पिटाई कर शाहगंज थाना की पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस ने बताया कि वह अपना नाम नहीं बता पा रहा है, व्यवहार से मनोरोगी प्रतीत हो रहा है।
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पहले भी हो चुका प्रयास
कालोनी के वीरेंद्र ने बताया कि महीने भर पहले एक युवक चित्रगुप्त बाल विद्यालय में ही पहुंचा था। वह उनकी कक्षा दो में पढ़ने वाली उनकी पोती चंचल और कंचन के बारे में पूछताछ कर रहा था लेकिन उस दिन दोनों स्कूल नहीं गई थी। वीरेंद्र ने बताया कि उन्हें लगता है कि वह युवक उनका अपहरण करने ही आया था।
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