{"_id":"5b4251ea4f1c1b9d468b55da","slug":"153107300016-tundla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापता युवक फांसी पर लटका मिला, हत्या का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लापता युवक फांसी पर लटका मिला, हत्या का आरोप
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
दुखी परिवारीजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टूंडला (फिरोजाबाद)। थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव घुरुकुंआ से लापता युवक रविवार को यमुना किनारे पेड़ पर फांसी पर लटका मिला। परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। एक्सपर्ट टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भेजा है।
बताए अनुसार गांव घुरुकुंआ निवासी वीरेंद्र सिंह (30) पुत्र स्वर्गीय मुरारीलाल 14 मई से लापता था। तब परिजनों ने गांव के कुछ लोगों के विरुद्ध तहरीर दी थी। रविवार दोपहर गांव के लोगों ने सूचना दी कि वीरेंद्र का शव यमुना किनारे नीम के पेड़ पर लटका है।
दौड़ते हुए परिजन और ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे। इस बीच सूचना पाकर पुलिस व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम भी पहुंच गई। मृतक के भाई भारत सिंह, जवाहर सिंह, कुंवर सिंह आदि ने आरोप लगाया है कि उनके भाई वीरेंद्र से गांव के कुछ लोग जमीन हड़पना चाहते थे।
विज्ञापन
इसके लिए उनकी मां कपूरीदेवी ने वीरेंद्र को अगवा करने और जान को खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने उस दौरान कोई कार्रवाई नहीं की। भाइयों का आरोप है कि उसके भाई ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि उसकी हत्या की गई है।
पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकता था युवक
परिजनों का कहना है कि मृतक वीरेंद्र को घर से गांव के ही युवक ले गए थे। उसके घर न लौटने पर मां कर्पूरीदेवी ने उन लोगों से पूछताछ की थी। उनकी धमकी के बाद बेटे की बरामदगी के लिए पुलिस में तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि यदि पुलिस सजग होती और आरोपियों पर कार्रवाई करती तो वीरेंद्र की जान बच सकती थी।
एक्सपर्ट टीम और पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी, नगला सिंघी
विज्ञापन
बताए अनुसार गांव घुरुकुंआ निवासी वीरेंद्र सिंह (30) पुत्र स्वर्गीय मुरारीलाल 14 मई से लापता था। तब परिजनों ने गांव के कुछ लोगों के विरुद्ध तहरीर दी थी। रविवार दोपहर गांव के लोगों ने सूचना दी कि वीरेंद्र का शव यमुना किनारे नीम के पेड़ पर लटका है।
विज्ञापन
दौड़ते हुए परिजन और ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे। इस बीच सूचना पाकर पुलिस व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम भी पहुंच गई। मृतक के भाई भारत सिंह, जवाहर सिंह, कुंवर सिंह आदि ने आरोप लगाया है कि उनके भाई वीरेंद्र से गांव के कुछ लोग जमीन हड़पना चाहते थे।
विज्ञापन
इसके लिए उनकी मां कपूरीदेवी ने वीरेंद्र को अगवा करने और जान को खतरा बताया था, लेकिन पुलिस ने उस दौरान कोई कार्रवाई नहीं की। भाइयों का आरोप है कि उसके भाई ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि उसकी हत्या की गई है।
पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकता था युवक
परिजनों का कहना है कि मृतक वीरेंद्र को घर से गांव के ही युवक ले गए थे। उसके घर न लौटने पर मां कर्पूरीदेवी ने उन लोगों से पूछताछ की थी। उनकी धमकी के बाद बेटे की बरामदगी के लिए पुलिस में तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि यदि पुलिस सजग होती और आरोपियों पर कार्रवाई करती तो वीरेंद्र की जान बच सकती थी।
एक्सपर्ट टीम और पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच रिपोर्ट व तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी, नगला सिंघी