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थाने में रौब दिखाना नेताजी को पड़ा भारी
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:18 PM IST
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मैनपुरी। किसी मामले में मंगलवार देर रात थाने पहुंचे भाजपा नेता ने जब सिपाही से दबंगई दिखाई तो पुलिस ने उन्हें सबक सिखा दिया। आरोप है कि इसके बाद देखलेने की धमकी हुए वे थाने से चले गए। बाद में कई वरिष्ठ नेता मामले को लेकर सीओ से मिले। इसके बाद मामला रफा-दफा हो गया।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात को पुलिस किसी मामले में कुछ लोगों को पकड़ कर थाने लाई थी। इसके कुछ देर बाद अपने को भाजपा का नेता बताने वाला युवक थाने पहुंचा। पहले तो उसने इंस्पेक्टर पर ओहदे का रोेब जमाना चाहा। आरोप है कि जब बात नहीं बनी तो वह थाने में मौजूद सिपाही से ही भिड़ गया।
इस पर पुलिस ने भी डंडा उठाया और नेता को अपनी भाषा में सबक सिखाया। बेइज्जत होने के बाद नेता देख लेने की धमकी देते हुए चला गया। बुधवार सुबह जब पार्टी के नेताओं को इस बात की जानकारी हुई तो सभी विरोध दर्ज कराने थाने पहुंच गए। सीओ सिटी को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
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काफी देर तक चली वार्ता के बाद मामला रफा-दफा हो गया। हालांकि पुलिस की पिटाई खाने वाले नेता व पुलिस से मुलाकात करने पहुंचे नेताओं की सीओ से क्या बात हुई इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
भाजपा नेताओं की थाने में दबंगई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व स्टेशन रोड से पकडे़ गए छह जुआरियों को रात में एक भाजपा नेत्री छुड़ा ले गईं थीं। वहीं एक दलित भाजपा नेता तो नौकरी के नाम पर लोगों से रुपये ठगने व पीड़ित को शिकायत न करने को धमकाने के लिए चर्चा में है।
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सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात को पुलिस किसी मामले में कुछ लोगों को पकड़ कर थाने लाई थी। इसके कुछ देर बाद अपने को भाजपा का नेता बताने वाला युवक थाने पहुंचा। पहले तो उसने इंस्पेक्टर पर ओहदे का रोेब जमाना चाहा। आरोप है कि जब बात नहीं बनी तो वह थाने में मौजूद सिपाही से ही भिड़ गया।
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इस पर पुलिस ने भी डंडा उठाया और नेता को अपनी भाषा में सबक सिखाया। बेइज्जत होने के बाद नेता देख लेने की धमकी देते हुए चला गया। बुधवार सुबह जब पार्टी के नेताओं को इस बात की जानकारी हुई तो सभी विरोध दर्ज कराने थाने पहुंच गए। सीओ सिटी को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
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काफी देर तक चली वार्ता के बाद मामला रफा-दफा हो गया। हालांकि पुलिस की पिटाई खाने वाले नेता व पुलिस से मुलाकात करने पहुंचे नेताओं की सीओ से क्या बात हुई इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
भाजपा नेताओं की थाने में दबंगई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व स्टेशन रोड से पकडे़ गए छह जुआरियों को रात में एक भाजपा नेत्री छुड़ा ले गईं थीं। वहीं एक दलित भाजपा नेता तो नौकरी के नाम पर लोगों से रुपये ठगने व पीड़ित को शिकायत न करने को धमकाने के लिए चर्चा में है।